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कई सिपाही बने अकूत संपत्ति के मालिक
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कई सिपाही बने अकूत संपत्ति के मालिक
झांसी। ललितपुर जिलाधिकारी ने पुलिस में तैनात सिपाही सुंदरलाल को भले ही भूमाफिया घोषित कर दिया हो, लेकिन परिक्षेत्र में ऐसे दर्जनों सिपाही हैं, जिन्होंने अपने रसूख के दम पर अकूत संपत्ति बना ली है। कई सिपाही तो लग्जरी कारों में घूम रहे हैं। डीआईजी ने ऐसे सिपाहियों को चिह्नित करने के लिए गोपनीय टीम गठित की है।
जिले के थानों में ऐसे कई पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिन्होेंने अकूत संपत्ति बना ली है। जिले समेत अन्य महानगरों में घर बनवाने के साथ लग्जरी गाड़ियों में घूम रहे हैं। कई तो वर्तमान में थाने पर तैनात हैं और लग्जरी कारों से आते जाते हैं। ललितपुर के तालबेहट स्थित वस्त्रावन गांव निवासी सुंदरलाल को भले ही जिलाधिकारी ने भूमाफिया घोषित किया हो, लेकिन उसने भी इलाके में अपने रसूख के दम पर अकूत संपत्ति पैदा कर ली थी। कई हेक्टेयर जमीन अपने परिजन के साथ रिश्तेदारोें के भी नाम कर रखी थी। जांच में खुलासा होेने के बाद अधिकारी भी हैरान थे कि आखिर इतनी जमीन कैसे नाम करा ली। जिलाधिकारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकंजा कसते हुए भूमाफिया घोषित कर दिया है, जो पुलिस महकमे पर काला दाग बनकर उभरा है। इस सिपाही के कारनामे ने पूरे विभाग को दागदार करने में र्कोई कसर नहीं छोड़ी।
वहीं, मामले का संज्ञान लेते हुए डीआईजी सुभाष सिंह बघेल ने भी सिपाही को निलंबित कर जांच बैठा दी है। साथ ही झांसी समेत ललितपुर व जालौन के सिपाहियोें की संपत्ति की जांच कराने के भी आदेश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने एक गोपनीय टीम गठित की है, जो थानोें पर तैनात सिपाही से लेकर दूसरे जिलों में स्थानांतरित हुए सिपाहियों की संपत्ति को जुटाएगी।
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कइयों का प्रापर्टी कारोबार में भी हिस्सा
सूत्रों से पता चला है कि कई पुलिसकर्मियों ने जिले भर के प्रापर्टी डीलरों के यहां मोटा निवेश भी कर रखा है। कुछ ने अपने नाम व रिश्तेदारों के नाम से प्लॉट तक ले रखे हैं, जिन पर बाकायदा बैंक से लोन भी कराया गया है। कई डीलरों पर अधिकारियों की कार्रवाई के बाद वे उनके पक्ष में कंधे से कंधा मिलाकर भी थानों में खड़े नजर आए। कई तो खुलकर पैरवी कर चुके हैैं, इनके नाम भी बाकायदा सार्वजनिक हुए।
संपत्ति की जांच कराई जा रही है, जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोपनीय जांच कराई जा रही है, जल्द ही रिपोर्ट सामने आएगी।
सुभाष सिंह बघेल, डीआईजी
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झांसी। ललितपुर जिलाधिकारी ने पुलिस में तैनात सिपाही सुंदरलाल को भले ही भूमाफिया घोषित कर दिया हो, लेकिन परिक्षेत्र में ऐसे दर्जनों सिपाही हैं, जिन्होंने अपने रसूख के दम पर अकूत संपत्ति बना ली है। कई सिपाही तो लग्जरी कारों में घूम रहे हैं। डीआईजी ने ऐसे सिपाहियों को चिह्नित करने के लिए गोपनीय टीम गठित की है।
जिले के थानों में ऐसे कई पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिन्होेंने अकूत संपत्ति बना ली है। जिले समेत अन्य महानगरों में घर बनवाने के साथ लग्जरी गाड़ियों में घूम रहे हैं। कई तो वर्तमान में थाने पर तैनात हैं और लग्जरी कारों से आते जाते हैं। ललितपुर के तालबेहट स्थित वस्त्रावन गांव निवासी सुंदरलाल को भले ही जिलाधिकारी ने भूमाफिया घोषित किया हो, लेकिन उसने भी इलाके में अपने रसूख के दम पर अकूत संपत्ति पैदा कर ली थी। कई हेक्टेयर जमीन अपने परिजन के साथ रिश्तेदारोें के भी नाम कर रखी थी। जांच में खुलासा होेने के बाद अधिकारी भी हैरान थे कि आखिर इतनी जमीन कैसे नाम करा ली। जिलाधिकारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकंजा कसते हुए भूमाफिया घोषित कर दिया है, जो पुलिस महकमे पर काला दाग बनकर उभरा है। इस सिपाही के कारनामे ने पूरे विभाग को दागदार करने में र्कोई कसर नहीं छोड़ी।
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वहीं, मामले का संज्ञान लेते हुए डीआईजी सुभाष सिंह बघेल ने भी सिपाही को निलंबित कर जांच बैठा दी है। साथ ही झांसी समेत ललितपुर व जालौन के सिपाहियोें की संपत्ति की जांच कराने के भी आदेश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने एक गोपनीय टीम गठित की है, जो थानोें पर तैनात सिपाही से लेकर दूसरे जिलों में स्थानांतरित हुए सिपाहियों की संपत्ति को जुटाएगी।
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कइयों का प्रापर्टी कारोबार में भी हिस्सा
सूत्रों से पता चला है कि कई पुलिसकर्मियों ने जिले भर के प्रापर्टी डीलरों के यहां मोटा निवेश भी कर रखा है। कुछ ने अपने नाम व रिश्तेदारों के नाम से प्लॉट तक ले रखे हैं, जिन पर बाकायदा बैंक से लोन भी कराया गया है। कई डीलरों पर अधिकारियों की कार्रवाई के बाद वे उनके पक्ष में कंधे से कंधा मिलाकर भी थानों में खड़े नजर आए। कई तो खुलकर पैरवी कर चुके हैैं, इनके नाम भी बाकायदा सार्वजनिक हुए।
संपत्ति की जांच कराई जा रही है, जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोपनीय जांच कराई जा रही है, जल्द ही रिपोर्ट सामने आएगी।
सुभाष सिंह बघेल, डीआईजी