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बौर से लद गए आम के पेड़, बागवान खुश.. अच्छे उत्पादन की बंधी उम्मीद

Wed, 23 Feb 2022 12:59 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 12:59 AM IST
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Mango trees, beagvans happy, hopeful of good production
झांसी। शहर वालों को इस बार बढ़िया दशहरी आम खाने को मिलेगा। जिले में आम के पेड़ों पर बंपर बौर आई है। बागवान भी खुश हैं। इनका कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो उत्पादन भी अच्छा होगा।
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बुंदेलखंड में झांसी, ललितपुर और जालौन में आम की पैदावार काफी होती है। औसतन प्रति हेक्टेयर तकरीबन 250 क्विंटल आम होता है। झांसी में भी 20 से अधिक आम के बगीचे हैं। इसके अलावा बरुआसागर में कई एकड़ में आम की पैदावार हो रही है। राजकीय उद्यान और गोमरा बाग में उद्यान विभाग भी पैदावार कर रहा। राजकीय उद्यान झांसी प्रभारी जेएस यादव बताते हैं कि बरुआसागर में आम के 70-80 वर्ष पुराने कई विशाल पेड़ हैं।
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झांसी में बाग-बगीचों सहित तकरीबन 100 हेक्टेयर जमीन पर आम की पैदावार की जा रही है, इसमें इस बार काफी अच्छी बौर आई है। पिछली बार यहां दो हजार क्विंटल आम हुआ था। उद्यान विभाग की मानें तो झांसी मंडल में पांच सौ हेक्टेयर से अधिक जमीन पर दशहरी और देसी आम की पैदावार हो रही है। पिछले तीन-चार वर्षों में जालौन में ईंट-भट्टा कारोबार के चलते पेड़ नष्ट होने से पैदावार में कमी आई थी लेकिन इस बार बुंदेलखंड के किसानों द्वारा बाग बढ़ाए जाने से अच्छी पैदावार की आस लगाई जा रही है।
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अब एप्पल बेर और ड्रैगन फ्रूट भी खा सकेंगे बुंदेलखंड वाले
झांसी। वर्ष 2022 में जिले में एप्पल बेर की पैदावार भी शुरू कर दी गई है। उद्यान विभाग के प्रभारी अधीक्षक लक्ष्मीकांत अवस्थी ने बताया कि बुंदेलखंड में अब एप्पल बेर भी खा सकेंगे। झांसी में उद्यान विभाग के अलावा बबीना, चिरगांव, बामौर आदि क्षेत्रों में 25 हेक्टेयर में इसी वर्ष एप्पल बेर की खेती शुरू की गई है। वहीं, विभाग के अलावा कोट बहेरा में तीन हेक्टेयर में ड्रैगन फ्रूट की पैदावार भी की जा रही है।

औद्यानिक योजना में 700 किसान बढ़ा रहे फलों की खेती
झांसी। बुंदेलखंड एवं बिंद क्षेत्र के लिए वर्ष 2007 में शुरू की गई औद्यानिक योजना अब रंग ला रही है। इस योजना में एक हेक्टेयर में आम, अमरूद, आंवला, नीबू, मुसम्मी आदि फल का बाग लगाने वाले किसानों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये तीन साल तक देने (लगाई गई पौध जीवित रहने की स्थिति में) की व्यवस्था है। विभाग के अनुसार शुरूआत में यह योजना किसानों को समझ ही नहीं आई, पर अब तेजी से किसान आगे आ रहे हैं। वर्तमान में 700 किसान इसका फायदा लेकर फ लों की खेती का दायरा बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2021-2022 के तहत इस बार किसानों को 93 लाख रुपये दिए जा रहे।
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