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जूनियर डॉक्टर की आंशिक हड़ताल के बाद खुल गई अस्थायी कैंटीन
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मेडिकल कॉलेज, झांसी
- फोटो : ???? ????
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जूनियर डॉक्टर की आंशिक हड़ताल के बाद खुल गई अस्थायी कैंटीन
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को कैंटीन की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने आंशिक हड़ताल कर दी। कुछ देर के लिए जूनियर डॉक्टरों ने गेट नंबर एक के पास एकत्र होकर सभा की। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई। बाद में कैफेटेरिया में अस्थायी कैंटीन खोलने की मंजूरी मिल गई।
इमरजेंसी के बगल में खुली कैंटीन में कॉलेज प्रशासन द्वारा ताला लगा देने के बाद जूनियर डॉक्टर विरोध में उतर आए थे। इसके बाद से लगातार जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन कॉलेज प्रशासन से स्थायी कैंटीन की व्यवस्था कराने की मांग कर रहा था। बीते सोमवार को प्राचार्य को प्रार्थनापत्र सौंपकर जूनियर डॉक्टरों ने मांग की थी कि उनके बैठने-उठने, खाने-पीने के लिए कॉलेज परिसर में स्थायी व्यवस्था नहीं है।
जो कैंटीन बंद की गई है, वहां ठेला लगवाकर चाय-पानी की व्यवस्था की गई है। यह ठेला नाली के पास लगा है, इसलिए संक्रमण फैलने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में जल्द स्थायी कैंटीन की व्यवस्था की जाए। कोई कार्रवाई न होने पर शुक्रवार से जूडा ने हड़ताल की चेतावनी दे दी थी। सुबह जूनियर डॉक्टरों ने गेट नंबर एक के पास इकट्ठा होकर सभा की। उन्होंने फिर से स्थायी कैंटीन की मांग उठाई। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजया शर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुला ली। जूनियर डॉक्टरों से भी बात की गई। बाद में प्रभारी प्राचार्य ने गेट नंबर एक के पास कैफेटेरिया में अस्थायी कैंटीन खोलने की मंजूरी दे दी।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को कैंटीन की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने आंशिक हड़ताल कर दी। कुछ देर के लिए जूनियर डॉक्टरों ने गेट नंबर एक के पास एकत्र होकर सभा की। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई। बाद में कैफेटेरिया में अस्थायी कैंटीन खोलने की मंजूरी मिल गई।
इमरजेंसी के बगल में खुली कैंटीन में कॉलेज प्रशासन द्वारा ताला लगा देने के बाद जूनियर डॉक्टर विरोध में उतर आए थे। इसके बाद से लगातार जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन कॉलेज प्रशासन से स्थायी कैंटीन की व्यवस्था कराने की मांग कर रहा था। बीते सोमवार को प्राचार्य को प्रार्थनापत्र सौंपकर जूनियर डॉक्टरों ने मांग की थी कि उनके बैठने-उठने, खाने-पीने के लिए कॉलेज परिसर में स्थायी व्यवस्था नहीं है।
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जो कैंटीन बंद की गई है, वहां ठेला लगवाकर चाय-पानी की व्यवस्था की गई है। यह ठेला नाली के पास लगा है, इसलिए संक्रमण फैलने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में जल्द स्थायी कैंटीन की व्यवस्था की जाए। कोई कार्रवाई न होने पर शुक्रवार से जूडा ने हड़ताल की चेतावनी दे दी थी। सुबह जूनियर डॉक्टरों ने गेट नंबर एक के पास इकट्ठा होकर सभा की। उन्होंने फिर से स्थायी कैंटीन की मांग उठाई। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजया शर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुला ली। जूनियर डॉक्टरों से भी बात की गई। बाद में प्रभारी प्राचार्य ने गेट नंबर एक के पास कैफेटेरिया में अस्थायी कैंटीन खोलने की मंजूरी दे दी।
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