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झांसी : महाराष्ट्र से आ रहा हर बीसवां मजदूर कोरोना संक्रमित, बुंदेलखंड में खतरा बढ़ा
Thu, 15 Apr 2021 10:08 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Apr 2021 10:08 AM IST
सार
तीन दिनों के अंदर झांसी स्टेशन पर उतरे 90 मजदूरों में कोरोना संक्रमण पाया गया है। यह आंकडे़ तब सामने आ रहे हैं जब केवल एक बार में 200 मजदूरों की कोरोना जांच की जा रही है।
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झांसी रेलवे स्टेशन पर मुंबई की ट्रेन से उतरे प्रवासी मजदूरों की भीड़...
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
महाराष्ट्र से वापसी कर रहे मजदूर बुंदेलखंड में कोरोना संक्रमण की बड़ी वजह बन रहे हैं। ट्रेनों से झांसी पहुंच रहे हर बीसवें मजदूर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो रही है। बीते तीन दिनों में झांसी स्टेशन पर उतरे 90 मजदूरों में कोरोना संक्रमण पाया गया है। यह आंकडे़ तब सामने आ रहे हैं जब केवल एक बार में 200 मजदूरों की कोरोना जांच की जा रही है।
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महाराष्ट्र में मिनी लॉकडाउन लगने से मजदूरों के लौटने का सिलसिला लगातार जारी है। अधिकांश मजदूर ऐसे हैं, जिनका काम धंधा ठप हो गया है। बड़ी संख्या में मजदूरों की नौकरी चली गई हैं। महाराष्ट्र से लौट रहे मजदूर अपने साथ में कोरोना संक्रमण लेकर आ रहे हैं। स्टेशन पर हो रही जांच पर गौर करें तो बुधवार को सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक की गई 200 जांचों में 10 और दोपहर 12 से शाम छह बजे तक की गईं 200 जांचों में 10 मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए गए।
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इसी तरह से शाम को छह से रात 12 बजे और रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक हुई 400 जांचों में भी 15 मजदूर कोरोना पॉजिटिव निकले। मंगलवार और सोमवार को भी स्टेशन पर हुई जांचों में 55 मजदूर कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। ऐेसे में ये मजदूर प्रदेश और बुंदेलखंड में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की वजह बन रहे है। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान लौटे मजदूरों का रिकार्ड तैयार किया गया था। लेकिन इस बार प्रशासन ने इसे लेकर कोई प्रबंध नहीं किए हैं।
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ये है जांच का आंकड़ा
तारीख जांच संक्रमित
12 अप्रैल 780 24
13 अप्रैल 800 38
14 अप्रैल 800 28
शासन ने भी माना मजदूरों को संक्रमण का वाहक
योगी सरकार ने भी माना कि बाहरी राज्यों से प्रदेश में आ रहे मजदूर कोरोना का संक्रमण अपने साथ ला रहे है। इन सभी मजदूरों की न तो जांचें हो पा रही है और न ही इनके जाने का कोई रिकार्ड रखा जा रहा है। जो चिंता का सबब है।
बुंदेलखंड के लिए बड़ा खतरा
महाराष्ट्र से वापसी कर रहे मजदूर बुंदेलखंड के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। झांसी में संक्र मितों की संख्या भी बढ़ रही है। झांसी में उतरकर मजदूर महोबा, जालौन, बांदा, टीकमगढ़, हमीरपुर, चित्रकूट, उरई, कानपुर, लखनऊ के लिए जाते हैं। मजदूरों को जांच के दौरान क्वारंटीन करने की भी व्यवस्था नहीं है।
भीड़ को संभालने के लिए एक पुलिसकर्मी
मजदूरों की भीड़ लगातार स्टेशन पर पहुंच रही है। लेकिन इसे नियंत्रित करने और कोरोना जांच कराने के लिए केवल एक पुलिसकर्मी की तैनाती की गई। प्रबंध न होने की वजह से अधिकांश मजदूर बिना जांच के लिए निकल जाते हैं।
बोले मजदूर
पुणे में पेंटिंग का काम करते थे। अब काम बंद हो गया। लॉकडाउन भी लगने की आशंका है। परिवार के साथ वापस लौट आए हैं। गांव में ही कुछ करेंगे।
- राकेश कुमार, उरई
महाराष्ट्र में शटरिंग का काम करते थे। अब काम ठप हो गया है। घर वापस जा रहा हूं। महाराष्ट्र में हालात बहुत बुरे हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ रहा हैे।
- सनी, बांदा
पूना में एक होटल में काम करता था। लॉकडाउन लगने की आशंका है, तो होटल बंद कर दिया गया है। वापस गांव जा रहा हूं। वहीं रहकर कोई काम करेंगे।
- नसीम, लखनऊ
शटरिंग का काम करता था। पहले भी वापस आ गया था। अब फिर से काम ठप पड़ गया है तो वापस लौटा हूं। अब दोबारा नहीं जाऊंगा।
- जितेंद्र, कानपुर