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हत्या में आजीवन कारावास की सजा, 50 हजार अर्थदंड लगाया
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झांसी। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) विमल प्रकाश आर्य की अदालत ने दस साल पुराने हत्या के एक मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पचास हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
थाना मऊरानीपुर इलाके के ग्राम पचौरा निवासी मनोहर लाल ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि उसके पुत्र बृजकिशोर की मऊरानीपुर कस्बे में बाल काटने की दुकान है। इसके अलावा वो लोगों को पैसा उधार भी देता था। गांव के यूनिस खां को उसने दो-तीन साल पहले से 70 हजार रुपये उधार दे रखे थे। 21 जून 2011 को शाम तकरीबन साढ़े सात बजे उसके घर आया और बृजकिशोर को अपने साथ ले गया। रात में बृजकिशोर घर नहीं लौटा। अगले दिन उसकी लाश भकौरा के रास्ते में पड़ी मिली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सूर्यप्रकाश पाठक ने बताया कि अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त यूनिस खां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा पचास हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
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थाना मऊरानीपुर इलाके के ग्राम पचौरा निवासी मनोहर लाल ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि उसके पुत्र बृजकिशोर की मऊरानीपुर कस्बे में बाल काटने की दुकान है। इसके अलावा वो लोगों को पैसा उधार भी देता था। गांव के यूनिस खां को उसने दो-तीन साल पहले से 70 हजार रुपये उधार दे रखे थे। 21 जून 2011 को शाम तकरीबन साढ़े सात बजे उसके घर आया और बृजकिशोर को अपने साथ ले गया। रात में बृजकिशोर घर नहीं लौटा। अगले दिन उसकी लाश भकौरा के रास्ते में पड़ी मिली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सूर्यप्रकाश पाठक ने बताया कि अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त यूनिस खां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा पचास हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
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