Jhansi: स्क्रब टाइफस ने फैलाए पांव एक पखवाड़े में नौ मरीज मिले, सीएमओ ने रोकथाम के लिए 11 विभागों को लगाया
यह संक्रमित चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने से फैलता है। इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, शरीर पर चकत्ते होते हैं। एंटीबायोटिक दवाओं से इसका उपचार किया जाता है।
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जिले में स्क्रब टाइफस रोगियों का मिलना शुरू हो गया है। एक पखवाड़े में मेडिकल कॉलेज में नौ रोगी भर्ती हो चुके हैं जिनमें से तीन का उपचार जारी है। इसको लेकर सीएमओ ने 11 विभागों को रोकथाम के आदेश दिए हैं। रोगियों के घरों के आसपास घास-झाड़ियों की कटाई कर कीटनाशक का छिड़काव करने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का कहना है हर बारिश-गर्मी के मौसम में इक्का-दुक्का स्क्रब टाइफस रोगी मिल जाते हैं मगर इस बार एक पखवाडे में नौ रोगियों को भर्ती करके उपचार किया गया है। वर्तमान में तीन रोगियों का उपचार जारी हैं। तीनों मरीज झांसी के रहने वाले हैं। जिनकी उनकी 45, 44 और 19 साल है। डॉक्टरों का कहना है कि समय से उपचार नहीं मिलने पर स्क्रब टाइफस से पीड़ित मरीजों को मेनिनजाइटिस, हेपेटाइटिस और गुर्दे खराब होने का खतरा होता है।
डॉक्टरों ने बताया कि स्क्रब टाइफस रोग जीवाणु संक्रमण से होता है, जिसे ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया कहते हैं। यह संक्रमित चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने से फैलता है। इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, शरीर पर चकत्ते होते हैं। एंटीबायोटिक दवाओं से इसका उपचार किया जाता है। राहत की बात यह है कि इसका संक्रमण उसी को होता है, जिसको चिगर्स काटते हैं। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रामबाबू सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में नौ मरीज उपचार के लिए आ चुके है, जिनमें तीन का इलाज चल रहा है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। समय से उपचार कराएं तो जल्द राहत मिल सकती है।
रोकथाम के लिए 11 विभागों को दिए निर्देश
सीएमओ ने कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, बीएसए, डीआईओएस, दिव्यांग अधिकारी, नगर निगम, पशुपालन समेत 11 विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखा है।