{"_id":"605f40588ebc3e8ccd2e3235","slug":"lemon-grass-put-on-free-land-jhansi-news-jhs1918698117","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेड़ और बेकार जमीन पर लगाएं लेमन ग्रास, कमाएं मुनाफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेड़ और बेकार जमीन पर लगाएं लेमन ग्रास, कमाएं मुनाफा
विज्ञापन
झांसी। लेमन ग्रास से निकलने वाले तेल की बाजार में बहुत मांग है। इससे निकलने वाला तेल कॉस्मेटिक्स, साबुन, तेल और दवा बनाने वाली कंपनियां उपयोग करती हैं। इस कारण इसकी अच्छी कीमत मिलती है। ऐसे में बुंदेलखंड के किसान खेतों की मेड़, बेकार पड़ी जमीन पर इसे लगाकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।
लेमन ग्रास की नर्सरी बेड तैयार करने का सबसे अच्छा समय मौजूदा मार्च-अप्रैल का महीना है। लेमन ग्रास का फैलाव इसके बढ़ने की प्रकृति पर निर्भर करता है। लेमन ग्रास की बुवाई की गहराई दो-तीन सेंटीमीटर होनी चाहिए। लेमन ग्रास का पौधा लगाने के बाद यह लगभग छह महीने में तैयार हो जाता है। उसके बाद हर 70 से 80 दिनों पर किसान इसकी कटाई कर सकते हैं। साल भर में इस पौधे की तीन से चार बार कटाई की जा सकती है। एक बार पौधा लगाने के बाद किसान को पांच-छह साल तक दोबारा पौधा लगाने से की जरूरत नहीं पड़ती। लेमन ग्रास के इस पौधे को बारहमासी मुनाफा देने वाली फसल भी कहा जाता है। इसकी खेती ज्यादा महंगी भी नहीं है।
ये हैं आंकड़े
भारत में सालाना लगभग 1000 मीट्रिक टन लेमन ग्रास का उत्पादन होता है, जबकि दुनिया में इसकी मांग बहुत अधिक है। इस समय भारत सिर्फ पांच करोड़ रुपये का लेमन ग्रास तेल निर्यात कर रहा है। भारत का लेमन ग्रास तेल की उच्च गुणवत्ता के चलते हमेशा मांग बनी रहती है।
विज्ञापन
कृषि विश्वविद्यालय ने विकसित किया सिस्टम
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने अपने यहां अनजन आधारित सिस्टम विकसित कर लेमन ग्रास लगाई है। विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. पंकज लवानिया ने बताया कि इसकी जड़ को आधे फुट की दूरी पर लगाते हैं। अप्रैल, मई में इसे पानी की जरूरत पड़ती है। तीन महीने में ही एक जड़ से 90 जड़ें तैयार हो जाती हैं। अश्वन विधि से तेल निकालते हैं। मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों के उद्योग में इसका उपयोग करते हैं। एक एकड़ में 1100 से 1200 जड़ें लगती हैं। खेतों की मेड़, बेकार पड़ी जमीन, शहर में घरों की खाली जमीन पर भी लगा सकते हैं। पहले साल दो, फिर अगले सालों से चार-पांच बार घास की कटाई कर सकते हैं। ऐसा करके किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
विज्ञापन
लेमन ग्रास की नर्सरी बेड तैयार करने का सबसे अच्छा समय मौजूदा मार्च-अप्रैल का महीना है। लेमन ग्रास का फैलाव इसके बढ़ने की प्रकृति पर निर्भर करता है। लेमन ग्रास की बुवाई की गहराई दो-तीन सेंटीमीटर होनी चाहिए। लेमन ग्रास का पौधा लगाने के बाद यह लगभग छह महीने में तैयार हो जाता है। उसके बाद हर 70 से 80 दिनों पर किसान इसकी कटाई कर सकते हैं। साल भर में इस पौधे की तीन से चार बार कटाई की जा सकती है। एक बार पौधा लगाने के बाद किसान को पांच-छह साल तक दोबारा पौधा लगाने से की जरूरत नहीं पड़ती। लेमन ग्रास के इस पौधे को बारहमासी मुनाफा देने वाली फसल भी कहा जाता है। इसकी खेती ज्यादा महंगी भी नहीं है।
विज्ञापन
ये हैं आंकड़े
भारत में सालाना लगभग 1000 मीट्रिक टन लेमन ग्रास का उत्पादन होता है, जबकि दुनिया में इसकी मांग बहुत अधिक है। इस समय भारत सिर्फ पांच करोड़ रुपये का लेमन ग्रास तेल निर्यात कर रहा है। भारत का लेमन ग्रास तेल की उच्च गुणवत्ता के चलते हमेशा मांग बनी रहती है।
विज्ञापन
कृषि विश्वविद्यालय ने विकसित किया सिस्टम
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने अपने यहां अनजन आधारित सिस्टम विकसित कर लेमन ग्रास लगाई है। विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. पंकज लवानिया ने बताया कि इसकी जड़ को आधे फुट की दूरी पर लगाते हैं। अप्रैल, मई में इसे पानी की जरूरत पड़ती है। तीन महीने में ही एक जड़ से 90 जड़ें तैयार हो जाती हैं। अश्वन विधि से तेल निकालते हैं। मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों के उद्योग में इसका उपयोग करते हैं। एक एकड़ में 1100 से 1200 जड़ें लगती हैं। खेतों की मेड़, बेकार पड़ी जमीन, शहर में घरों की खाली जमीन पर भी लगा सकते हैं। पहले साल दो, फिर अगले सालों से चार-पांच बार घास की कटाई कर सकते हैं। ऐसा करके किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।