फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Mastani sacrifise love story hear eyes tier come

छत्रसाल की बेटी मस्तानी की प्यार के लिए दिए गए बलिदान की कहानी नम कर देती हैं आंखें

Sun, 14 Feb 2021 01:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2021 01:20 AM IST
विज्ञापन
Mastani sacrifise love story hear eyes tier come
Mastani sacrifise love story hear eyes tier come - फोटो : DEHAT
झांसी। मस्तानी ओरछा राजघराने की पन्ना रियासत के राजा छत्रसाल की दूसरी पत्नी नृत्यांगना रुहानी बेगम की बेटी थी, इस कारण उसे बुंदेला राजवंश ने कभी अपना नहीं माना, वहीं बाजीराव पेशवा प्रथम से शादी हो जाने के बाद नृत्यांगना मां की बेटी होने के कारण उसकी ससुराल पुणे के मराठा राजघराने ने भी उसे स्वीकार नहीं किया। बाजीराव पेशवा से वह इस हद तक प्यार करती थीं कि उनकी मौत के बाद मस्तानी ने भी जहर खाकर जाने दे दी थी। बुंदेलखंड की इस बेटी को देश बाजीराव मस्तानी के नाम से भी जानता है।
विज्ञापन

इस संबंध में इतिहासकार डा. दिनेश मांझी बताते हैं कि मस्तानी सुंदरता की प्रतिमूर्ति थी। नृत्यकला व गायन में जितनी प्रवीण थी उतनी ही युद्धकला में भी। मस्तानी की जान दुश्मन तो कभी नहीं ले सके, पर मराठा राजवंश की कलह और बाजीराव पेशवा की मौत के बाद मस्तानी ने जहर खाकर खुद ही मौत का रास्ता चुन लिया था। मांझी ने बताया कि यह वाकया है सत्रहवीं सदी का। बुंदेलखंड के विस्तार का परचम फहराने वाले राजा छत्रसाल बुंदेला अब वृद्ध हो चले थे। वीरता के क्षेत्र में छत्रसाल का जितना नाम था, इसके उलट उनके दोनों बेटे उतने ही नाकारा और रासरंग में डूबे रहने वाले थे। मुगलों ने मौका भांपकर मोहम्मद वंगश को बुंदेलखंड पर आक्रमण करने के लिए भेज दिया। मुगल सेना ने चारों तरफ से घेरा डालकर बूढ़े छत्रसाल को बेलाताल के किले में कैद कर दिया, तब छत्रसाल ने अपने खास दूत से एक चिट्ठी पुणे के पेशवा बाजीराव प्रथम को भेजकर उसमें लिखा था, जो गति भई गजेंद्र की, सो गति भई है आज, बाजी जात बुंदेल की राखो बाजीराव। पत्र मिलते ही बाजीराव ने मुगल सेना को दो तरफ से घेर लिया। एक तरफ से बुंदेली सेना थी तो दूसरी तरफ से बाजीराव पेशवा की मराठा सेना ने धावा बोला। वंगश की मुगलिया सेना को खदेड़ दिया गया था। इस विजय से खुश होकर छत्रसाल ने बाजीराव पेशवा (प्रथम) से कहा कि आज आपने बुंदेलखंड की हारती बाजी को जीत में बदल दिया है, आप जो चाहें सो मांग लें। बाजीराव ने कहा कि आपके दो बेटे पहले से हैं अब मैं आपका तीसरा बेटा हो गया हूं। छत्रसाल ने अपने राज्य का एक तिहाई हिस्सा झांसी, कौंच, जालौन और सागर बाजीराव को दे दिया था।
विज्ञापन

इसके अलावा उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी रुहानी बेगम की बेटी मस्तानी के साथ बाजीराव की शादी करके उनसे रिश्ता कायम कर लिया था। इस संबंध में मऊ सहानियां के सीनियर गाइड आशुतोष महाशब्दे बताते हैं कि मस्तानी की मां नृत्यांगना थी, इस कारण बुंदेला राजघराने ने खून का रिश्ता होने के बाद भी उन्हें कभी अपना नहीं माना, वह हमेशा तिरस्कृत रहीं। मस्तानी को इस तिरस्कार से बचाने के लिए छत्रसाल ने बुंदेलखंड के कसबा मऊ सहानिया में मस्तानी महल का निर्माण कराया था, जहां मस्तानी का बचपन बीता। पर, शादी के बाद भी मस्तानी की मुश्किलें कम नहीं हुईं, ससुराल पुणे पहुंचने पर मुस्लिम मां की बेटी होने के कारण बाजीराव पेशवा के मराठा ब्राह्मण परिवार ने उन्हें अस्वीकार कर दिया, तब बाजीराव पेशव को भी पुणे में अलग से मस्तानी महल का निर्माण करना पड़ा था। बाजीराव पेशवा से मस्तानी इस हद तक प्रेम करती थी कि मुगलों के साथ हुए कई युद्धों में वह बाजीराव के साथ स्वयं युद्ध लड़ने पहुंचीं। जंग के मैदान में उन्हें हमेशा जीत मिली पर मराठा राजघराने के अंदर चलने वाली जंग ने न केवल मस्तानी बल्कि बाजीराव पेशवा को भी तोड़कर रख दिया। बाजीराव बीमार रहने लगे, सत्ता पर पकड़ कमजोर होते ही बाजीराव के छोटे भाई सत्ता पर काबिज हो गए। मस्तानी को कैद करके उसकी हत्या का प्रयास किया गया। वह किसी तरह से जान बचाकर पाबल गांव पहुंच गईं, पर यहां भी मराठा सेना ने उन्हें घेरकर किले में कैद कर दिया। उधर, पुणे के पास रावरखेड़ी में गंभीर रूप से बीमार बाजीराव पेशवा ने मस्तानी को याद करते हुए दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही मस्तानी ने भी जहर खाकर जान दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed