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Jhansi: बीस माह लंबे उपचार के बाद घायल ने तोड़ा दम, पानी की टिकिया खाते समय हुआ था हादसा
Wed, 24 Sep 2025 08:43 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 24 Sep 2025 08:43 AM IST
सार
घर लौटते समय आरा मशीन के पास रास्ते में खड़े होकर पानी की टिकिया खाने लगे। उसी समय एक कार ने उनको टक्कर मार दी थी। संतोष को कई जगह चोट आई।
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झांसी मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
विस्तार
बबीना में आरा मशीन के पास सड़क के किनारे खड़े होकर पानी की टिकिया खाते समय हादसे का शिकार हुए बबीना के घिसौली गांव निवासी संतोष राजपूत (49) ने बीस माह लंबे उपचार के बाद मंगलवार को दम तोड़ दिया।
संतोष को 27 जनवरी 2024 को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तब से उनका उपचार चल रहा था। परिजनों ने बताया कि संतोष प्राइवेट काम कर परिवार चलाता था। 27 जनवरी की शाम घर लौटते समय आरा मशीन के पास रास्ते में खड़े होकर पानी की टिकिया खाने लगे। उसी समय एक कार ने उनको टक्कर मार दी थी। संतोष को कई जगह चोट आई। वह कोमा में चले गए। मेडिकल कॉलेज में करीब एक महीना भर्ती रहे। इसके बाद उनका ग्वालियर में भी उपचार चला।
परिजनों का कहना है उपचार में करीब बीस लाख रुपये खर्च हो गया। उनकी मौत के बाद परिवार में रोना-पिटना मच गया। पत्नी समेत चार बेटा-बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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संतोष को 27 जनवरी 2024 को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तब से उनका उपचार चल रहा था। परिजनों ने बताया कि संतोष प्राइवेट काम कर परिवार चलाता था। 27 जनवरी की शाम घर लौटते समय आरा मशीन के पास रास्ते में खड़े होकर पानी की टिकिया खाने लगे। उसी समय एक कार ने उनको टक्कर मार दी थी। संतोष को कई जगह चोट आई। वह कोमा में चले गए। मेडिकल कॉलेज में करीब एक महीना भर्ती रहे। इसके बाद उनका ग्वालियर में भी उपचार चला।
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परिजनों का कहना है उपचार में करीब बीस लाख रुपये खर्च हो गया। उनकी मौत के बाद परिवार में रोना-पिटना मच गया। पत्नी समेत चार बेटा-बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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