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बांध लबालब फिर भी शहर में पानी की समस्या

Thu, 17 Sep 2020 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2020 12:39 AM IST
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Matatela dam water over, after that problem in city
Matatela dam water over, after that problem in city
झांसी। माताटीला बांध लबालब भरा होने के बाद भी बबीना जल शोधन केंद्र से झांसी शहर को कम पानी मिल रहा है। पिछले पंद्रह दिन से ऐसी स्थिति बनी हुई है। मंगलवार की रात पानी की कमी से टंकियां नहीं भर सकीं। सिविल लाइन व सीपरी बाजार टंकी से सुबह के वक्त बिल्कुल भी जलापूर्ति भी नहीं हो सकी। दूसरी टंकियों से भी निर्धारित से आधे वक्त ही सप्लाई दी जा सकी। इससे लोग परेशान रहे। वहीं, इस स्थिति के लिए जलनिगम और जलसंस्थान के अधिकारी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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माताटीला बांध से आने वाली राइजिंग पाइप लाइन से पहले बबीना जल शोधन केंद्र तक कच्चा पानी लाया जाता है। यहां पर पानी की सफाई होने के बाद उसे झांसी व रास्ते में पड़ने वाले भेल, एमईएस, हंसारी व दूसरे बड़े कनेक्शनों को दिया जाता है। इन दिनों बरसात के पानी से बांध भरने के बाद कच्चे पानी मटमैला अधिक आ रहा है। जलशोधन केंद्र में बने आठ बैड (हौद) में पानी साफ होता है। इन दिनों पानी सफाई में ज्यादा वक्त लग रहा है। इससे झांसी शहर को 70 एमएलडी (सात सौ करोड़ लीटर) की जगह 65 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। मंगलवार की रात तो बबीना से बेहद कम पानी मिल सका। इससे शहर की अधिकांश टंकियां आधी भी नहीं भर सकी। सिविल लाइन व सीपरी बाजार टंकी तक तो बिलकुल पानी नहीं
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पहुंचा। इससे बुधवार को शहर में पानी का संकट बना रहा। सबसे अधिक सिविल लाइन, इलाइट, स्टेशन मार्ग, झोकन बाग, जीवनशाह तिराहा, मिशन कंपाउंड, शारदा हिल्स कॉलोनी, बीकेडी, सीपरी बाजार के टंडन रोड, चित्रा चौराहा, मसीहागंज, कोयला वाली गली व आसपास क्षेत्र के लोग बेहद ज्यादा परेशान रहे।
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- मैंने आज शहर व बबीना तक के सभी वाल्व अधीनस्थ अधिकारियों के साथ चेक किए। साथ ही बिजौली में लगे पानी नापने के मीटर पर अपना कर्मचारी बिठा दिया है, ताकि हर घंटे पता लगता रहे कि बबीना से कितना पानी मिल रहा है। जो पानी मिल रहा है उसकी हर तरह से निगरानी की जा रही है।

कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
- बांध से मिल रहे कच्चे पानी में मिट्टी अधिक आ रही है, जिसकी सफाई में वक्त लग रहा है। इस सफाई में भी पानी खर्च होता है। मगर इसके बाद भी हम पूरा पानी शहर को देने की कोशिश कर रहे हैं। जलसंस्थान के वाल्व खोलने की व्यवस्था में ही कहीं पर खामी है, जिसको वे दूर नहीं कर रहे हैं। नरेंद्र वर्मा, अधिशासी अभियंता, जलनिगम।
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