फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   LED light

सोडियम की जगह लेंगी एलईडी लाइट

Thu, 26 Jan 2017 01:24 AM IST
Jhansi
Jhansi Updated Thu, 26 Jan 2017 01:24 AM IST
विज्ञापन
LED light
सोडियम की जगह लेंगी एलईडी लाइट - फोटो : demo

विज्ञापन
बिजली की बचत करने के लिए नगर निगम ने भी कदम आगे बढ़ा दिए हैं। महानगर में बीस हजार बिजली के खंभों पर लगी स्ट्रीट लाइट का लोड कम करने के लिए सोडियम बल्ब के स्थान पर अब एलईडी बल्ब लगाए जाएंगे। इससे करीब पचास फीसदी बिजली की बचत होगी। अभी सालाना एक करोड़ रुपये बिजली के खर्च में जाते हैं, एलईडी लगने के बाद यह खर्च घटकर आधा हो जाएगा। झोकनबाग में एलईडी लाइट लगाने का काम शुरू हो गया है।
अमर उजाला में 24 जनवरी 2017 के अंक में पेज तीन पर ‘डेढ़ साल से कुर्सी को हवा खिला रहा पंखा’ खबर प्रकाशित हुई थी। बिजली की बरबादी की ओर ध्यानाकर्षित करने वाली इस खबर को पढ़कर अमर उजाला के पाठक खाती बाबा निवासी शैलेंद्र निगम ने पत्र भेजकर कहा कि मध्य प्रदेश की विभिन्न नगर पालिकाओं में स्ट्रीट लाइट में बिजली बचाने के लिए सोडियम लाइट के स्थान पर एलईडी लग चुकी है, लेकिन महानगर में अब भी सोडियम लाइट लगी हैं, जिससे अनावश्यक बिजली बरबाद हो रही है। यदि एलईडी लग जाएं तो बिजली की बचत होने लगेगी।
विज्ञापन

पत्र के बाद अमर उजाला ने इस बारे में नगर निगम के अधिकारियों से मुलाकात कर पड़ताल की तो पता चला कि नगर निगम ने बिजली बचाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं। पूरे शहर में बीस हजार स्ट्रीट लाइट लगी हैं। इसमें से 70 वाट की 9,359 सोडियम लाइट, 250 वाट की 10,631 और 400 वाट की 87 सोडियम लाइट लगी हैं। इनसे नगर निगम पर सालाना एक करोड़ रुपये का खर्च आता है। वहीं, झोकनबाग मार्ग पर 66 एलईडी लाइटें लग चुकी हैं। इसके अलावा एलईडी लगाने के लिए सर्वे चल रहा है कि किस तरह बिजली के ज्यादा लोड को कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खराब पड़े टाइमर
वार्ड नंबर चार के पार्षद रविकांत मौर्य व वार्ड नंबर आठ तालपुरा के पार्षद आनंद साहू ने सहायक अभियंता विद्युत से शिकायत करते हुए बताया कि भट्टागांव और खिरकपट्टी में लगे टाइमर खराब पड़े हैं। इससे दिन में भी सोडियम लाइटें जलती रहती हैं। उन्होंने बताया कि एक टाइमर से पचास से साठ लाइटें जुड़ी है। इससे बिजली बर्बाद हो रही है। उन्होंने टाइमर सुधरवाने की मांग की।


400 वाट की लाइटें हटाई जा रहीं
महानगर में लगीं (400 वाट) सोडियम की स्ट्रीट लाइटें हटाई जा रही हैं, क्योंकि इसमें सबसे अधिक बिजली खर्च होती है। पूरे शहर में 400 वाट की 87 लाइटें लगी हैं, जिन्हें हटाने का निर्देश दिया गया है और अब यह धीरे-धीरे हटाई जा रही हैं।

बहुत फर्क पड़ेगा
250 वाट की सोडियम लाइट और 90 वाट की एलईडी लाइट जलाने पर बराबर रोशनी होती है। इस तरह एक सोडियम लाइट के स्थान पर यदि एलईडी लाइट जलाई जाए तो 160 वाट बिजली की बचत होगी। 70 वाट की सोडियम लाइट जलाने पर पंद्रह घंटे में एक यूनिट बिजली खर्च होती है और 250 वाट की सोडियम लाइट जलाने पर चार घंटे में एक यूनिट बिजली खर्च होती है। इस तरह से एक सोडियम लाइट के स्थान पर एलईडी जलाने पर करीब सवा यूनिट बिजली खर्च होगी और नगर निगम का बिजली का बिल घटकर करीब पचास लाख रुपये हो जाएगा।

लगाया जा रहा सौर ऊर्जा प्लांट
नगर निगम कार्यालय में सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जा रहा है। अब तक नगर निगम कार्यालय का बिजली खर्च डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह आता है। प्लांट लगने के बाद नगर निगम कार्यालय मुफ्त में रोशन होने लगेगा। यह प्लांट मार्च के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।



बिजली बचाने की दिशा में हो रहे प्रयास
नगर निगम बिजली बचाने की दिशा में प्रयास कर रहा है। झोकन बाग मार्ग पर एलईडी लगा दी गई हैं। जल्द ही अन्य क्षेत्रों में लगाई जाएंगी। पूरे शहर में एलईडी लगने से करीब पचास लाख रुपये की बिजली बचेगी।   
- सैय्यद रिजवान हैदर जैदी
सहायक अभियंता, बिजली
नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed