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एनसीआरएमयू को भारी पड़ेगी अपने नेताओं की बर्खास्तगी
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झांसी। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मैंस यूनियन के दो पदाधिकारियों की बर्खास्तगी यूनियन पर भारी पड़ सकती है। आरोप लगाकर बर्खास्त किए गए यूनियन नेताओं की बर्खास्तगी के बाद रेलकर्मी भी समर्थन में आ गए हैं। अंदरखाने यूनियन व पदाधिकारियों के खिलाफ आक्रोश पनपने के साथ ही विरोध शुरू हो गया है। रेलकर्मियों ने सदस्यता अभियान की भी तैयारी शुरू कर दी है।
दो दिन पहले यूनियन की शाखा चार के अध्यक्ष एसके सिंह व शाखा सचिव मनोज सिंह बघेल को अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए अपने-अपने पदों से बर्खास्त कर दिया गया है। जिसको लेकर कैडर के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। पता चला है कि इसके लिए कर्मचारी कैडर के ही एक मंडलीय पदाधिकारी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इसको लेकर कर्मचारियों व अन्य शाखा पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया में जमकर भड़ास निकाली। इस मामले में एक यूनियन नेता की साजिश बताई जा रही है।
बर्खास्तगी का फैसला वापस न लेने पर यूनियन कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर सकते हैं। यूनियन से सदस्यता वापसी का भी अभियान चला सकते हैं। इस बात से इलाहाबाद स्थित यूनियन के मुख्यालय तक हड़कंप मचा हुआ है। रेलकर्मियों के मुताबिक मंडल सचिव को विश्वास में लिए बिना कार्रवाई कराई गई है।
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दो दिन पहले यूनियन की शाखा चार के अध्यक्ष एसके सिंह व शाखा सचिव मनोज सिंह बघेल को अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए अपने-अपने पदों से बर्खास्त कर दिया गया है। जिसको लेकर कैडर के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। पता चला है कि इसके लिए कर्मचारी कैडर के ही एक मंडलीय पदाधिकारी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इसको लेकर कर्मचारियों व अन्य शाखा पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया में जमकर भड़ास निकाली। इस मामले में एक यूनियन नेता की साजिश बताई जा रही है।
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बर्खास्तगी का फैसला वापस न लेने पर यूनियन कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर सकते हैं। यूनियन से सदस्यता वापसी का भी अभियान चला सकते हैं। इस बात से इलाहाबाद स्थित यूनियन के मुख्यालय तक हड़कंप मचा हुआ है। रेलकर्मियों के मुताबिक मंडल सचिव को विश्वास में लिए बिना कार्रवाई कराई गई है।
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