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यूपी: नाबालिग को भगाकर ले जाने वाले को आजीवन कारावास की सजा, कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया
Wed, 08 Dec 2021 10:47 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 08 Dec 2021 10:47 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
विशेष न्यायाधीश (एससी /एसटी) एक्ट की अदालत ने अनुसूचित जाति वर्ग की नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने वाले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जबकि, दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया।
लोक अभियोजक कपिल करौलिया ने बताया कि उल्दन थाना इलाके की 16 साल की अनुसूचित जाति वर्ग की एक लड़की को बगरौनी निवासी प्रेमनारायण पाल 28 मार्च 2011 को भगाकर ले गया था। दोनों को जाते हुए लड़की के ताऊ और मामा ने देख लिया था। बाद में उल्दन थाने में केस दर्ज कराया गया था।
दोनों 20 दिन लखनऊ में रुकने के बाद बाराबंकी और छतरपुर गए थे। इस दरम्यान दोनों के बीच संबंध बन गए थे। तकरीबन दो महीने बाद पुलिस ने लड़की को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। लड़की ने आरोपी के खिलाफ बयान दिए थे।
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पूरे मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने एससी /एसटी एक्ट की धारा 3(2)5 में युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि, दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध मानते हुए अभियुक्त को दुष्कर्म के आरोप से उसे दोषमुक्त कर दिया।
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लोक अभियोजक कपिल करौलिया ने बताया कि उल्दन थाना इलाके की 16 साल की अनुसूचित जाति वर्ग की एक लड़की को बगरौनी निवासी प्रेमनारायण पाल 28 मार्च 2011 को भगाकर ले गया था। दोनों को जाते हुए लड़की के ताऊ और मामा ने देख लिया था। बाद में उल्दन थाने में केस दर्ज कराया गया था।
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दोनों 20 दिन लखनऊ में रुकने के बाद बाराबंकी और छतरपुर गए थे। इस दरम्यान दोनों के बीच संबंध बन गए थे। तकरीबन दो महीने बाद पुलिस ने लड़की को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। लड़की ने आरोपी के खिलाफ बयान दिए थे।
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पूरे मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने एससी /एसटी एक्ट की धारा 3(2)5 में युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि, दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध मानते हुए अभियुक्त को दुष्कर्म के आरोप से उसे दोषमुक्त कर दिया।