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गुसाईं योद्धाओं ने कराया था मढ़िया महाकालेश्वर मंदिर का निर्माण
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झांसी। सैंयर गेट बाहर स्थित मढ़िया महाकालेश्वर मंदिर का निर्माण गुसाईं योद्धाओं ने कराया था। पिछले साढ़े तीन सौ सालों से मंदिर शिव भक्तों की आराधना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
झांसी में मराठा शासन से पहले गुसाइयों का राज था। गुसाईं किलेदार राजेंद्र गिरी के शासनकाल में मढ़िया महाकालेश्वर मंदिर का निर्माण हुआ था। बाद में झांसी में मराठा शासनकाल शुरू हुआ। ये मंदिर लगातार आस्था का केंद्र बना रहा। हालांकि, तीन दशक पहले मंदिर परिसर में दूसरे समुदाय के लोग आ बसे थे। मंदिर को 2016 में अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सरकार की ओर से पचास लाख रुपये की राशि जारी की गई है। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष व इतिहासकार हरगोविंद कुशवाहा के अनुसार गुसाइयों का झांसी में लंबे समय तक राज रहा। गुसाईं शिव भक्त होने के साथ-साथ योद्धा थे। गुसाइयों ने ही मढ़िया महाकालेश्वर मंदिर का निर्माण कराया था।
योगी नहीं कर पाए थे अभिषेक
झांसी। मंदिर परिसर में दूसरे समुदाय के लोगों का कब्जा होने की वजह से एक समय ये स्थान प्रदेश भर में सुर्खियों में आ गया था। हिंदू वादी संगठनों ने मंदिर को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए आंदोलन छेड़ रखा था। इसी बीच सपा सरकार में साल 2013 में योगी आदित्यनाथ के झांसी आने का कार्यक्रम तय हुआ था। यहां उन्हें मढ़िया महालेश्वर मंदिर में शिवजी का अभिषेक करना था। लेकिन, सरकार ने उन्हें झांसी आने से रोक दिया था और कानपुर में ही ट्रेन से उतार लिया गया था।
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झांसी में मराठा शासन से पहले गुसाइयों का राज था। गुसाईं किलेदार राजेंद्र गिरी के शासनकाल में मढ़िया महाकालेश्वर मंदिर का निर्माण हुआ था। बाद में झांसी में मराठा शासनकाल शुरू हुआ। ये मंदिर लगातार आस्था का केंद्र बना रहा। हालांकि, तीन दशक पहले मंदिर परिसर में दूसरे समुदाय के लोग आ बसे थे। मंदिर को 2016 में अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सरकार की ओर से पचास लाख रुपये की राशि जारी की गई है। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष व इतिहासकार हरगोविंद कुशवाहा के अनुसार गुसाइयों का झांसी में लंबे समय तक राज रहा। गुसाईं शिव भक्त होने के साथ-साथ योद्धा थे। गुसाइयों ने ही मढ़िया महाकालेश्वर मंदिर का निर्माण कराया था।
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योगी नहीं कर पाए थे अभिषेक
झांसी। मंदिर परिसर में दूसरे समुदाय के लोगों का कब्जा होने की वजह से एक समय ये स्थान प्रदेश भर में सुर्खियों में आ गया था। हिंदू वादी संगठनों ने मंदिर को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए आंदोलन छेड़ रखा था। इसी बीच सपा सरकार में साल 2013 में योगी आदित्यनाथ के झांसी आने का कार्यक्रम तय हुआ था। यहां उन्हें मढ़िया महालेश्वर मंदिर में शिवजी का अभिषेक करना था। लेकिन, सरकार ने उन्हें झांसी आने से रोक दिया था और कानपुर में ही ट्रेन से उतार लिया गया था।
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