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फागुन की मस्ती में झूमे हुरियारे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2016 11:15 PM IST
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holi, lalitpur news
- फोटो : demopic
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ललितपुर। दुविधा के बीच हुए होलिका दहन के बाद बुधवार की सुबह बच्चों से शुरू हुई रंगों की होली दोपहर तक नौजवानों व बड़ों की होली में तब्दील हो गई। शहर में उत्साह व खुशियों के साथ होली का पर्व शांति व सौहार्द से मनाया गया। लोगों ने आपसी सद्भाव के साथ होली खेलते हुए एक-दूसरे को बधाई दी।
मंगलवार की रात्रि में होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर दुविधा थी। इससे किसी ने रात्रि साढ़े ग्यारह बजे तो किसी ने सुबह साढ़े तीन बजे से होलिका दहन किया। बुधवार की सुबह से ही रंगों का पर्व होली उत्साह और उमंग के साथ शुरू हो गया। सबसे पहले बच्चों ने होली की शुरुआत की। सुबह के नाश्ता की सुध भूले बच्चों ने अपने पड़ोसी दोस्तों के साथ होली की शुरुआत की। हाथों में गुलाल, नीले, पीले, हरे, सफेद आदि रंगों से एक-दूसरे के गालों को रंगीन कर दिया। रंगों से रंगीन बच्चों को घर वाले भी पहचान नहीं सके। बच्चों की थकावट रंगों के जोश में कम नहीं हुई। बच्चों से शुरू हुआ होली का उत्साह दोपहर तक नौजवानों, बड़ों, महिलाओं व बुजुर्गों में बदल गया।
दोपहर में हुरियारों की टोलियों ने बाल्टियों में रंगों को घोलकर खूब होली खेली। कोई हरा, पीला तो कोई नीला, सफेद और लाल रंग में रंगा नजर आया। हुरियारों की टोलियों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर दोस्तों को होली के रंग में रंग दिया। कुछ लोग बचते हुए नजर आए, लेकिन आखिर दोस्तों से कब तक बच पाते। होली खेलने घर पहुंचे इष्ट मित्रों का स्वागत मावा की बनी रसभरी गुझिया, बेसन की पपड़िया एवं अन्य मिष्ठान खिलाकर किया गया। वहीं, रिश्तेदारों, इष्ट मित्रों एवं संबंधियों ने एक- दूसरे को मोबाइल मैसेज, व्हाट्सएप और फेसबुक पर मैसेज भेजकर होली की शुभकामनाएं दी। वहीं, वन विभाग कैंपस में परंपरागत होली मनाई गई।
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शहर के मुहल्ला चौबयाना, मऊठाना, महावीरपुरा, तलैयापुरा, अजीतापुरा, गांधी नगर सूचना केंद्र के पास, चंडी मंदिर, आजादपुरा, रामनगर, वंशीपुरा, सदनशाह, चांदमारी, आजादचौक, तालाबपुरा, लक्ष्मीपुरा आदि मुहल्लों में रंगों का त्योहार होली खूब उमंग व खुशियों के बीच आपसी सौहार्द व प्रेम के साथ मनाया गया।
शौकीनों को मिला असमंजस का लाभ
ललितपुर। होली 23 मार्च को होगी या 24 मार्च को, इस असमंजस में जिला प्रशासन भी दुविधा रहा। डीएम के आदेेश पर आबकारी विभाग द्वारा 24 मार्च को मदिरा और भांग की दुकानें बंद रखने के आदेश जारी किए गए, जबकि जनपद में मंगलवार की देर रात्रि होलिका दहन होने के कारण अगले दिन बुधवार को रंगों का पर्व होली मनाया गया। ऐसे में शराब व भांग की दुकानें खुली रहीं। शौकीनों को इसका भरपूर लाभ मिला और दिन भर मौज मस्ती करते हुए झूमते-नाचते दिखाई दिए। कइयों ने तो दूसरे दिन यानि बृहस्पतिवार का इंतजाम भी एक दिन पूर्व ही कर लिया।
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मंगलवार की रात्रि में होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर दुविधा थी। इससे किसी ने रात्रि साढ़े ग्यारह बजे तो किसी ने सुबह साढ़े तीन बजे से होलिका दहन किया। बुधवार की सुबह से ही रंगों का पर्व होली उत्साह और उमंग के साथ शुरू हो गया। सबसे पहले बच्चों ने होली की शुरुआत की। सुबह के नाश्ता की सुध भूले बच्चों ने अपने पड़ोसी दोस्तों के साथ होली की शुरुआत की। हाथों में गुलाल, नीले, पीले, हरे, सफेद आदि रंगों से एक-दूसरे के गालों को रंगीन कर दिया। रंगों से रंगीन बच्चों को घर वाले भी पहचान नहीं सके। बच्चों की थकावट रंगों के जोश में कम नहीं हुई। बच्चों से शुरू हुआ होली का उत्साह दोपहर तक नौजवानों, बड़ों, महिलाओं व बुजुर्गों में बदल गया।
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दोपहर में हुरियारों की टोलियों ने बाल्टियों में रंगों को घोलकर खूब होली खेली। कोई हरा, पीला तो कोई नीला, सफेद और लाल रंग में रंगा नजर आया। हुरियारों की टोलियों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर दोस्तों को होली के रंग में रंग दिया। कुछ लोग बचते हुए नजर आए, लेकिन आखिर दोस्तों से कब तक बच पाते। होली खेलने घर पहुंचे इष्ट मित्रों का स्वागत मावा की बनी रसभरी गुझिया, बेसन की पपड़िया एवं अन्य मिष्ठान खिलाकर किया गया। वहीं, रिश्तेदारों, इष्ट मित्रों एवं संबंधियों ने एक- दूसरे को मोबाइल मैसेज, व्हाट्सएप और फेसबुक पर मैसेज भेजकर होली की शुभकामनाएं दी। वहीं, वन विभाग कैंपस में परंपरागत होली मनाई गई।
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शहर के मुहल्ला चौबयाना, मऊठाना, महावीरपुरा, तलैयापुरा, अजीतापुरा, गांधी नगर सूचना केंद्र के पास, चंडी मंदिर, आजादपुरा, रामनगर, वंशीपुरा, सदनशाह, चांदमारी, आजादचौक, तालाबपुरा, लक्ष्मीपुरा आदि मुहल्लों में रंगों का त्योहार होली खूब उमंग व खुशियों के बीच आपसी सौहार्द व प्रेम के साथ मनाया गया।
शौकीनों को मिला असमंजस का लाभ
ललितपुर। होली 23 मार्च को होगी या 24 मार्च को, इस असमंजस में जिला प्रशासन भी दुविधा रहा। डीएम के आदेेश पर आबकारी विभाग द्वारा 24 मार्च को मदिरा और भांग की दुकानें बंद रखने के आदेश जारी किए गए, जबकि जनपद में मंगलवार की देर रात्रि होलिका दहन होने के कारण अगले दिन बुधवार को रंगों का पर्व होली मनाया गया। ऐसे में शराब व भांग की दुकानें खुली रहीं। शौकीनों को इसका भरपूर लाभ मिला और दिन भर मौज मस्ती करते हुए झूमते-नाचते दिखाई दिए। कइयों ने तो दूसरे दिन यानि बृहस्पतिवार का इंतजाम भी एक दिन पूर्व ही कर लिया।