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बाजार में फंसा तीन करोड़ का ‘बंपर’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:47 AM IST
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car, jhansi news
- फोटो : demo
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गाड़ियों पर लगने वाले बंपर पर सरकार की रोक के बाद व्यापारी परेशान हैं। महानगर में इलाइट और सदर बाजार इलाके में बंपर की करीब तीस दुकानें हैं, इनमें लगभग तीन करोड़ रुपये का माल रखा है। कंपनियों ने माल वापस लेने से इनकार कर दिया है, जिससे दुकानदारों को रकम डूबने की चिंता सता रही है।
तिपहिया व चार पहिया गाड़ियों में बंपर की डिमांड सबसे ज्यादा है। हादसे से बचने के लिए लोग नया वाहन खरीदने के बाद सबसे पहले उसमें बंपर लगवाते हैं। वाहनों से डंपर हटाने के नए आदेश से दुकानदारों मेें खलबली मची हुई है। शहर में इलाइट चौराहा व सदर बाजार में तीस दुकानेें हैं। दुकानों के साथ ही गोदामों पर डंपर का माल रखा हुआ है। ऐसे में बिक्री न होने से दुकानदारों को चिंता सताने लगी है। लोग बंपर लगवाने की बजाय हटवाने लगे हैं। दुकान व गोदामों पर बंपर का माल भरा रखा हुआ है। बंपर बंद होने की खबर मिलते ही दुकानदारों ने तुरंत कंपनियों से संपर्क साधा, लेकिन कंपनियों ने माल वापस लेने से साफ मना कर दिया है।
पन्द्रह हजार कीमत के हैं बंपर
बाजार में मुख्य रूप से तीन तरह के बंपर उपलब्ध हैं। स्टील के डंपर सबसे ज्यादा चलते हैं, लेकिन इसका वजन ज्यादा होता है। इसके साथ आजकल न्यू लुक और हल्के वजन के कारण फाइवर और रबर वाले डंपर की भी खूब मांग हैं। स्टील वाले बंपर की कीमत 12 सौ रुपये से शुरू होकर साढ़े तीन हजार तक जाती है। वहीं फाइवर और रबर बपर की रेंज 24 सौ से शुरू होकर 12 से 14 हजार तक है। दुकानदारों के अनुसार बंपर की डिमांड लगातार बढ़ने लगी थी। प्रतिदिन 10 से 15 बंपर वाहनों पर लगाने का काम करते थे। इसके लिए अलग से मिस्त्री व स्टाफ भी है, जो सिर्फ बंपर लगाने का काम करता है।
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रोजी रोटी पर पड़ेगा संकट
कार श्रंगार के संचालक पवन गुप्ता ने बताया कि करीब 30 ऐसे दुकानदार हैं जो कि कारों के सेफ गार्ड बेचते हैं। अब जो स्टॉक में हैं वह सब बेकार हो जाएंगे। इससे दुकानदारों को लाखों का नुकसान होगा। सजावट मोटर्स के संचालक राजेश का कहना है अब हम माल को कहां बेचेंगे। अगर रोक लगानी थी तो कुछ माह का समय मिल जाता, ताकि दुकानों पर जो माल रखा है उसकी तो बिक्री हो जाती।
गलत फैसला
लोगों की सुरक्षा के लिहाज से यह अच्छा फैसला नहीं है। इससे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर भी संकट आएगा। इस पर रोक हटना अति आवश्यक है। हमारा संगठन दुकानदारोें के साथ है।
किशन पंजाबी, अध्यक्ष, इलाइट चौराहा व्यापार मंडल
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तिपहिया व चार पहिया गाड़ियों में बंपर की डिमांड सबसे ज्यादा है। हादसे से बचने के लिए लोग नया वाहन खरीदने के बाद सबसे पहले उसमें बंपर लगवाते हैं। वाहनों से डंपर हटाने के नए आदेश से दुकानदारों मेें खलबली मची हुई है। शहर में इलाइट चौराहा व सदर बाजार में तीस दुकानेें हैं। दुकानों के साथ ही गोदामों पर डंपर का माल रखा हुआ है। ऐसे में बिक्री न होने से दुकानदारों को चिंता सताने लगी है। लोग बंपर लगवाने की बजाय हटवाने लगे हैं। दुकान व गोदामों पर बंपर का माल भरा रखा हुआ है। बंपर बंद होने की खबर मिलते ही दुकानदारों ने तुरंत कंपनियों से संपर्क साधा, लेकिन कंपनियों ने माल वापस लेने से साफ मना कर दिया है।
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पन्द्रह हजार कीमत के हैं बंपर
बाजार में मुख्य रूप से तीन तरह के बंपर उपलब्ध हैं। स्टील के डंपर सबसे ज्यादा चलते हैं, लेकिन इसका वजन ज्यादा होता है। इसके साथ आजकल न्यू लुक और हल्के वजन के कारण फाइवर और रबर वाले डंपर की भी खूब मांग हैं। स्टील वाले बंपर की कीमत 12 सौ रुपये से शुरू होकर साढ़े तीन हजार तक जाती है। वहीं फाइवर और रबर बपर की रेंज 24 सौ से शुरू होकर 12 से 14 हजार तक है। दुकानदारों के अनुसार बंपर की डिमांड लगातार बढ़ने लगी थी। प्रतिदिन 10 से 15 बंपर वाहनों पर लगाने का काम करते थे। इसके लिए अलग से मिस्त्री व स्टाफ भी है, जो सिर्फ बंपर लगाने का काम करता है।
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रोजी रोटी पर पड़ेगा संकट
कार श्रंगार के संचालक पवन गुप्ता ने बताया कि करीब 30 ऐसे दुकानदार हैं जो कि कारों के सेफ गार्ड बेचते हैं। अब जो स्टॉक में हैं वह सब बेकार हो जाएंगे। इससे दुकानदारों को लाखों का नुकसान होगा। सजावट मोटर्स के संचालक राजेश का कहना है अब हम माल को कहां बेचेंगे। अगर रोक लगानी थी तो कुछ माह का समय मिल जाता, ताकि दुकानों पर जो माल रखा है उसकी तो बिक्री हो जाती।
गलत फैसला
लोगों की सुरक्षा के लिहाज से यह अच्छा फैसला नहीं है। इससे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर भी संकट आएगा। इस पर रोक हटना अति आवश्यक है। हमारा संगठन दुकानदारोें के साथ है।
किशन पंजाबी, अध्यक्ष, इलाइट चौराहा व्यापार मंडल