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Jhansi News: पथरी का समय पर इलाज न कराने से भी खराब हो सकती किडनी
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- मंडलीय इको कांफ्रेंस में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विश्व किडनी दिवस पर एनएचएम द्वारा मंडलीय इको कांफ्रेंस में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि लंबे समय तक दर्द निवारक दवाएं खाने, गुर्दे की पथरी का समय पर इलाज न कराने से किडनी खराब हो सकती है। सिगरेट, बीड़ी पीना और मोटापा से भी किडनी की बीमारी होने का खतरा रहता है।
एनएचएम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने बताया कि मंडल के तीनों जिलों के जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री डायलिसिस कार्यक्रम के तहत पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस इकाइयां संचालित हैं। इससे किडनी रोगियों की सहायता की जा रही है। मंडल में रोजाना करीब 725 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। मेडिकल कॉलेज की कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की डॉ. सुधा शर्मा ने बताया कि किडनी की बीमारी के मुख्य कारणों में डायबिटीज और उच्च रक्तचाप है। किडनी के लक्षणों को नजरअंदाज करने पर डायलिसिस या फिर किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत भी पड़ सकती है। एडी हेल्थ डॉ. आरके सोनी, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए।
बीमारी के लक्षण
....................
- खून की कमी
- भूख न लगना
- रात को बार-बार यूरिन जाना
मंडल में डायलिसिस के आंकड़े
........................................
जनपद डायलिसिस हुईं
जालौन 7723
झांसी 6526
ललितपुर 5641
(नोट: मौजूदा वित्तीय वर्ष में जिला अस्पतालों में हुईं नि:शुल्क डायलिसिस।)
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विश्व किडनी दिवस पर एनएचएम द्वारा मंडलीय इको कांफ्रेंस में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि लंबे समय तक दर्द निवारक दवाएं खाने, गुर्दे की पथरी का समय पर इलाज न कराने से किडनी खराब हो सकती है। सिगरेट, बीड़ी पीना और मोटापा से भी किडनी की बीमारी होने का खतरा रहता है।
एनएचएम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने बताया कि मंडल के तीनों जिलों के जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री डायलिसिस कार्यक्रम के तहत पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस इकाइयां संचालित हैं। इससे किडनी रोगियों की सहायता की जा रही है। मंडल में रोजाना करीब 725 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। मेडिकल कॉलेज की कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की डॉ. सुधा शर्मा ने बताया कि किडनी की बीमारी के मुख्य कारणों में डायबिटीज और उच्च रक्तचाप है। किडनी के लक्षणों को नजरअंदाज करने पर डायलिसिस या फिर किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत भी पड़ सकती है। एडी हेल्थ डॉ. आरके सोनी, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए।
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बीमारी के लक्षण
....................
- खून की कमी
- भूख न लगना
- रात को बार-बार यूरिन जाना
मंडल में डायलिसिस के आंकड़े
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जनपद डायलिसिस हुईं
जालौन 7723
झांसी 6526
ललितपुर 5641
(नोट: मौजूदा वित्तीय वर्ष में जिला अस्पतालों में हुईं नि:शुल्क डायलिसिस।)