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कानपुर डबल ट्रैक: 900 करोड़ बढ़ी लागत, पांच साल में 87 किमी रास्ता ही खुल सका

Wed, 01 Sep 2021 06:26 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Wed, 01 Sep 2021 06:26 PM IST
सार

कानपुर डबल ट्रैक पर काम की धीमी गति के कारण लागत ग्यारह सौ करोड़ से बढ़कर दो हजार करोड़ पर पहुंच गई है। 11 साल में लागत दो गुना बढ़ चुकी है, लेकिन काम की रफ्तार धीमी ही है। आलम यह है कि 206 किमी में से अब तक महज 87 किलोमीटर का रास्ता ही खोला जा सका है। दिसंबर तक 49 किलोमीटर और रास्ता खोलने की तैयारी चल रही है।

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kanpur double track, 900 crore expenditure increased
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 साल 2010 में झांसी-कानपुर दूसरी लाइन डालने की योजना तैयार की गई थी, उस समय अनुमानित लागत 1100 करोड़ थी। योजना के लिए 2013-14 के बजट में उक्त धनराशि स्वीकृत की गई थी। इसमें झांसी-भीमसेन के बीच 206 किलोमीटर तक काम होना है। कानपुर डबल ट्रैक पर काम की धीमी गति के कारण लागत ग्यारह सौ करोड़ से बढ़कर दो हजार करोड़ पर पहुंच गई है।

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11 साल में लागत दो गुना बढ़ चुकी है, लेकिन काम की रफ्तार धीमी ही है। आलम यह है कि 206 किमी में से अब तक महज 87 किलोमीटर का रास्ता ही खोला जा सका है। दिसंबर तक 49 किलोमीटर और रास्ता खोलने की तैयारी चल रही है। इसकी जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपी गई है। यह काम तीन कंपनियों को सौंपा। झांसी से एरच रोड स्टेशन (66 किलोमीटर) तक 265 करोड़ रुपये का काम मुंबई की कंपनी जीएमआर और एरच रोड से उसरगांव (70 किलोमीटर) तक 288 करोड़ रुपये का काम बंगलूरू की कंपनी केईसी कर रही है।
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नए फुट ओवरब्रिज की तैयारी
उसरगांव से भीमसेन (69 किलोमीटर) तक का 264 करोड़ रुपये का काम हैदराबाद की कंपनी एसईडब्लू को सौंपा गया था, लेकिन यह कंपनी बीच में ही काम छोड़कर चली गई। छूटे काम को चाइना रेल कंपनी डी 21 और हैदराबाद की श्री श्रीनिवासन कंस्ट्रक्शन (एससीएल) कंपनी पूरा कर रही है। इस योजना की लागत अब दो हजार करोड़ पर पहुंच गई है। अभी तक 17 सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। दरअसल, रास्ते में पड़ने वाले सभी स्टेशनों के प्लेटफार्म कोच की सीढ़ियों के बराबर तैयार किए जा रहे हैं। पहले इसमें बदलाव नहीं होना था। प्लेटफार्म ऊंचे होने से हर स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। पहले दो फुट ओवरब्रिज बनने थे, जिनकी संख्या अब 21 पर पहुंच गई है। एक फुट ओवरब्रिज को बनाने में करीब चार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। स्टेशनों की बिल्डिंग में बदलाव व पांच स्टेशन नए बनाए गए हैं।
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दिसंबर तक खुलेगा 49 किलोमीटर डबल ट्रैक
कानपुर डबल ट्रैक पर झांसी- पारीछा के बीच 24 किलोमीटर, पारीछा से नंदखास के बीच 19 और पिरौना- एट, भुआ स्टेशन के बीच 27 किलोमीटर व सरसोकी व उसरगांव तक डबल ट्रैक (17.585) रेल लाइन चालू हो चुकी है। आरवीएनएल अब दिसंबर 2021 तक नंदखास से पिरौना के बीच 32 किलोमीटर और भुआ से सरसोकी के बीच 17 किलोमीटर ट्रैक खोलने जा रहा है। रेल लाइन डालने का काम पूरा कर लिया गया है। मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण होना बाकी रह गया है। सीआरएस के लिए दस्तावेज भेज दिए गए हैं।
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