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महानगर में बनेगी एक और कॉलोनी
Fri, 19 Apr 2019 07:43 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Fri, 19 Apr 2019 07:43 AM IST
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upsidc colony jhansi
- फोटो : amarujala
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झांसी। यूपीएसआईडीसी (उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) झांसी में एक और आवासीय कॉलोनी बनाने जा रहा है। निगम के बिजौली स्थित ग्रोथ सेंटर में हाउजिंग फेज थ्री के नाम से बनाई जा रही इस कॉलोनी का अधिकतर काम हो गया है। अधिकारियों के अनुसार चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्लॉटिंग का लगभग सारा काम पूरा हो गया है। सहायक प्रबंधक रमाकांत कुशवाहा के अनुसार हाउजिंग फेज थ्री में 200 से 400 वर्गमीटर के करीब 215 प्लॉट हैं। प्रति वर्गमीटर कीमत करीब 7,200 रुपये रहेगी।
झांसी में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए यूपीएसआईडीसी ने बिजौली औद्योगिक क्षेत्र और ग्रोथ सेंटर विकसित किए हैं। औद्योगिक इकाइयों के पास ही रिहायशी इलाकों की विशेष मांग के चलते निगम पहले ही ग्रोथ सेंटर में हाउजिंग फेज वन और हाउजिंग फेज टू के नाम से दो आवासीय कॉलोनी विकसित कर चुका है। सहायक प्रबंधक कुशवाहा के अनुसार ग्रोथ सेंटर के तहत ही बाईपास से लगी निगम की जमीन पर फेज थ्री तैयार किया गया है। काम लगभग पूरा है। कॉलोनी में नियमानुसार सड़क, बिजली, पानी का बुनियादी ढांचा तैयार कर दिया गया है। 200 से 400 वर्गमीटर के प्लॉट भी काटे जा चुके हैं। चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
हाउजिंग फेज वन
कुल प्लॉट 256
आकार 200 से 400 वर्गमीटर
हाउजिंग फेज टू
कुल प्लॉट 457
आकार 200 से 400 वर्गमीटर
(नोट: दोनों ही योजनाओं के सभी प्लॉटों का आवंटन हो चुका है)
कुछ शहरों में ही विशेष व्यवस्था
सहायक प्रबंधक के अनुसार यूपीएसआईडीसी का प्रमुख दायित्व तो औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना ही है। कुछ शहरों में उद्यमियों की विशेष मांग पर उनके और स्टाफ के लिए आवासीय कॉलोनी भी तैयार की गई हैं। इनमें झांसी, अलीगढ़ और गाजियाबाद प्रमुख हैं। विशेष मांग पर निगम के ऐसे छोटे भूखंड जहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं किया जा सकता वहां रिहायशी कॉलोनी तैयार कर दी जाती है। इससे उद्यमियों, उनके कर्मचारियों को उद्योग के पास ही रहने का अवसर मिल जाता है। कॉलोनी में सभी बुनियादी सुविधाएं रहती हैं।
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किस्तों पर भी मिलते हैं प्लॉट
यूपीएसआईडीसी के आवासीय प्लॉट किस्तों में भी लिए जा सकते हैं। सहायक प्रबंधक के अनुसार प्लॉटों का आवंटन लॉटरी से किया जाता है। आवंटन के वक्त ही कुल मूल्य का 25 प्रतिशत जमा करना होता है। शेष 75 प्रतिशत मूल्य की किस्तों का भुगतान छह वर्ष में करना होता है। इस पर 14 प्रतिशत ब्याज देय होती है। समय से ऋण का भुगतान करने पर दो प्रतिशत की छूट का भी प्रावधान है।
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झांसी में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए यूपीएसआईडीसी ने बिजौली औद्योगिक क्षेत्र और ग्रोथ सेंटर विकसित किए हैं। औद्योगिक इकाइयों के पास ही रिहायशी इलाकों की विशेष मांग के चलते निगम पहले ही ग्रोथ सेंटर में हाउजिंग फेज वन और हाउजिंग फेज टू के नाम से दो आवासीय कॉलोनी विकसित कर चुका है। सहायक प्रबंधक कुशवाहा के अनुसार ग्रोथ सेंटर के तहत ही बाईपास से लगी निगम की जमीन पर फेज थ्री तैयार किया गया है। काम लगभग पूरा है। कॉलोनी में नियमानुसार सड़क, बिजली, पानी का बुनियादी ढांचा तैयार कर दिया गया है। 200 से 400 वर्गमीटर के प्लॉट भी काटे जा चुके हैं। चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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हाउजिंग फेज वन
कुल प्लॉट 256
आकार 200 से 400 वर्गमीटर
हाउजिंग फेज टू
कुल प्लॉट 457
आकार 200 से 400 वर्गमीटर
(नोट: दोनों ही योजनाओं के सभी प्लॉटों का आवंटन हो चुका है)
कुछ शहरों में ही विशेष व्यवस्था
सहायक प्रबंधक के अनुसार यूपीएसआईडीसी का प्रमुख दायित्व तो औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना ही है। कुछ शहरों में उद्यमियों की विशेष मांग पर उनके और स्टाफ के लिए आवासीय कॉलोनी भी तैयार की गई हैं। इनमें झांसी, अलीगढ़ और गाजियाबाद प्रमुख हैं। विशेष मांग पर निगम के ऐसे छोटे भूखंड जहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं किया जा सकता वहां रिहायशी कॉलोनी तैयार कर दी जाती है। इससे उद्यमियों, उनके कर्मचारियों को उद्योग के पास ही रहने का अवसर मिल जाता है। कॉलोनी में सभी बुनियादी सुविधाएं रहती हैं।
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किस्तों पर भी मिलते हैं प्लॉट
यूपीएसआईडीसी के आवासीय प्लॉट किस्तों में भी लिए जा सकते हैं। सहायक प्रबंधक के अनुसार प्लॉटों का आवंटन लॉटरी से किया जाता है। आवंटन के वक्त ही कुल मूल्य का 25 प्रतिशत जमा करना होता है। शेष 75 प्रतिशत मूल्य की किस्तों का भुगतान छह वर्ष में करना होता है। इस पर 14 प्रतिशत ब्याज देय होती है। समय से ऋण का भुगतान करने पर दो प्रतिशत की छूट का भी प्रावधान है।