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अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मनेगा कान्हा का जन्मोत्सव

Tue, 24 Aug 2021 12:14 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 12:14 AM IST
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Manega Kanha's birth anniversary in Rohini Nakshatra on Ashtami
झांसी। महानगर में जन्माष्टमी का पर्व 30 अगस्त दिन सोमवार को उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस बार जन्माष्टमी पर कई वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है जब अष्टमी की तिथि पर रोहिणी नक्षत्र रहेगा और चंद्रमा वृष राशि में रहेंगे। धार्मिक मान्यता है कि भगवान द्वारिकाधीश का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।
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सनातन धर्म में जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। सभी मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। जन्मोत्सव की आरती मध्य रात्रि 12 बजे की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों को बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से सजाया जाता है। ब्रज की तरह झांसी के मंदिरों में भी जन्मोत्सव के कार्यक्रम कई दिन तक आयोजित किए जाते हैं। वहीं, इस बार की जन्माष्टमी ज्योतिष के अनुसार विशेष होगी। महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार अष्टमी की तारीख 29 अगस्त को रात 11. 25 बजे से लग जाएगी जो 30 अगस्त की मध्य रात्रि 1.59 बजे तक रहेगी। वहीं, रोहिणी नक्षत्र शाम को 6.38 बजे से लग जाएगा। ऐसे में सोमवार 30 अगस्त को कई सालों बाद अष्टमी की तिथि और रोहिणी नक्षत्र एक साथ होने का दुर्लभ संयोग बन रहा है। पर्व पर वृष राशि में चंद्रमा रहेंगे। भगवान कान्हा के जन्मोत्सव पूजा का श्रद्धालुओं को विशेष लाभ प्राप्त होगा। उधर, जन्माष्टमी को लेकर महानगर के सभी श्रीकृष्ण मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। श्री कुंज बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, गोपीनाथ जी के मंदिर सहित अन्य मंदिरों में 30 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं को माखन मिश्री का प्रसाद वितरण किया जाएगा।
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28 को मनेगा बलदाऊ का जन्मोत्सव
भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ जी का जन्मोत्सव 28 अगस्त को मनाया जाएगा। सदर स्थित बलदाऊ मंदिर के पुजारी हृदेश शुक्ला ने बताया कि पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना के कारण मटकी फोड़ने का सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। हालांकि मंदिर के अंदर बच्चों द्वारा सांकेतिक रूप से मटकी फोड़ी जाएगी। बच्चे कन्हैया और भगवान बलराम का स्वरूप धारण करेंगे। बलदाऊ जयंती को हरछठ पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।
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