{"_id":"6a4dfde4df677d8d040c6c54","slug":"jhansi-the-collective-croaking-of-yellow-frogs-fills-the-air-after-the-rains-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: बरसात के बाद गूंजने लगी पीले मेंढकों की सामूहिक टर्र-टर्र, प्रकृति प्रेमियों के लिए बना आकर्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: बरसात के बाद गूंजने लगी पीले मेंढकों की सामूहिक टर्र-टर्र, प्रकृति प्रेमियों के लिए बना आकर्षण
Wed, 08 Jul 2026 01:50 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:50 PM IST
सार
बारिश के बाद रक्सा क्षेत्र में इन दिनों पीले रंग के मेंढकों की सामूहिक आवाज लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। इस प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
रक्सा क्षेत्र में पानी में उछलते पीले मेंढ़क।
- फोटो : संवाद
विस्तार
मानसून की झमाझम बारिश के बाद रक्सा क्षेत्र में इन दिनों पीले रंग के मेंढकों की सामूहिक आवाज लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। शाम ढलते ही खेतों, तालाबों और जलभराव वाले स्थानों पर सैकड़ों मेंढक एक साथ टर्र-टर्र करने लगते हैं, जिससे पूरा इलाका गूंज उठता है।
प्रजनन काल में बदल जाता है रंग
ग्रामीणों के अनुसार हर साल अच्छी बारिश के बाद कुछ दिनों के लिए यह नजारा देखने को मिलता है। सामान्य दिनों में मिट्टी के रंग में दिखाई देने वाले ये मेंढक प्रजनन काल के दौरान चमकीले पीले रंग के हो जाते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह रंग परिवर्तन नर मेंढकों में प्रजनन के मौसम का प्राकृतिक संकेत होता है, जिससे वे मादा को आकर्षित करते हैं। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि खेतों में सैकड़ों पीले मेंढकों की मौजूदगी किसी क्षेत्र के स्वस्थ पर्यावरण और पर्याप्त नमी का संकेत मानी जाती है। बारिश के बाद इनके एक साथ बाहर आने और सामूहिक स्वर में आवाज लगाने का उद्देश्य साथी को आकर्षित करना और प्रजनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होता है।
पारिस्थितिकी तंत्र का है महत्वपूर्ण हिस्सा
रक्सा क्षेत्र में इन दिनों शाम के समय लोग इस प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए भी पहुंच रहे हैं। खेतों और जलभराव वाले स्थानों पर गूंजती मेंढकों की सामूहिक आवाज मानसून के आगमन का अहसास कराती है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जैव विविधता के संरक्षण के लिए ऐसे जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि ये कीटों की संख्या नियंत्रित करने के साथ पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
विज्ञापन
पीले मेंढ़कों का वीडियो...
विज्ञापन
प्रजनन काल में बदल जाता है रंग
ग्रामीणों के अनुसार हर साल अच्छी बारिश के बाद कुछ दिनों के लिए यह नजारा देखने को मिलता है। सामान्य दिनों में मिट्टी के रंग में दिखाई देने वाले ये मेंढक प्रजनन काल के दौरान चमकीले पीले रंग के हो जाते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह रंग परिवर्तन नर मेंढकों में प्रजनन के मौसम का प्राकृतिक संकेत होता है, जिससे वे मादा को आकर्षित करते हैं। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि खेतों में सैकड़ों पीले मेंढकों की मौजूदगी किसी क्षेत्र के स्वस्थ पर्यावरण और पर्याप्त नमी का संकेत मानी जाती है। बारिश के बाद इनके एक साथ बाहर आने और सामूहिक स्वर में आवाज लगाने का उद्देश्य साथी को आकर्षित करना और प्रजनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होता है।
विज्ञापन
पारिस्थितिकी तंत्र का है महत्वपूर्ण हिस्सा
रक्सा क्षेत्र में इन दिनों शाम के समय लोग इस प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए भी पहुंच रहे हैं। खेतों और जलभराव वाले स्थानों पर गूंजती मेंढकों की सामूहिक आवाज मानसून के आगमन का अहसास कराती है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जैव विविधता के संरक्षण के लिए ऐसे जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि ये कीटों की संख्या नियंत्रित करने के साथ पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
विज्ञापन
पीले मेंढ़कों का वीडियो...
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन