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मकान का नक्शा पास करना हुआ मंहगा
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मकान का नक्शा पास कराना होगा महंगा
- ओबीपीएएस लागू होते ही छह रुपये प्रति वर्ग मीटर अतिरिक्त अदा करना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। लगातार महंगाई की मार झेल रहे लोगों का अब मकान बनाना और भी महंगा होने वाला है। झांसी विकास प्राधिकरण अब ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) को लागू करने जा रहा है। इस सिस्टम के तहत नक्शे (मानचित्र) को पास कराने के लिए छह रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अतिरिक्त देना होगा। साथ ही नक्शे की फीस भी अदा करना होगी। इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा।
इस सिस्टम के लागू होते ही शहर में बनने वाले व्यावसायिक व घरेलू मकान के नक्शे के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते ही साफ्टवेयर द्वारा नक्शे की कमियाें को तुरंत ही पकड़ लिया जाएगा। नक्शा पास होने पर शुल्क के अलावा भवन स्वामी को छह रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से कंपनी को भुगतान करना होगा। इसके साथ ही जेडीए में कंपनी के एक कर्मचारी की नियुक्ति होगी, जो किसी भी तरह की समस्या होने पर समाधान करेगा। झांसी, जालौन व बांदा विकास प्राधिकरण में ओबीपीएएस को लागू किया जा रहा है। ओबीपीएएस को लागू करने का फैसला पिछले साल लिया गया था, लेकिन सॉफ्टवेयर में हो रही देरी के कारण इसको लागू नही किया जा सका था। शुक्रवार को झांसी, बांदा व जालौन प्राधिकरण के कर्मचारियों को इस सिस्टम का प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत मानचित्र में किसी भी तरह की गलती होने पर मानचित्र स्वीकार नहीं होगा।
इस संबंध में जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि इस साफ्टवेयर के लागू होते ही मानवीय दखलंदाजी पूरी तरह से बंद होने के साथ ही लोगों को प्राधिकरण के चक्कर नहीं लगाने हाेंगे। समय पर ही मानचित्र पास किया जा सकेगा। आवेदक समय - समय पर मानचित्र की स्थिति को देख सकता है। आवेदक को छह रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
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ये होंगे फायदे
- मानचित्र पास करने के लिए कभी भी कहीं से भी आवेदन किया जा सकेगा।
- साफ्टवेयर खुद बताएगा नक्शे का शुल्क
- आवेदन की स्थिति का पता ऑनलाइन किया जा सकेगा।
- मानचित्र में किसी भी तरह की कमी नहीं होने पर 48 घंटे में नक्शा पास होगा।
- बड़े ग्रुप हाउसिंग, शॉपिंग मॉल और कामर्शियल नक्शे एक माह में होंगे।
- ई-मेल व एसएमएस से नक्शा पास होने की सूचना मिलेगी
ऐसे होगा आवेदन
आवेदक को सबसे पहले आवास विभाग द्वारा तैयार कराई गई वेबसाइट www.upobpas.com पर एक लॉग इन आईडी बनाना होगा। इसके लिए मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी की आवश्यकता होगी। इसके बाद लॉग इन कर भवन का प्रस्तावित नक्शा अपलोड कर उसकी पूरी जानकारी भरनी होगी। मानचित्र दाखिल करने के साथ ही आवेदक को एक पासवर्ड मिलेगा। इसके माध्यम से ऑनलाइन ही आवेदन की स्थिति का पता किया जा सकेगा। वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आवेदन करने की सुविधा मौजूद होगी।
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- ओबीपीएएस लागू होते ही छह रुपये प्रति वर्ग मीटर अतिरिक्त अदा करना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। लगातार महंगाई की मार झेल रहे लोगों का अब मकान बनाना और भी महंगा होने वाला है। झांसी विकास प्राधिकरण अब ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) को लागू करने जा रहा है। इस सिस्टम के तहत नक्शे (मानचित्र) को पास कराने के लिए छह रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अतिरिक्त देना होगा। साथ ही नक्शे की फीस भी अदा करना होगी। इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा।
इस सिस्टम के लागू होते ही शहर में बनने वाले व्यावसायिक व घरेलू मकान के नक्शे के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते ही साफ्टवेयर द्वारा नक्शे की कमियाें को तुरंत ही पकड़ लिया जाएगा। नक्शा पास होने पर शुल्क के अलावा भवन स्वामी को छह रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से कंपनी को भुगतान करना होगा। इसके साथ ही जेडीए में कंपनी के एक कर्मचारी की नियुक्ति होगी, जो किसी भी तरह की समस्या होने पर समाधान करेगा। झांसी, जालौन व बांदा विकास प्राधिकरण में ओबीपीएएस को लागू किया जा रहा है। ओबीपीएएस को लागू करने का फैसला पिछले साल लिया गया था, लेकिन सॉफ्टवेयर में हो रही देरी के कारण इसको लागू नही किया जा सका था। शुक्रवार को झांसी, बांदा व जालौन प्राधिकरण के कर्मचारियों को इस सिस्टम का प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत मानचित्र में किसी भी तरह की गलती होने पर मानचित्र स्वीकार नहीं होगा।
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इस संबंध में जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि इस साफ्टवेयर के लागू होते ही मानवीय दखलंदाजी पूरी तरह से बंद होने के साथ ही लोगों को प्राधिकरण के चक्कर नहीं लगाने हाेंगे। समय पर ही मानचित्र पास किया जा सकेगा। आवेदक समय - समय पर मानचित्र की स्थिति को देख सकता है। आवेदक को छह रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
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ये होंगे फायदे
- मानचित्र पास करने के लिए कभी भी कहीं से भी आवेदन किया जा सकेगा।
- साफ्टवेयर खुद बताएगा नक्शे का शुल्क
- आवेदन की स्थिति का पता ऑनलाइन किया जा सकेगा।
- मानचित्र में किसी भी तरह की कमी नहीं होने पर 48 घंटे में नक्शा पास होगा।
- बड़े ग्रुप हाउसिंग, शॉपिंग मॉल और कामर्शियल नक्शे एक माह में होंगे।
- ई-मेल व एसएमएस से नक्शा पास होने की सूचना मिलेगी
ऐसे होगा आवेदन
आवेदक को सबसे पहले आवास विभाग द्वारा तैयार कराई गई वेबसाइट www.upobpas.com पर एक लॉग इन आईडी बनाना होगा। इसके लिए मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी की आवश्यकता होगी। इसके बाद लॉग इन कर भवन का प्रस्तावित नक्शा अपलोड कर उसकी पूरी जानकारी भरनी होगी। मानचित्र दाखिल करने के साथ ही आवेदक को एक पासवर्ड मिलेगा। इसके माध्यम से ऑनलाइन ही आवेदन की स्थिति का पता किया जा सकेगा। वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आवेदन करने की सुविधा मौजूद होगी।