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स्वचालित लहचूरा बांध में हैं कई खूबियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:44 AM IST
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- फोटो : demo
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स्वचालित लहचूरा बांध कंट्रोल रूम की सभी गतिविधियां लखनऊ स्थित सिंचाई कमांड सेंटर एवं खंडीय अथवा उप खंडीय स्तर पर भी अधिकारी नियंत्रित कर सकेंगे।
अभी तक बांधों व बैराजों का संबंधित खंड, मंडल अथवा लखनऊ स्थित सिंचाई कमांड सेंटर तक कोई सीधा जुड़ाव नहीं है। इससे विद्युत दोष की जानकारी होना, कैचमेंट एरिया में भारी वर्षा से अचानक जलस्तर का बढ़ना, गेटों का संचालन अनुमानत: किया जाना, आवश्यकता से अधिक जल छोड़ा जाना आदि कार्य संबंधित कर्मियों द्वारा अनुमान लगाकर ही किए जाते रहे हैं। लहचूरा बांध को स्वचालन व्यवस्था (स्काडा सिस्टम) से जोड़ा गया है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए समय पर जल की उपलब्धता में बहुत सुविधा होगी। बांध पर बने कंट्रोल रूम की सभी गतिविधियां लखनऊ सिंचाई कमांड सेंटर व संबंधित अधिकारी अपने कार्यालय से ही नियंत्रित कर सकते हैं। साथ ही साइट पर तुरत निर्देश भेजे जा सकेंगे। इस बांध के हर महत्वपूर्ण स्थान, जैसे कंट्रोल रूम के उपकरणों की देखरेख, पूरे परिसर पर नजर एवं सुपरस्ट्रक्चर पर उपकरणों की देखरेख, बांध के पुल पर किसी भी व्यक्ति के आवागमन पर नजर, अर्जुन सहायक एवं धसान हेड रेगुलेटर के गेटों पर कंट्रोल रूम में बैठकर ही बांध पर लगाए गए उच्च क्षमता के सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा दो पीटी जेड कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनकी मदद से लखनऊ स्थित कमांड सेंटर व अन्य उच्चाधिकारी कहीं से भी ऑनलाइन लेकर 360 डिग्री घुमाकर पूरे परिसर में हो रही गतिविधियों को देख सकेंगे एवं कार्य स्थल पर कर्मचारियों को निर्देश दे सकेंगे।
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अभी तक बांधों व बैराजों का संबंधित खंड, मंडल अथवा लखनऊ स्थित सिंचाई कमांड सेंटर तक कोई सीधा जुड़ाव नहीं है। इससे विद्युत दोष की जानकारी होना, कैचमेंट एरिया में भारी वर्षा से अचानक जलस्तर का बढ़ना, गेटों का संचालन अनुमानत: किया जाना, आवश्यकता से अधिक जल छोड़ा जाना आदि कार्य संबंधित कर्मियों द्वारा अनुमान लगाकर ही किए जाते रहे हैं। लहचूरा बांध को स्वचालन व्यवस्था (स्काडा सिस्टम) से जोड़ा गया है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए समय पर जल की उपलब्धता में बहुत सुविधा होगी। बांध पर बने कंट्रोल रूम की सभी गतिविधियां लखनऊ सिंचाई कमांड सेंटर व संबंधित अधिकारी अपने कार्यालय से ही नियंत्रित कर सकते हैं। साथ ही साइट पर तुरत निर्देश भेजे जा सकेंगे। इस बांध के हर महत्वपूर्ण स्थान, जैसे कंट्रोल रूम के उपकरणों की देखरेख, पूरे परिसर पर नजर एवं सुपरस्ट्रक्चर पर उपकरणों की देखरेख, बांध के पुल पर किसी भी व्यक्ति के आवागमन पर नजर, अर्जुन सहायक एवं धसान हेड रेगुलेटर के गेटों पर कंट्रोल रूम में बैठकर ही बांध पर लगाए गए उच्च क्षमता के सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा दो पीटी जेड कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनकी मदद से लखनऊ स्थित कमांड सेंटर व अन्य उच्चाधिकारी कहीं से भी ऑनलाइन लेकर 360 डिग्री घुमाकर पूरे परिसर में हो रही गतिविधियों को देख सकेंगे एवं कार्य स्थल पर कर्मचारियों को निर्देश दे सकेंगे।
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