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Jhansi News: एक दिन पहले आई चिट्ठी, एनएसए की हुई ‘छुट्टी’
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एक दिन पहले सीएमओ की चिट्ठी आने के बाद शुक्रवार को ही नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी (एनएसए) को नगर आयुक्त ने कार्यमुक्त कर दिया। एनएसए के खिलाफ जनप्रतिनिधियों की ओर से अनियमितता की शिकायत की गई थी और उनके खिलाफ जांच भी शुरू हो गई थी।
बीते अगस्त 2022 में डॉ. धीरेंद्र गुप्ता को नगर निगम में बतौर नगर स्वास्थ्य अधिकारी तैनात किया गया था। पिछले साल यहां वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी की भी तैनाती हो गई तो सीएमओ ने एनएसए को मूल तैनाती स्थल पर लौटने के लिए पत्र लिखा। उस समय निगम प्रशासन ने महानगर का काफी बड़ा क्षेत्र होने से कार्यभार अधिक होने और स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 जारी होने का हवाला देते हुए उन्हें रिलीव नहीं किया। लेकिन पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य विभाग एक के बाद एक मामले में कटघरे में खड़ा हो गया। नगर आयुक्त ने पहले निगम में डीजल का खेल पकड़ा और फिर स्वच्छ सर्वेक्षण के नाम पर बढ़ा-चढ़ाकर बनाए गए बिल का फर्जीवाड़ा भी सामने आ गया।
दूसरी तरफ, सांसद और विधायक की ओर से भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ शासन को पत्र लिखकर शिकायत की गई। पत्र में नियुक्ति, निविदाओं से लेकर भुगतान में अनियमितताएं होने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने आठ अप्रैल को सीएमओ को पत्र लिखकर जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के लिए कहा। जांच समिति के समक्ष एनएसए ने अपना पक्ष भी रखा। इसी बीच बृहस्पतिवार को सीएमओ ने एनएसए को अपने मूल तैनाती स्थल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समथर पर कार्य करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने की भी बात लिखी। पत्र की प्रति नगर आयुक्त के पास भी भेजी गई। नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने बताया कि शुक्रवार को डॉ. धीरेंद्र गुप्ता को नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
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झांसी। एक दिन पहले सीएमओ की चिट्ठी आने के बाद शुक्रवार को ही नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी (एनएसए) को नगर आयुक्त ने कार्यमुक्त कर दिया। एनएसए के खिलाफ जनप्रतिनिधियों की ओर से अनियमितता की शिकायत की गई थी और उनके खिलाफ जांच भी शुरू हो गई थी।
बीते अगस्त 2022 में डॉ. धीरेंद्र गुप्ता को नगर निगम में बतौर नगर स्वास्थ्य अधिकारी तैनात किया गया था। पिछले साल यहां वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी की भी तैनाती हो गई तो सीएमओ ने एनएसए को मूल तैनाती स्थल पर लौटने के लिए पत्र लिखा। उस समय निगम प्रशासन ने महानगर का काफी बड़ा क्षेत्र होने से कार्यभार अधिक होने और स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 जारी होने का हवाला देते हुए उन्हें रिलीव नहीं किया। लेकिन पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य विभाग एक के बाद एक मामले में कटघरे में खड़ा हो गया। नगर आयुक्त ने पहले निगम में डीजल का खेल पकड़ा और फिर स्वच्छ सर्वेक्षण के नाम पर बढ़ा-चढ़ाकर बनाए गए बिल का फर्जीवाड़ा भी सामने आ गया।
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दूसरी तरफ, सांसद और विधायक की ओर से भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ शासन को पत्र लिखकर शिकायत की गई। पत्र में नियुक्ति, निविदाओं से लेकर भुगतान में अनियमितताएं होने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने आठ अप्रैल को सीएमओ को पत्र लिखकर जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के लिए कहा। जांच समिति के समक्ष एनएसए ने अपना पक्ष भी रखा। इसी बीच बृहस्पतिवार को सीएमओ ने एनएसए को अपने मूल तैनाती स्थल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समथर पर कार्य करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने की भी बात लिखी। पत्र की प्रति नगर आयुक्त के पास भी भेजी गई। नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने बताया कि शुक्रवार को डॉ. धीरेंद्र गुप्ता को नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
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