झांसी। संसद से पारित कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ आज किसान संगठनों ने प्रदर्शन करके विरोध जताया। किसानों के इसके विरोध में कानून की प्रतियां जलाई और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को काबू में रखने के लिए जगह-जगह भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले भोजिला मंडी समेत प्रत्येक तहसील स्तर पर किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट ने प्रत्येक तहसील पर प्रदर्शन करते हुए कानून रद्द किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। भोजिला मंडी के अलावा मऊरानीपुर, मोंठ, बंगरा, आदि ब्लॉकों में भी प्रदर्शन हुए। इस दौरान यूनियन नेताओं ने इसे किसानों का गला घोंटने वाला कानून बताया। वक्ताओं ने कहा इस कानून का जमकर विरोध किया जाएगा। इस दौरान जितेंद्र भदौरिया, रवि शंकर गुप्ता, किशोरीलाल, हरिश्चंद्र मिश्रा, दिनकर निषाद, रूप किशोर, लालचंद्र, रमेश थपरियाल, समेत दर्जनों किसान नेता एवं प्रतिनिधि मौजूद थे। उधर, मऊरानीपुर में कांग्रेस अध्यक्ष शिवनारायण सिंह परिहार की अगुवाई में कानून के विरोध में प्रदर्शन हुआ। अध्यक्ष शिवनारायण ने कहा एक तरफ बुंदेलखंड में किसान तबाह होता जा रहा है। खेती चौपट हो जाने से वह अब तक उबर नहीं सका। आत्महत्याओं का दौर बुंदेलखंड में थमने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में किसानों को मरहम लगाने के बजाए सरकार उनकी सांस छीनने की कोशिश कर रही है। कहा, किसानों को उपज का सही दाम भी नहीं मिल रहा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत किसान यूनियन के नेता भी मौजूद रहे।