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स्वच्छता को संस्कार बनाएं और सभी इसे अपनाएं
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झांसी। पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में झांसी देश के साफ-सुथरे शहरों (दस लाख से कम आबादी की श्रेणी में) में 18वें स्थान पर रहा था, जबकि प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया था। फिर से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने जा रहा है। महानगर की रैंकिंग में सुधार के लिए नगर निगम की ओर से प्रयास किए जाने लगे हैं। निगम की कोशिशों को मुकाम तक पहुंचाने के लिए ‘अमर उजाला’ की ओर से मुहिम चलाई जा रही है। इसके तहत शनिवार को ‘संवाद’ का आयोजन किया गया, जिसमें अधिवक्ता व समाज के अन्य बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने महानगर की स्वच्छता के संबंध में अपने सुझाव रखे।
अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महामंत्री दिनेश भार्गव ने कहा कि स्वच्छता एक संस्कार है। लोग खुद स्वच्छ रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जिला अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव (लाइब्रेरी) सूर्यप्रकाश राय और संयुक्त सचिव (प्रशासन) अविनाश मिश्रा ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में झांसी को ऊपर लाने के लिए हमें लक्ष्य बनाकर काम करना होगा। सभी अपने आसपास के दस लोगों को इसके लिए प्रेरित करें। इसके अलावा नगर निगम को जगह-जगह डस्टबिन भी रखवाने चाहिए। अधिवक्ता संघ के सदस्य समीर तिवारी और कारोबारी योगेश जैन ने कहा कि आवारा जानवर भी खूब गंदगी फैलाते हैं। इन पर नियंत्रण के उपाय किए जाने चाहिए। अधिवक्ता शमीम खान व अमित पचौरी ने कहा कि महानगर को स्वच्छ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि हम सभी का दायित्व भी है। अपने घर के आसपास की गंदगी को साफ करने का सभी को बीड़ा उठाना चाहिए। अधिवक्ता मो. शाहिद और नीरज चौधरी ने कहा कि महानगर में सड़कों की सफाई तो होती है, लेकिन नालियां गंदगी से बजबजाती रहती हैं। नाले-नालियों की नियमित सफाई पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। अधिवक्ता संदीप यादव ने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों में बेहद गंदगी जमा रहती है। पानी तक की व्यवस्था नहीं होती है। इनकी नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए। बीकेडी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मानसिंह यादव ने कहा कि वार्डों में सफाई कर्मियों की कमी है। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। कर्मचारियों की कमी दूर की जानी चाहिए। अधिवक्ता संघ के कनिष्ठ उपाध्यक्ष विकास यादव ने कहा कि सड़क पर गंदगी फैलाने वालों व थूकने वालों को हमें टोकना होगा, तभी सुधार होगा। कारोबारी रामकुमार यादव व इं. अंकित राय ने कहा कि गंदगी फैलाने वालों पर सरकारी के साथ-साथ सामाजिक सख्ती की भी आवश्यकता है।
बुद्धिजीवियों ने यह भी दिए सुझाव
- अपने निवास स्थल और कार्य स्थल की सफाई का सभी ध्यान रखें।
- सड़कों के साथ नाले-नालियों की नियमित सफाई हो।
- महानगर के अंदरूनी हिस्सों की सफाई पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
- जगह-जगह डस्टबिन रखवाए जाएं, ताकि लोग गंदगी यहां-वहां न फैलाएं।
- गंदगी करने वालों पर सख्ती की जाए।
- आवारा जानवरों पर नियंत्रण किया जाए।
- मलेरिया विभाग मच्छरों से निपटने के उपाय करे।
- शहर के सभी हिस्सों की समान रूप से सफाई हो।
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अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महामंत्री दिनेश भार्गव ने कहा कि स्वच्छता एक संस्कार है। लोग खुद स्वच्छ रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जिला अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव (लाइब्रेरी) सूर्यप्रकाश राय और संयुक्त सचिव (प्रशासन) अविनाश मिश्रा ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में झांसी को ऊपर लाने के लिए हमें लक्ष्य बनाकर काम करना होगा। सभी अपने आसपास के दस लोगों को इसके लिए प्रेरित करें। इसके अलावा नगर निगम को जगह-जगह डस्टबिन भी रखवाने चाहिए। अधिवक्ता संघ के सदस्य समीर तिवारी और कारोबारी योगेश जैन ने कहा कि आवारा जानवर भी खूब गंदगी फैलाते हैं। इन पर नियंत्रण के उपाय किए जाने चाहिए। अधिवक्ता शमीम खान व अमित पचौरी ने कहा कि महानगर को स्वच्छ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि हम सभी का दायित्व भी है। अपने घर के आसपास की गंदगी को साफ करने का सभी को बीड़ा उठाना चाहिए। अधिवक्ता मो. शाहिद और नीरज चौधरी ने कहा कि महानगर में सड़कों की सफाई तो होती है, लेकिन नालियां गंदगी से बजबजाती रहती हैं। नाले-नालियों की नियमित सफाई पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। अधिवक्ता संदीप यादव ने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों में बेहद गंदगी जमा रहती है। पानी तक की व्यवस्था नहीं होती है। इनकी नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए। बीकेडी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मानसिंह यादव ने कहा कि वार्डों में सफाई कर्मियों की कमी है। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। कर्मचारियों की कमी दूर की जानी चाहिए। अधिवक्ता संघ के कनिष्ठ उपाध्यक्ष विकास यादव ने कहा कि सड़क पर गंदगी फैलाने वालों व थूकने वालों को हमें टोकना होगा, तभी सुधार होगा। कारोबारी रामकुमार यादव व इं. अंकित राय ने कहा कि गंदगी फैलाने वालों पर सरकारी के साथ-साथ सामाजिक सख्ती की भी आवश्यकता है।
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बुद्धिजीवियों ने यह भी दिए सुझाव
- अपने निवास स्थल और कार्य स्थल की सफाई का सभी ध्यान रखें।
- सड़कों के साथ नाले-नालियों की नियमित सफाई हो।
- महानगर के अंदरूनी हिस्सों की सफाई पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
- जगह-जगह डस्टबिन रखवाए जाएं, ताकि लोग गंदगी यहां-वहां न फैलाएं।
- गंदगी करने वालों पर सख्ती की जाए।
- आवारा जानवरों पर नियंत्रण किया जाए।
- मलेरिया विभाग मच्छरों से निपटने के उपाय करे।
- शहर के सभी हिस्सों की समान रूप से सफाई हो।