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Jhansi News: फर्जी तरीके से जमीन नाम करवाई, दो भाइयों पर मामला दर्ज
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दतिया। कस्बा बड़ौनी में नगर परिषद की फर्जी एनओसी बनवाकर जमीन अपने नाम करने और उस पर कब्जा करने के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों पर मामला दर्ज किया है। मंगलवार को नगर परिषद के तत्कालीन सीएमओ ने बड़ौनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
जुलाई 2019 में नगर परिषद बड़ौनी के तत्कालीन सीएमओ अवधेश कुमार त्रिपाठी के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कस्बा बड़ौनी निवासी दो भाइयों ने हनुमान मंदिर के पीछे की जमीन अपने नाम करा ली। सामने आया कि जो अनापत्ति प्रमाणपत्र नगर परिषद बड़ौनी से बनवाया गया, वह रिकार्ड में दर्ज नहीं है। जांच के बाद तत्कालीन सीएमओ अवधेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार शाम बड़ौनी निवासी सगे भाई विश्वजीत सिंह और रणजीत सिंह पुत्रगण छत्रजीत सिंह बुंदेला निवासी बड़ौनी पर मामला दर्ज कराया। सीएमओ ने पुलिस को 45 पन्नों की जांच रिपोर्ट सौंपी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
गोली मारने के आरोपी को पांच साल का कारावास
दतिया। उधारी के पैसे देने की कहकर एक व्यक्ति ने रेलवे क्रॉसिंग पर जाकर युवक को गोली मार दी थी। जिससे वह घायल हो गया था। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर विवेचना के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के पश्चात न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई है। अभियोजन के मुताबिक सत्येंद्र यादव को प्रकाश कुशवाहा से 80 हजार रूपए लेने थे। 26 सितंबर 2022 को प्रकाश कुशवाहा ने सत्येंद्र यादव से कहा कि मेरे मामा बड़ौनी में रहते हैं। मैं तुम्हें वहीं चलकर रुपये दे देता हूं। इस पर सत्येंद्र यादव अपनी बाइक पर प्रकाश कुशवाहा को बिठाकर बड़ाैनी के लिए जा रहा था। शाम करीब सात बजे जब वह लोग बड़ौनी रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के आगे पहुंचे तभी प्रकाश ने पेशाब करने की कहकर बाइक रोकने के लिए कहा। इस पर सत्येंद्र यादव ने बाइक रोक दी। इसके बाद प्रकाश कुशवाहा ने बाइक से उतरकर जान से मारने की नीयत से सत्येंद्र यादव को तमंचे से गोली मार दी, जो उसके दाहिने कान के ऊपर गर्दन के पास लगी। दतिया अस्पताल में इलाज के बाद उसे ग्वालियर के अस्पताल रेफर किया गया। फरियादी की रिपोर्ट पर बड़ौनी पुलिस ने आरोपी प्रकाश कुशवाहा के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया। विवेचना के उपरांत पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। लगभग 2 वर्ष चले विचारण के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश उत्सव चतुर्वेदी के न्यायालय द्वारा प्रकाश कुशवाहा को सत्येंद्र यादव की मौत का दोषी पाते हुए 5 वर्ष के कारावास एवं चार हजार के जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश पस्तोर ने पैरवी की।
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जुलाई 2019 में नगर परिषद बड़ौनी के तत्कालीन सीएमओ अवधेश कुमार त्रिपाठी के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कस्बा बड़ौनी निवासी दो भाइयों ने हनुमान मंदिर के पीछे की जमीन अपने नाम करा ली। सामने आया कि जो अनापत्ति प्रमाणपत्र नगर परिषद बड़ौनी से बनवाया गया, वह रिकार्ड में दर्ज नहीं है। जांच के बाद तत्कालीन सीएमओ अवधेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार शाम बड़ौनी निवासी सगे भाई विश्वजीत सिंह और रणजीत सिंह पुत्रगण छत्रजीत सिंह बुंदेला निवासी बड़ौनी पर मामला दर्ज कराया। सीएमओ ने पुलिस को 45 पन्नों की जांच रिपोर्ट सौंपी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
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गोली मारने के आरोपी को पांच साल का कारावास
दतिया। उधारी के पैसे देने की कहकर एक व्यक्ति ने रेलवे क्रॉसिंग पर जाकर युवक को गोली मार दी थी। जिससे वह घायल हो गया था। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर विवेचना के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के पश्चात न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई है। अभियोजन के मुताबिक सत्येंद्र यादव को प्रकाश कुशवाहा से 80 हजार रूपए लेने थे। 26 सितंबर 2022 को प्रकाश कुशवाहा ने सत्येंद्र यादव से कहा कि मेरे मामा बड़ौनी में रहते हैं। मैं तुम्हें वहीं चलकर रुपये दे देता हूं। इस पर सत्येंद्र यादव अपनी बाइक पर प्रकाश कुशवाहा को बिठाकर बड़ाैनी के लिए जा रहा था। शाम करीब सात बजे जब वह लोग बड़ौनी रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के आगे पहुंचे तभी प्रकाश ने पेशाब करने की कहकर बाइक रोकने के लिए कहा। इस पर सत्येंद्र यादव ने बाइक रोक दी। इसके बाद प्रकाश कुशवाहा ने बाइक से उतरकर जान से मारने की नीयत से सत्येंद्र यादव को तमंचे से गोली मार दी, जो उसके दाहिने कान के ऊपर गर्दन के पास लगी। दतिया अस्पताल में इलाज के बाद उसे ग्वालियर के अस्पताल रेफर किया गया। फरियादी की रिपोर्ट पर बड़ौनी पुलिस ने आरोपी प्रकाश कुशवाहा के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया। विवेचना के उपरांत पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। लगभग 2 वर्ष चले विचारण के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश उत्सव चतुर्वेदी के न्यायालय द्वारा प्रकाश कुशवाहा को सत्येंद्र यादव की मौत का दोषी पाते हुए 5 वर्ष के कारावास एवं चार हजार के जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश पस्तोर ने पैरवी की।
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