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Jhansi: यूजीसी नए प्रावधानों से नाराज छात्रों का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन, खून से लिखा पत्र राष्ट्रपति को भेजा
Thu, 29 Jan 2026 01:09 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:09 PM IST
सार
हाथों में बैनर-पोस्टर लिये छात्रों का कहना था कि इससे सामान्य जाति एवं आरक्षित वर्ग के छात्रोें में टकराव की स्थिति बनेगी। इस नियम को तत्काल खत्म किए जाने की आवश्यकता है।
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : संवाद
विस्तार
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बुधवार को विधि छात्र एवं अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम खून से लिखा एक पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। नाराज छात्रों ने नए नियमों पर विरोध जताते हुए इसे तत्काल वापस लिए जाने की मांग की।
हाथों में बैनर-पोस्टर लिये छात्रों का कहना था कि इससे सामान्य जाति एवं आरक्षित वर्ग के छात्रोें में टकराव की स्थिति बनेगी। इस नियम को तत्काल खत्म किए जाने की आवश्यकता है। सवर्ण समाज के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं अधिवक्ताओं की अगुवाई करते हुए संजीव तिवारी ने कहा कि यूजीसी के नए प्रावधान सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ है। बिना सभी पक्षों को सुने एकतरफा कानून बनाया गया है। इससे सामान्य जाति और आरक्षित वर्ग के छात्रों के बीच टकराव की स्थिति पैदा होगी। अखिलेश वाजपेयी, अमित शर्मा, विशाल सक्सेना, अनुज गोस्वामी, पंडित पुनीत रिछारिया आदि ने आशंका जताते हुए कहा कि आने वाले समय में द्वेष भावना से किसी सामान्य वर्ग के छात्र को आसानी से झूठे आरोप में फंसाया जा सकता है। इससे उसका भविष्य बर्बाद हो सकता है।
मोंठ ब्लॉक से प्रदर्शन में शामिल होने आईं छात्रा सोनम राज सिंह ने नए नियम को समाज के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न करने वाला किसी भी जाति या समुदाय से हो सकता है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान सोनू भार्गव, अंकित भार्गव, दीपेंद्र गौतम, कौशलेंद्र सिंह, आदित्य बादल, मनीष पटसरिया, दिशांत नायक, आकाश पांडेय, सचिन मिश्रा, शिवम भार्गव, सौरभ शिवहरे, प्रदीप सिंह चौहान समेत अन्य उपस्थित रहे।
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हाथों में बैनर-पोस्टर लिये छात्रों का कहना था कि इससे सामान्य जाति एवं आरक्षित वर्ग के छात्रोें में टकराव की स्थिति बनेगी। इस नियम को तत्काल खत्म किए जाने की आवश्यकता है। सवर्ण समाज के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं अधिवक्ताओं की अगुवाई करते हुए संजीव तिवारी ने कहा कि यूजीसी के नए प्रावधान सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ है। बिना सभी पक्षों को सुने एकतरफा कानून बनाया गया है। इससे सामान्य जाति और आरक्षित वर्ग के छात्रों के बीच टकराव की स्थिति पैदा होगी। अखिलेश वाजपेयी, अमित शर्मा, विशाल सक्सेना, अनुज गोस्वामी, पंडित पुनीत रिछारिया आदि ने आशंका जताते हुए कहा कि आने वाले समय में द्वेष भावना से किसी सामान्य वर्ग के छात्र को आसानी से झूठे आरोप में फंसाया जा सकता है। इससे उसका भविष्य बर्बाद हो सकता है।
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मोंठ ब्लॉक से प्रदर्शन में शामिल होने आईं छात्रा सोनम राज सिंह ने नए नियम को समाज के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न करने वाला किसी भी जाति या समुदाय से हो सकता है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान सोनू भार्गव, अंकित भार्गव, दीपेंद्र गौतम, कौशलेंद्र सिंह, आदित्य बादल, मनीष पटसरिया, दिशांत नायक, आकाश पांडेय, सचिन मिश्रा, शिवम भार्गव, सौरभ शिवहरे, प्रदीप सिंह चौहान समेत अन्य उपस्थित रहे।
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