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पुस्तकालय का 27 हजार का बिल बाकी, कभी भी काटी जा सकती है बिजली
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झांसी। जिला राजकीय पुस्तकालय का पिछले सत्र के बिल का भुगतान न हो पाने के कारण कई असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आलम यहां तक है कि पिछले पांच माह से पुस्तकालय में अखबार तक नहीं आ रहे हैं। बिजली बिल का भुगतान न हो पाने के कारण कभी भी पुस्तकालय की बिजली काटी जा सकती है।
पुस्तकालय के रख-रखाव के सभी बिल माध्यमिक शिक्षा विभाग से पास किए जाते हैं। पुस्तकालय की लाइब्रेरियन मधुलिका खरे ने बताया कि पिछले सत्र का 27,777 रुपये के बिल माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा पास नहीं किए गए हैं। पिछले एक साल का बिजली का बिल तक जमा नहीं हो पाया है। कभी भी बिजली विभाग द्वारा पुस्तकालय की बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी की तरफ से बिल को लेकर की गई ढिलाई के कारण पिछले पांच माह से पुस्तकालय में अखबार आने बंद हो गए हैं। सफाई कर्मी का वेतन भुगतान न होने के कारण वह भी काम छोड़कर चली गई।
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एक सप्ताह पहले जिलाधिकारी ने निरीक्षण में मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने और पुस्तकालय प्रांगण से दो दिन के भीतर कचरे का ढेर हटाने के आदेश नगर निगम को दिए थे। लेकिन बावजूद इसके पुस्तकालय के पीछे गंदगी का ढेर लगा हुआ है।
शिक्षा विभाग में स्थित जिला राजकीय पुस्तकालय 1960 में बना था। जिसमें 50,000 से ज्यादा पुस्तकें भंडारित हैं। पुस्तकालय में 1200 से ज्यादा लोग सदस्यता लिए हुए हैं। प्रतिदिन 30-40 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले परीक्षार्थी यहां आकर पढ़ते हैैं। बुंदेलखंड पर शोध करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यहां अलग से अनुभाग बनाया गया है।
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पुस्तकालय के रख-रखाव के सभी बिल माध्यमिक शिक्षा विभाग से पास किए जाते हैं। पुस्तकालय की लाइब्रेरियन मधुलिका खरे ने बताया कि पिछले सत्र का 27,777 रुपये के बिल माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा पास नहीं किए गए हैं। पिछले एक साल का बिजली का बिल तक जमा नहीं हो पाया है। कभी भी बिजली विभाग द्वारा पुस्तकालय की बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी की तरफ से बिल को लेकर की गई ढिलाई के कारण पिछले पांच माह से पुस्तकालय में अखबार आने बंद हो गए हैं। सफाई कर्मी का वेतन भुगतान न होने के कारण वह भी काम छोड़कर चली गई।
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एक सप्ताह पहले जिलाधिकारी ने निरीक्षण में मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने और पुस्तकालय प्रांगण से दो दिन के भीतर कचरे का ढेर हटाने के आदेश नगर निगम को दिए थे। लेकिन बावजूद इसके पुस्तकालय के पीछे गंदगी का ढेर लगा हुआ है।
शिक्षा विभाग में स्थित जिला राजकीय पुस्तकालय 1960 में बना था। जिसमें 50,000 से ज्यादा पुस्तकें भंडारित हैं। पुस्तकालय में 1200 से ज्यादा लोग सदस्यता लिए हुए हैं। प्रतिदिन 30-40 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले परीक्षार्थी यहां आकर पढ़ते हैैं। बुंदेलखंड पर शोध करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यहां अलग से अनुभाग बनाया गया है।