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Jhansi News: गर्भवती पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव की अदालत ने पत्नी की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त ने दहेज की खातिर गर्भवती पत्नी की गला दबाकर हत्या की थी। न्यायालय ने घटना के पांच साल बाद सजा सुनाई। अभियुक्त पर अर्थदंड भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानस्वरूप राजपूत ने बताया कि शाहजहांपुर थाना इलाके के गांव लड़ावरा निवासी मातादीन ने टहरौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, इसमें बताया था कि दो साल पहले उसने अपनी बेटी क्रांति की शादी टहरौली थाना इलाके के मैगांव निवासी यशवंत से की थी। शादी के बाद एक साल तक तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन इसके बाद दहेज में दो लाख रुपये की और मांग की जाने लगी थी। पिता ने पुलिस को बताया था कि बेटी गर्भवती थी। इसी दरम्यान छह जून 2018 को उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। ससुरालियों ने हत्या के सुबूत मिटाने के लिए उसे कुंडी के सहारे फंदे पर लटका दिया था। उसके शरीर और गले में चोट के निशान पाए गए थे। मामले में पुलिस ने पति के अलावा सास-ससुर व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद पति यशवंत को पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जबकि, ससुर देशराज और सास नन्हीं देवी को दोषमुक्त करार दिया गया। जबकि, एक अन्य आरोपी रामदीन की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव की अदालत ने पत्नी की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त ने दहेज की खातिर गर्भवती पत्नी की गला दबाकर हत्या की थी। न्यायालय ने घटना के पांच साल बाद सजा सुनाई। अभियुक्त पर अर्थदंड भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानस्वरूप राजपूत ने बताया कि शाहजहांपुर थाना इलाके के गांव लड़ावरा निवासी मातादीन ने टहरौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, इसमें बताया था कि दो साल पहले उसने अपनी बेटी क्रांति की शादी टहरौली थाना इलाके के मैगांव निवासी यशवंत से की थी। शादी के बाद एक साल तक तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन इसके बाद दहेज में दो लाख रुपये की और मांग की जाने लगी थी। पिता ने पुलिस को बताया था कि बेटी गर्भवती थी। इसी दरम्यान छह जून 2018 को उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। ससुरालियों ने हत्या के सुबूत मिटाने के लिए उसे कुंडी के सहारे फंदे पर लटका दिया था। उसके शरीर और गले में चोट के निशान पाए गए थे। मामले में पुलिस ने पति के अलावा सास-ससुर व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद पति यशवंत को पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जबकि, ससुर देशराज और सास नन्हीं देवी को दोषमुक्त करार दिया गया। जबकि, एक अन्य आरोपी रामदीन की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
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