{"_id":"609ed37e8ebc3e36af2ec3e1","slug":"kissan-samman-nidhi-jhansi-news-jhs194938429","type":"story","status":"publish","title_hn":"1.14 लाख किसानों को मिली सम्मान निधि की आठवीं किस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1.14 लाख किसानों को मिली सम्मान निधि की आठवीं किस्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। किसान सम्मान निधि की आठवीं किस्त जनपद के 1.14 लाख किसानों के खाते में दो - दो हजार रुपये सीधे पहुंच गई। सम्मान निधि की रकम मिलने से किसानों में खुशी है। कोरोना काल में मिली इस रकम से उनको काफी मदद मिल सकेगी।
किसानों की आय दोगुनी करने के इरादे से पीएम किसान सम्मान निधि वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने आरंभ की। इसके तहत हर माह पांच सौ रुपये की धनराशि उनको दी जाती है। कुल आठ किस्त दी जा चुकीं। शुक्रवार को अक्षय तृतीया पर पूरे देश में एक साथ आठवीं किस्त भेजी गई। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में 2.40 लाख किसान पंजीकृत हैं, लेकिन आठवीं किस्त सिर्फ 1.14 लाख किसानों को ही भेजी गई। शेष किसानों के बैंक खाते लिंक न होने से उनको वंचित होना पड़ा।
शुरू में इस योजना के लिए बैंक खाते पंजीकरण जरूरी नहीं था लेकिन, पिछले वर्ष सरकार ने इसे अनिवार्य कर दिया। उसके बाद से यह पूरी प्रक्रिया उलझी हुई है। जनपद में करीब डेढ़ लाख किसान ऐसे भी हैं, जिनको सभी आठों किस्त अभी तक नहीं मिली। पहली किस्त सभी पंजीकृत किसानों को मिली। उसके बाद दूसरी किस्त महज 2,08,840 किसानों को दी गई। तीसरी किस्त 1,86,800 किसानों को मिली। चौथी किस्त में भी किसानों की संख्या घटकर 1,52,481 रह गई। इसी तरह आठवीं किस्त में लाभार्थी किसानों की संख्या घटकर 1.14 लाख ही रह गई। अभी तक जनपद के किसानों को सम्मान निधि के जरिए 48 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। प्रभारी उपनिदेशक का कहना है शेष किसानों की विसंगतियों को भी दूर कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों की आय दोगुनी करने के इरादे से पीएम किसान सम्मान निधि वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने आरंभ की। इसके तहत हर माह पांच सौ रुपये की धनराशि उनको दी जाती है। कुल आठ किस्त दी जा चुकीं। शुक्रवार को अक्षय तृतीया पर पूरे देश में एक साथ आठवीं किस्त भेजी गई। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में 2.40 लाख किसान पंजीकृत हैं, लेकिन आठवीं किस्त सिर्फ 1.14 लाख किसानों को ही भेजी गई। शेष किसानों के बैंक खाते लिंक न होने से उनको वंचित होना पड़ा।
विज्ञापन
शुरू में इस योजना के लिए बैंक खाते पंजीकरण जरूरी नहीं था लेकिन, पिछले वर्ष सरकार ने इसे अनिवार्य कर दिया। उसके बाद से यह पूरी प्रक्रिया उलझी हुई है। जनपद में करीब डेढ़ लाख किसान ऐसे भी हैं, जिनको सभी आठों किस्त अभी तक नहीं मिली। पहली किस्त सभी पंजीकृत किसानों को मिली। उसके बाद दूसरी किस्त महज 2,08,840 किसानों को दी गई। तीसरी किस्त 1,86,800 किसानों को मिली। चौथी किस्त में भी किसानों की संख्या घटकर 1,52,481 रह गई। इसी तरह आठवीं किस्त में लाभार्थी किसानों की संख्या घटकर 1.14 लाख ही रह गई। अभी तक जनपद के किसानों को सम्मान निधि के जरिए 48 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। प्रभारी उपनिदेशक का कहना है शेष किसानों की विसंगतियों को भी दूर कराया जा रहा है।
विज्ञापन