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Jhansi News: जमानत प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, अब सीडीआर भी अनिवार्य

Thu, 16 Jul 2026 02:25 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Thu, 16 Jul 2026 02:25 AM IST
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Major change in bail process, now CDR is also mandatory
झांसी। हत्या, दुष्कर्म, लूट डकैती और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में सत्र न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब उच्च न्यायालय भेजी जाने वाली अभियोजन आख्या में अभियुक्त की मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी अनिवार्य रूप से शामिल करनी होगी। अभियोजन निदेशालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं, ताकि हाईकोर्ट को मामले की परिस्थितियों का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिल सके।
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अब तक ऐसी आख्या 19 बिंदुओं पर तैयार की जाती थी। नए निर्देश के बाद इसमें मोबाइल सीडीआर को भी शामिल कर दिया गया है। इससे घटना के समय अभियुक्त की लोकेशन, संपर्क और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं का विश्लेषण करने में सुविधा होगी।
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अभियोजन अधिकारी अनुसार, झांसी जनपद से हर वर्ष हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, लूट, डकैती समेत अन्य गंभीर अपराधों के लगभग 1800 मामलों में जमानत याचिकाएं उच्च न्यायालय पहुंचती हैं। इनमें सत्र न्यायालय द्वारा जमानत खारिज किए जाने के बाद पुलिस और अभियोजन विभाग की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की जाती है।
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हर माह भेजी जाती हैं 150 से अधिक आख्या
जिला एवं सत्र न्यायालय में हर माह लगभग 150 ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अभियुक्त उच्च न्यायालय का रुख करते हैं। इन मामलों में पुलिस और अभियोजन विभाग संयुक्त रूप से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजते हैं। अब इस रिपोर्ट में सीडीआर भी संलग्न की जाएगी, जिससे घटना के समय अभियुक्त की गतिविधियों और संपर्कों का विवरण न्यायालय के समक्ष उपलब्ध रहेगा।

अब तक इन बिंदुओं पर तैयार होती है रिपोर्ट
उच्च न्यायालय भेजी जाने वाली आख्या में अब तक अभियुक्त का आपराधिक इतिहास, गिरफ्तारी की स्थिति, आरोपपत्र, धारा 41 बीएनएसएस के तहत नोटिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, रासायनिक एवं अग्नयास्त्र विशेषज्ञ की रिपोर्ट, मृत्यु-पूर्व कथन, पीड़ित की चोट, पॉक्सो, एससी/एसटी, दुष्कर्म, महिला अपराध, एनडीपीएस एक्ट आदि बिंदुओं की जानकारी दी जाती है।

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अब तक सत्र न्यायालय से जमानत खारिज होने के बाद उच्च न्यायालय भेजी जाने वाली आख्या 19 बिंदुओं पर तैयार की जाती थी। नए निर्देश के तहत इसमें मोबाइल सीडीआर का बिंदु भी जोड़ दिया गया है। जिन मामलों में यह विवरण नहीं भेजा जा रहा है, वहां संबंधित अधिकारियों से इसे उपलब्ध कराने के लिए कहा जा रहा है। -अजय मिश्रा, संयुक्त निदेशक, अभियोजन, झांसी
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