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कृतिका ने बढ़ाया रानी की धरती का मान, यूपीएससी में हासिल की 106वीं रैंक
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आईएएस की खबर में----------लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 106 वीं रेंक पाने वाली झांसी की छात्रा कृति राज अपन?
झांसी। संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा में झांसी की बेटी कृतिका राज ने 106वीं रैंक हासिल कर रानी की धरती का मान बढ़ाया। खास बात ये रही कि उन्होंने ये मुकाम सेल्फ स्टडी कर हासिल किया। इतना ही नहीं, आईएएस की तैयारी के साथ वे समाजसेवा भी करती रहीं। कृतिका ने बताया कि समाजसेवा के जरिये उन्हें समाज के विभिन्न तबकों की जमीनी हकीकत को जानने का मौका मिला। ये अनुभव उनके भविष्य में काम आएगा। लोगों की बेहतरी के लिए वे और भी बेहतर ढंग से काम कर सकेंगी।
मिशन कंपाउंड सर्व नगर निवासी ग्रासलैंड से सेवानिवृत्त राजेंद्र कुमार की पुत्री कृति राज ने शुरुआत से लेकर उच्च शिक्षा तक झांसी में हासिल की। बीआईईटी से कंप्यूटर साइंस से 2014 में बीटेक करने के बाद उन्होंने संघ लोकसेवा आयोग की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए दिल्ली या अन्य कहीं जाने की जगह झांसी में रहकर सेल्फ स्टडी करना ही बेहतर समझा। इसी बीच उन्होंने कल्पवृक्ष वेलफेयर फाउंडेशन के नाम से एनजीओ बनाई और समाजसेवा शुरू कर दी। पहले दो प्रयासों में उन्हें मनचाही सफलता हासिल नहीं हो सकी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए वे लगातार मेहनत करती रहीं। इसका परिणाम शुक्रवार को सामने आया। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में कृति ने 106वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई।
कृतिका ने बताया कि हर किसी को अपना लक्ष्य बनाना चाहिए और उसे हासिल करने की दिशा में पूरी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता राजेंद्र कुमार, मां सरोज और यूरोप में सॉफ्टवेयर इंजीनियर भाई कुशाग्र को दिया।
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मिशन कंपाउंड सर्व नगर निवासी ग्रासलैंड से सेवानिवृत्त राजेंद्र कुमार की पुत्री कृति राज ने शुरुआत से लेकर उच्च शिक्षा तक झांसी में हासिल की। बीआईईटी से कंप्यूटर साइंस से 2014 में बीटेक करने के बाद उन्होंने संघ लोकसेवा आयोग की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए दिल्ली या अन्य कहीं जाने की जगह झांसी में रहकर सेल्फ स्टडी करना ही बेहतर समझा। इसी बीच उन्होंने कल्पवृक्ष वेलफेयर फाउंडेशन के नाम से एनजीओ बनाई और समाजसेवा शुरू कर दी। पहले दो प्रयासों में उन्हें मनचाही सफलता हासिल नहीं हो सकी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए वे लगातार मेहनत करती रहीं। इसका परिणाम शुक्रवार को सामने आया। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में कृति ने 106वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई।
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कृतिका ने बताया कि हर किसी को अपना लक्ष्य बनाना चाहिए और उसे हासिल करने की दिशा में पूरी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता राजेंद्र कुमार, मां सरोज और यूरोप में सॉफ्टवेयर इंजीनियर भाई कुशाग्र को दिया।
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