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हत्या में दो को आजीवन कारावास

Thu, 12 Sep 2019 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 01:12 AM IST
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Life imprisonment
हत्या में दो को आजीवन कारावास
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झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या पांच अभय श्रीवास्वत की अदालत ने हत्या का दोष सिद्घ होने पर दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भान प्रकाश सिरवैया के अनुसार थाना मोंठ स्थित अमरा गांव निवासी बृज मोहन ने थाना समथर में तहरीर देते हुये बताया कि उसकी भांजी का विवाह थाना समथर स्थित ग्राम बहादुरपुर में 30 मई 2015 को था। वह परिजनों के साथ एक दिन पहले ग्राम बहादुरपुर पहुंच गया था। जबकि उसका भाई प्रभुदयाल 30 मई को शादी में शामिल होने के लिये आ रहा था। समथर से ही प्रभुदयाल का फोन बहनोई बनमाली कुशवाहा के पास रात करीब नौ बजे आया था। उसने बताया कि आने का कोई साधन नहीं है, उसे समथर आकर ले जाओ। जिस पर बहनोई बनमाली कुशवाहा के साथ वीरू बाइक से प्रभु दयाल को लेने समथर जा रहे थे, रास्ते में पुन: फोन कर प्रभुदयाल ने बताया कि वह सीता व अशोक निवासी समथर के साथ बाइक से आ रहा है। इसके बाद बनमाली घर वापस लौट आया, लेकिन प्रभु दयाल नहीं पहुंचा। काफी के बाद अशोक व सीता से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि प्रभुदयाल को डाला है। यदि उसकी ज्यादा तलाश की तो तुझे भी मारकर फेंक देंगे। इसके बाद प्रभुदयाल का शव मृत अवस्था में चतुरेशपुर के सामने बम्बा में मिला। उसकी जेब से हजारों रुपये, मोबाइल गायब थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कर आरोपियेां की गिरफ्तारी बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। बुधवार को दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त सीताराम कुशवाहा व अशोक कुशवाहा गांव टूटागढा थाना समथर को धारा 302 के अपराध में आजीवन कारावास, बीस - बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 201 के अपराध में सात - सात वर्ष के सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 404 में तीन - तीन वर्ष के सश्रम कारावास, दो - दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई।
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