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कैनवास पर दिखीं दुल्हन बनी मनु
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 May 2017 01:33 AM IST
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rani laxmibai
- फोटो : amar ujala
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श्रीमंत महाराज गंगाधर राव और महारानी लक्ष्मीबाई के विवाहोत्सव की 175 वीं वर्षगांठ पर महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी की ओर से त्रिदिवसीय विवाहोत्सव समारोह का शुभारंभ बृहस्पतिवार से हुआ। विद्यार्थियों ने कै नवास पर रानी लक्ष्मीबाई के दुल्हन रूप को चित्रित कर अपने भावों को व्यक्त किया। इसके अलावा मंदिर में मेहंदी रचाने की रस्म व महिला संगीत भी हुआ।
विभिन्न विद्यालयों के 85 विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगों के माध्यम से चित्र बनाए, इनमें महाराजा को जयमाला डालती रानी, महाराष्ट्रीय वेशभूषा में दुल्हन रानी के कई चित्र बनाए। प्रतियोगिता के छात्रा ग्रुप में शिवानी वर्मा ने पहला, उर्वशी सिकौरिया ने दूसरा और आशि अग्रवाल ने तीसरा, छात्र ग्रुप में कबीर खाल्दी ने पहला, वैभव चंद्रा ने दूसरा और सार्थक गुप्ता ने तीसरा स्थान हासिल किया। निर्णायकों में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान की विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता पांडेय, चित्रकार राकेश वर्मा, किशन सोनी रहे।
शाम को रानी की मेहंदी नाटिका का मंचन हुआ, जिसमें गहोई महिला जागृति मंच क्लब की सदस्याओं ने मेहंदी की रस्म निभाई। मंचन के बाद 19 मई को रानी झांसी का स्वरूप बनने वाली बालिका के हाथों में मेहंदी रचाई गई। इसके बाद महिला संगीत में महिलाओं ने पारंपरिक वैवाहिक गीत गाए। मेहंदी संगीत, नाटिका मंचन, गणेश वंदना, शिवांगी गुप्ता, ईशा एंड पार्टी, वर्षिका नाहर, भक्ति पुरंदरे, वंशिका गुप्ता, गौरी अग्रवाल, अनन्या अग्रवाल, ईशा साहू ने प्रस्तुत किया।
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श्रीमंत गंगाधर राव की निकलेगी बारात आज
महाराजा गंगाधर की भव्य बारात शोभायात्रा शाम 4 बजे से रानी लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से निकलेगी, जो पूरे शहर में भ्रमण करेगी। बारात के स्वागत के लिए महानगर के प्रमुख बाजारों में तोरण द्वार बनाए गए है। वहीं बारात से पूर्व महाराष्ट्र समाज की महिलाएं नौ गज की साड़ी में मराठी पद्धति के आभूषण पहनकर एलवीएम में श्रीमंत महाराज के स्वरूप का तिलक कर आरती उतारेगी। दूध फैनी व पान खिलाने के बाद मराठा पुणेशाही पगड़ी पहनाकर महाराजा को बग्गी पर बिठाया जाएगा। इसके बाद गणमान्य नागरिक महाराज का तिलक करेंगे। नगर भ्रमण के बाद बारात श्री गणेश मंदिर में पहुंचेगी। यहां श्रीमंत महाराज का सीमांत पूजन विधि का मंचन होगा।
महाराज व महारानी को पेश करेंगे नजराने
गणेश मंदिर में महाराष्ट्र समाज के पुरोहित पं. गजानन खानवलकर और सहयोगी पं. उज्ज्वल देवधर के निर्देशन में बालिकाएं श्रीमंत महाराज व महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह का महाराष्ट्रीय पद्धति से मंगलाष्टक करेंगी। इसके बाद राजा और रानी को सिंहासन पर विराजमान कराया जाएगा, जिन्हें विभिन्न संगठनों के सदस्य नजराने पेश करेंगे। महिलाओें द्वारा हल्दी कुंकू किया जाएगा। पुरुषों को पान-सुपारी वितरित की जाएगी।
आस्था का प्रमुख केंद्र है गणेश मंदिर
मराठों ने अपने आराध्य गणपति भगवान का भव्य मंदिर पानी वाली धर्मशाला से सटकर बनवाया था, जिसके गर्भगृह में भगवान गणेश विग्रह ऋद्धि-सिद्धि के साथ विराजमान हैं। मंदिर में भगवान के समक्ष महाराजा गंगाधर राव और महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह की रस्में हुई थी। आज भी इस एतिहासिक मंदिर में महाराष्ट्र व अन्य समाजों के धार्मिक कार्यक्रम होते हैं और नगर वासियों की आस्था का मुख्य केंद्र है।
यह रहे मौजूद
मुकुंद महरोत्रा, गजानन खानवलकर, उज्ज्वल देवधर, राघव इंदापुरकर, राम किशन निरंजन, सुरेश खेर, अपूर्वा गोलवलकर, चित्रा पावणस्कर, मनमोहन गेड़ा, अनिल करंदीकर, समीर तिवारी, मिलिंद देसाई, अभिषेक जोशी, संजना गुप्ता, कल्पना खर्द, अमिता गुप्ता, निकिता श्रीवास्तव, अलका गेड़ा, रजनी गुप्ता, संगीता जोशी, वंदना पराडकर, अपर्णा जोशी, ज्योति, करुणा सरावगी, ममता नीखरा, मधु सेठ, रश्मि नगरिया, स्वप्निल मोदी आदि मौजूद रहे।
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विभिन्न विद्यालयों के 85 विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगों के माध्यम से चित्र बनाए, इनमें महाराजा को जयमाला डालती रानी, महाराष्ट्रीय वेशभूषा में दुल्हन रानी के कई चित्र बनाए। प्रतियोगिता के छात्रा ग्रुप में शिवानी वर्मा ने पहला, उर्वशी सिकौरिया ने दूसरा और आशि अग्रवाल ने तीसरा, छात्र ग्रुप में कबीर खाल्दी ने पहला, वैभव चंद्रा ने दूसरा और सार्थक गुप्ता ने तीसरा स्थान हासिल किया। निर्णायकों में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान की विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता पांडेय, चित्रकार राकेश वर्मा, किशन सोनी रहे।
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शाम को रानी की मेहंदी नाटिका का मंचन हुआ, जिसमें गहोई महिला जागृति मंच क्लब की सदस्याओं ने मेहंदी की रस्म निभाई। मंचन के बाद 19 मई को रानी झांसी का स्वरूप बनने वाली बालिका के हाथों में मेहंदी रचाई गई। इसके बाद महिला संगीत में महिलाओं ने पारंपरिक वैवाहिक गीत गाए। मेहंदी संगीत, नाटिका मंचन, गणेश वंदना, शिवांगी गुप्ता, ईशा एंड पार्टी, वर्षिका नाहर, भक्ति पुरंदरे, वंशिका गुप्ता, गौरी अग्रवाल, अनन्या अग्रवाल, ईशा साहू ने प्रस्तुत किया।
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श्रीमंत गंगाधर राव की निकलेगी बारात आज
महाराजा गंगाधर की भव्य बारात शोभायात्रा शाम 4 बजे से रानी लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से निकलेगी, जो पूरे शहर में भ्रमण करेगी। बारात के स्वागत के लिए महानगर के प्रमुख बाजारों में तोरण द्वार बनाए गए है। वहीं बारात से पूर्व महाराष्ट्र समाज की महिलाएं नौ गज की साड़ी में मराठी पद्धति के आभूषण पहनकर एलवीएम में श्रीमंत महाराज के स्वरूप का तिलक कर आरती उतारेगी। दूध फैनी व पान खिलाने के बाद मराठा पुणेशाही पगड़ी पहनाकर महाराजा को बग्गी पर बिठाया जाएगा। इसके बाद गणमान्य नागरिक महाराज का तिलक करेंगे। नगर भ्रमण के बाद बारात श्री गणेश मंदिर में पहुंचेगी। यहां श्रीमंत महाराज का सीमांत पूजन विधि का मंचन होगा।
महाराज व महारानी को पेश करेंगे नजराने
गणेश मंदिर में महाराष्ट्र समाज के पुरोहित पं. गजानन खानवलकर और सहयोगी पं. उज्ज्वल देवधर के निर्देशन में बालिकाएं श्रीमंत महाराज व महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह का महाराष्ट्रीय पद्धति से मंगलाष्टक करेंगी। इसके बाद राजा और रानी को सिंहासन पर विराजमान कराया जाएगा, जिन्हें विभिन्न संगठनों के सदस्य नजराने पेश करेंगे। महिलाओें द्वारा हल्दी कुंकू किया जाएगा। पुरुषों को पान-सुपारी वितरित की जाएगी।
आस्था का प्रमुख केंद्र है गणेश मंदिर
मराठों ने अपने आराध्य गणपति भगवान का भव्य मंदिर पानी वाली धर्मशाला से सटकर बनवाया था, जिसके गर्भगृह में भगवान गणेश विग्रह ऋद्धि-सिद्धि के साथ विराजमान हैं। मंदिर में भगवान के समक्ष महाराजा गंगाधर राव और महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह की रस्में हुई थी। आज भी इस एतिहासिक मंदिर में महाराष्ट्र व अन्य समाजों के धार्मिक कार्यक्रम होते हैं और नगर वासियों की आस्था का मुख्य केंद्र है।
यह रहे मौजूद
मुकुंद महरोत्रा, गजानन खानवलकर, उज्ज्वल देवधर, राघव इंदापुरकर, राम किशन निरंजन, सुरेश खेर, अपूर्वा गोलवलकर, चित्रा पावणस्कर, मनमोहन गेड़ा, अनिल करंदीकर, समीर तिवारी, मिलिंद देसाई, अभिषेक जोशी, संजना गुप्ता, कल्पना खर्द, अमिता गुप्ता, निकिता श्रीवास्तव, अलका गेड़ा, रजनी गुप्ता, संगीता जोशी, वंदना पराडकर, अपर्णा जोशी, ज्योति, करुणा सरावगी, ममता नीखरा, मधु सेठ, रश्मि नगरिया, स्वप्निल मोदी आदि मौजूद रहे।