{"_id":"629babcdae451b2f8206baf8","slug":"jhansi-zoo-to-be-built-on-the-lines-of-singapore-jhansi-news-jhs22216828","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंगापुर की तर्ज पर बनेगा झांसी का चिड़ियाघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंगापुर की तर्ज पर बनेगा झांसी का चिड़ियाघर
विज्ञापन
झांसी। वन विभाग द्वारा गढ़मऊ झील के पास 125 एकड़ में चिड़ियाघर बनने की योजना को तैयार किया गया है। है। योजना के तहत सिंगापुर की तर्ज पर नाइट सफारी (रात में जानवरों को देखने की व्यवस्था) की व्यवस्था की जाएगी। वहीं जर्मनी के फ्रैंकफर्ट जू की तरह माइनस डिग्री तापमान में रहने वाले जलीय जीव-जंतुओं को रखने की व्यवस्था भी होगी।
वन विभाग के अधिकारियों द्वारा बनाई गई योजना के तहत चिड़ियाघर में नाइट सफारी की व्यवस्था की जाएगी। इससे सैलानी दिन के अलावा रात में भी चिड़ियाघर घूम सकेंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक रात में घूमने के लिए विभाग द्वारा विशेष वाहनों की व्यवस्था भी की जाएगी। इन वाहनों में बैठकर आधुनिक लाइटों की रोशनी में चिड़ियाघर का भ्रमण किया जा सकेगा। वहीं चिड़ियाघर में जर्मनी स्थित फ्रैंटफर्ट जू की तरह ही जलीय जीव जंतुओं को रखा जाएगा। इसके तहत माइनस डिग्री तापमान में रहने वाले पेंग्विन, सील, अफ्रीकी दरियाई घोड़ा सहित कई जलीय जीवों को रखा जाएगा। जलीय जीव जंतुओं के लिए तापमान उनकी जरूरत के हिसाब से रखा जाएगा। इन्हें देखने के लिए बाहरी दीवारों पर कांच लगाया जाएगा।
चिड़ियाघर में नाइट सफारी के साथ ही जर्मनी के फ्रैंकफर्ट जू की तरह माइनस डिग्री सेल्सियस तापमान में रहने वाले जलीय जीव जंतुओं को रखने की व्यवस्था की जाएगी। योजना को तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
पीपी सिंह, मुख्य वन संरक्षक, बुंदेलखंड जोन
विज्ञापन
वन विभाग के अधिकारियों द्वारा बनाई गई योजना के तहत चिड़ियाघर में नाइट सफारी की व्यवस्था की जाएगी। इससे सैलानी दिन के अलावा रात में भी चिड़ियाघर घूम सकेंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक रात में घूमने के लिए विभाग द्वारा विशेष वाहनों की व्यवस्था भी की जाएगी। इन वाहनों में बैठकर आधुनिक लाइटों की रोशनी में चिड़ियाघर का भ्रमण किया जा सकेगा। वहीं चिड़ियाघर में जर्मनी स्थित फ्रैंटफर्ट जू की तरह ही जलीय जीव जंतुओं को रखा जाएगा। इसके तहत माइनस डिग्री तापमान में रहने वाले पेंग्विन, सील, अफ्रीकी दरियाई घोड़ा सहित कई जलीय जीवों को रखा जाएगा। जलीय जीव जंतुओं के लिए तापमान उनकी जरूरत के हिसाब से रखा जाएगा। इन्हें देखने के लिए बाहरी दीवारों पर कांच लगाया जाएगा।
विज्ञापन
चिड़ियाघर में नाइट सफारी के साथ ही जर्मनी के फ्रैंकफर्ट जू की तरह माइनस डिग्री सेल्सियस तापमान में रहने वाले जलीय जीव जंतुओं को रखने की व्यवस्था की जाएगी। योजना को तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
पीपी सिंह, मुख्य वन संरक्षक, बुंदेलखंड जोन