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मशीन ने दिया धोखा, सीपरी बाजार ब्रिज का काम रुका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:38 AM IST
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over berij, jhansi news
- फोटो : demo
झांसी।
सीपरी बाजार ओवर ब्रिज का पिलर बनाते समय जेएमसी मशीन का सांचा (डायस) टूटने से पिछले एक हफ्ते से काम ठप है। वहीं, कंपनी के पास सिर्फ 15 दिन के लिए ही बालू बची है। इससे अब ब्रिज का निर्माण नवंबर तक भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में साल के अंत तक सीपरी बाजार से आने-जाने वालों को समस्या से मुक्ति मिलती दिखाई नहीं दे रही है।
सेतु निगम ने सीपरी बाजार ओवरब्रिज में अपने हिस्से का काम लगभग पूरा कर लिया है। जबकि, मार्च से मई तक बालू की कमी के कारण रेलवे के हिस्से का काम गति नहीं पकड़ पाया। जून में बालू मिलने पर पिलर बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन पिछले हफ्ते बिजली काउंटर की तरफ गड्ढा खोदते समय जेएमसी मशीन का सांचा (डायस) पत्थरों से टकराने पर टूट गया। मशीन का टूटा सांचा बाजार में उपलब्ध नहीं है। इस कारण आर्डर देकर दिल्ली में बनवाया जा रहा है।
इससे काम रुका हुआ है। वहीं, शासन ने एक जुलाई से 30 सितंबर तक बालू के खनन पर रोक लगा दी है। इसका प्रभाव भी ब्रिज के काम पर पड़ने वाला है। कंपनी के पास सिर्फ 15 दिन के काम लायक बालू बची है। इसके बाद बालू मिलने पर ही काम शुरू हो सकेगा। ऐसे में कार्य पूरा होने की अवधि बढ़ जाएगी। अभी रेलवे ने नवंबर में काम पूरा होने का लक्ष्य बना रखा था, लेकिन अब यह तय समय में पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। इससे इस साल के अंत तक वाहन ब्रिज पर फर्राटा भर सकेंगे, इस पर संशय है।
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सीपरी बाजार ओवर ब्रिज का पिलर बनाते समय जेएमसी मशीन का सांचा (डायस) टूटने से पिछले एक हफ्ते से काम ठप है। वहीं, कंपनी के पास सिर्फ 15 दिन के लिए ही बालू बची है। इससे अब ब्रिज का निर्माण नवंबर तक भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में साल के अंत तक सीपरी बाजार से आने-जाने वालों को समस्या से मुक्ति मिलती दिखाई नहीं दे रही है।
सेतु निगम ने सीपरी बाजार ओवरब्रिज में अपने हिस्से का काम लगभग पूरा कर लिया है। जबकि, मार्च से मई तक बालू की कमी के कारण रेलवे के हिस्से का काम गति नहीं पकड़ पाया। जून में बालू मिलने पर पिलर बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन पिछले हफ्ते बिजली काउंटर की तरफ गड्ढा खोदते समय जेएमसी मशीन का सांचा (डायस) पत्थरों से टकराने पर टूट गया। मशीन का टूटा सांचा बाजार में उपलब्ध नहीं है। इस कारण आर्डर देकर दिल्ली में बनवाया जा रहा है।
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इससे काम रुका हुआ है। वहीं, शासन ने एक जुलाई से 30 सितंबर तक बालू के खनन पर रोक लगा दी है। इसका प्रभाव भी ब्रिज के काम पर पड़ने वाला है। कंपनी के पास सिर्फ 15 दिन के काम लायक बालू बची है। इसके बाद बालू मिलने पर ही काम शुरू हो सकेगा। ऐसे में कार्य पूरा होने की अवधि बढ़ जाएगी। अभी रेलवे ने नवंबर में काम पूरा होने का लक्ष्य बना रखा था, लेकिन अब यह तय समय में पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। इससे इस साल के अंत तक वाहन ब्रिज पर फर्राटा भर सकेंगे, इस पर संशय है।
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