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Jhansi News: गोशाला में ताला...बेघर पशुओं का सड़क पर डेरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कटेरा। नगर पंचायत की उदासीनता की वजह से शासन की गोवंश संरक्षण की मंशा कटेरा में साकार नहीं हो पा रही है। गोसंरक्षण के लिए यहां 165.85 लाख रुपये की लागत से गोशाला का निर्माण महीनों पूर्व किया जा चुका है। लेकिन यह अब तक शुरू नहीं हो पाई है। जबकि संरक्षण के अभाव में गोवंश छुट्टा घूम रहे हैं।
कस्बे के मुख्य बाजार में अक्सर अन्ना पशुओं के झुंड घूमते नजर आते हैं। कई बार पशु आपस में भिड़ जाते हैं। इससे हादसा का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बाजार की यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है। किसानों के लिए भी अन्ना गोवंश से निपटना बड़ी चुनौती बनी हुई है। पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को रात-रात भर जागना तक पड़ जाता है। इसके बावजूद, नवनिर्मित गोशाला को शुरू करने की दिशा में आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गो आश्रय स्थल को शुरू कराकर छुट्टा गोवंश को उसमें संरक्षित करने की मांग की है।
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गोशाला बंद पड़ी है और गोवंश छुट्टा घूम रहे हैं। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर पंचायत को अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए तत्काल इसका संचालन शुरू कराना चाहिए। - राजकुमार जैन
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सड़क पर बैठे पशुओं के कारण कई बार वाहन रोककर निकालने पड़ते हैं। गोशाला बनी होने के बाद भी जानवर सड़क पर हैं। नगर पंचायत को व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।- राकेश सोनी, बंगरा प्रखंड संयोजक-बजरंग दल
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गोशाला बंद होने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराकर गोशाला संचालन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कुमार भारती, एसडीएम
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कटेरा। नगर पंचायत की उदासीनता की वजह से शासन की गोवंश संरक्षण की मंशा कटेरा में साकार नहीं हो पा रही है। गोसंरक्षण के लिए यहां 165.85 लाख रुपये की लागत से गोशाला का निर्माण महीनों पूर्व किया जा चुका है। लेकिन यह अब तक शुरू नहीं हो पाई है। जबकि संरक्षण के अभाव में गोवंश छुट्टा घूम रहे हैं।
कस्बे के मुख्य बाजार में अक्सर अन्ना पशुओं के झुंड घूमते नजर आते हैं। कई बार पशु आपस में भिड़ जाते हैं। इससे हादसा का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बाजार की यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है। किसानों के लिए भी अन्ना गोवंश से निपटना बड़ी चुनौती बनी हुई है। पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को रात-रात भर जागना तक पड़ जाता है। इसके बावजूद, नवनिर्मित गोशाला को शुरू करने की दिशा में आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गो आश्रय स्थल को शुरू कराकर छुट्टा गोवंश को उसमें संरक्षित करने की मांग की है।
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गोशाला बंद पड़ी है और गोवंश छुट्टा घूम रहे हैं। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर पंचायत को अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए तत्काल इसका संचालन शुरू कराना चाहिए। - राजकुमार जैन
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सड़क पर बैठे पशुओं के कारण कई बार वाहन रोककर निकालने पड़ते हैं। गोशाला बनी होने के बाद भी जानवर सड़क पर हैं। नगर पंचायत को व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।- राकेश सोनी, बंगरा प्रखंड संयोजक-बजरंग दल
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गोशाला बंद होने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराकर गोशाला संचालन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कुमार भारती, एसडीएम