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कबाड़ नीति : पुराने वाहन पर रियायत की आस में वाहन स्वामी
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कबाड़ नीति को लेकर शासन ने अब तक स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए है।
- फोटो : ????? ????
कबाड़ नीति : पुराने वाहन पर रियायत की आस में वाहन स्वामी
झांसी। पुराना वाहन बेचकर नए वाहन की खरीद में मिलने वाली छूट को लेकर जिले के वाहन स्वामी असमंजस में हैं। आलम यह है कि वाहन स्वामी अपने पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं करा रहे हैं। जबकि विभाग की ओर से वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कबाड़ नीति को लेकर स्पष्ट निर्देश न मिलने से विभाग भी वाहन स्वामियों को कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है।
जिले में 126208 वाहन 15 साल पुराने हैं। इनके नवीनीकरण के लिए परिवहन विभाग वाहन स्वामियों को नोटिस दे चुका है, लेकिन लोग नवीनीकरण कराने के लिए नहीं आ रहे हैं। हर महीने विभाग में करीब 400 नवीनीकरण हुआ करते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा 250 के आसपास आ गया है। बताया जाता है कि पिछले दिनों आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कबाड़ नीति लागू करने की घोषणा की थी। जिसके तहत 20 साल से अधिक निजी और 15 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों को कंपनी में जमा कर नया वाहन खरीदने पर पांच फीसदी की रियायत मिलने की बात कही गई थी। इसे लेकर वाहन स्वामियों में उत्साह नजर आ रहा है। हालांकि अब तक इसे लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं कि किस आधार पर रियायत दी जाएगी। ऐसे में वाहन स्वामी एक अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं। वाहन स्वामियों को उम्मीद है कि नई कबाड़ नीति से उनको पुराना देकर नए वाहन में छूट मिलेगी। उधर, विभाग लगातार वाहन स्वामियों को नोटिस और संपर्क कर नवीनीकरण कराने के लिए कह रहा है। एआरटीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि नई कबाड़ नीति को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है। निर्देश आने के बाद व्यवस्था शुरू की जाएगी।
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झांसी। पुराना वाहन बेचकर नए वाहन की खरीद में मिलने वाली छूट को लेकर जिले के वाहन स्वामी असमंजस में हैं। आलम यह है कि वाहन स्वामी अपने पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं करा रहे हैं। जबकि विभाग की ओर से वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कबाड़ नीति को लेकर स्पष्ट निर्देश न मिलने से विभाग भी वाहन स्वामियों को कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है।
जिले में 126208 वाहन 15 साल पुराने हैं। इनके नवीनीकरण के लिए परिवहन विभाग वाहन स्वामियों को नोटिस दे चुका है, लेकिन लोग नवीनीकरण कराने के लिए नहीं आ रहे हैं। हर महीने विभाग में करीब 400 नवीनीकरण हुआ करते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा 250 के आसपास आ गया है। बताया जाता है कि पिछले दिनों आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कबाड़ नीति लागू करने की घोषणा की थी। जिसके तहत 20 साल से अधिक निजी और 15 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों को कंपनी में जमा कर नया वाहन खरीदने पर पांच फीसदी की रियायत मिलने की बात कही गई थी। इसे लेकर वाहन स्वामियों में उत्साह नजर आ रहा है। हालांकि अब तक इसे लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं कि किस आधार पर रियायत दी जाएगी। ऐसे में वाहन स्वामी एक अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं। वाहन स्वामियों को उम्मीद है कि नई कबाड़ नीति से उनको पुराना देकर नए वाहन में छूट मिलेगी। उधर, विभाग लगातार वाहन स्वामियों को नोटिस और संपर्क कर नवीनीकरण कराने के लिए कह रहा है। एआरटीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि नई कबाड़ नीति को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है। निर्देश आने के बाद व्यवस्था शुरू की जाएगी।
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