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दूरी रखी कई अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों ने
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:20 AM IST
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school , jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। दुर्बल वर्ग एवं अलाभित समूह के बच्चों को कक्षा एक व नर्सरी में प्रवेश देने संबंधी बुलाई गई बेसिक शिक्षा विभाग की बैठक में आमंत्रित अंग्रेजी माध्यम के 32 स्कूलों में सिर्फ 17 स्कूलों ने प्रतिभाग किया। बैठक से उन नामचीन स्कूलों ने दूरी बनाई रखी, जो अपनी हाई फाई शिक्षण प्रणाली बतौर जाने जाते है।
बेसिक शिक्षा कार्यालय में सोमवार को सीबीएसई एवं आईसीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में बीएसए सर्वदानंद ने कहा कि शिक्षा सभी बच्चों को अधिकार है और राइट टू एजुकेशन के तहत अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दुर्बल व अलाभित समूह के बच्चों को अपने यहां हर हाल में प्रवेश दे, यानि कक्षा की कुल संख्या का 25 प्रतिशत।
नगर खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा ने कहा कि एक किमी के दायरे में अगर सरकारी स्कूल नहीं है, तो अभिभावक अपने बच्चे का आवेदन इन स्कूलों में करने के लिए दे सकता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय गरीब एवं अलाभित वर्ग के बच्चों को स्वयं तलाश कर उन्हें अपने यहां प्रवेश दिलाए।
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इस अवसर पर एबीआरसी चौधरी धर्मेंद्र सिंह, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अयोध्या प्रसाद प्रजापति, जिला समन्वयक रत्नेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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बेसिक शिक्षा कार्यालय में सोमवार को सीबीएसई एवं आईसीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में बीएसए सर्वदानंद ने कहा कि शिक्षा सभी बच्चों को अधिकार है और राइट टू एजुकेशन के तहत अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दुर्बल व अलाभित समूह के बच्चों को अपने यहां हर हाल में प्रवेश दे, यानि कक्षा की कुल संख्या का 25 प्रतिशत।
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नगर खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा ने कहा कि एक किमी के दायरे में अगर सरकारी स्कूल नहीं है, तो अभिभावक अपने बच्चे का आवेदन इन स्कूलों में करने के लिए दे सकता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय गरीब एवं अलाभित वर्ग के बच्चों को स्वयं तलाश कर उन्हें अपने यहां प्रवेश दिलाए।
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इस अवसर पर एबीआरसी चौधरी धर्मेंद्र सिंह, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अयोध्या प्रसाद प्रजापति, जिला समन्वयक रत्नेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।