{"_id":"626861ef8e19be61a854b029","slug":"license-will-have-to-be-taken-for-prasad-shops-located-around-religious-places-in-jhansi","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी : धार्मिक स्थलों के आसपास लगीं प्रसाद की दुकानों को लेना होगा लाइसेंस, भंडारे से पहले देनी होगी सूचना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी : धार्मिक स्थलों के आसपास लगीं प्रसाद की दुकानों को लेना होगा लाइसेंस, भंडारे से पहले देनी होगी सूचना
Wed, 27 Apr 2022 02:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 27 Apr 2022 02:49 AM IST
सार
भंडारे के आयोजन के पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को देनी होगी सूचना। शासन ने इस संबंध में जारी किए निर्देश, निगहबानी बढ़ाने को भी कहा गया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
अब धार्मिक स्थलों के आसपास लगीं प्रसाद की दुकानों के संचालकों को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से लाइसेंस लेना होगा। लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) द्वारा नामित ऑडिट एजेंसियां जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट देंगी। उसी आधार पर लाइसेंस जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
गुणवत्तापूर्ण प्रसाद सभी को मिले, इसके लिए शासन स्तर से पहल की गई है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एफएसएसएआई के भोग कार्यक्रम के तहत जहां भी प्रसाद बन रहा है या दुकानों से लिया जा रहा है, वहां स्वच्छता संबंधी मानक पूरे होने चाहिए। इसी वजह से धार्मिक स्थलों पर लगने वाली प्रसाद की दुकानों के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन
बाकायदा एजेंसी द्वारा ऑडिट किए जाने के बाद लाइसेंस जारी होगा। इसके अलावा भंडारे के आयोजन के पहले भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सूचना देनी होगी। वहीं, जो लोग नियमित भंडारे का आयोजन करते हैं, उन्हें भी लाइसेंस लेना पड़ेगा।
विज्ञापन
12 लाख तक टर्नओवर तो 100 रुपये में मिलेगा लाइसेंस
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि जिन प्रसाद की दुकानों का सालाना टर्नओवर 12 लाख रुपये तक होगा, उन्हें महज सौ रुपये में लाइसेंस मिल जाएगा। इससे अधिक टर्नओवर होने पर दो हजार रुपये में लाइसेंस मिलेगा। वहीं, भंडारे के आयोजकों को भी सौ रुपये में लाइसेंस मिलेगा। यह साल भर के लिए मान्य होगा।
धार्मिक स्थलों पर प्रसाद की दुकानों को लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए दुकानों की सूची तैयार की जा रही है। आवेदन के बाद ऑडिट एजेंसी स्वच्छता संबंधी मानकों की जांच कर अपनी रिपोर्ट एफएसएसएआई को भेजेगी। भंडारे के आयोजन से पहले भी सूचना देनी होगी।
- हरिमोहन श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त, खाद्य