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Jhansi: चिरगांव में साहित्य त्रिवेणी स्वागत द्वार का हुआ लोकार्पण, विकास कार्यों की भी हुई घोषणा
Sat, 05 Sep 2026 07:19 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 05 Sep 2026 07:19 PM IST
सार
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए चिरगांव को 'लेखक गांव' के रूप में विकसित करने की बात कही गई।
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कानपुर के विधायक सलिल विश्नोई।
- फोटो : संवाद।
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विस्तार
चिरगांव में राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त, संत कवि सियारामशरण गुप्त और मुंशी अजमेरी की स्मृति में उनकी जन्मभूमि चिरगांव में साहित्य त्रिवेणी स्वागत द्वार का लोकार्पण किया गया। कानपुर के विधायक सलिल विश्नोई की निधि द्वारा कराए गए निर्माण के बाद शनिवार को हुए लोकार्पण समारोह में सांसद अनुराग शर्मा, विधायक राजीव सिंह, दर्जा प्राप्त मंत्री जमुना प्रसाद कुशवाहा, डॉ विजय खैरा, विधायक जवाहर सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
साहित्यिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना
मुख्य अतिथि एमएलसी सलिल विश्नोई ने कहा कि चिरगांव साहित्य की त्रिवेणी के समान है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीनों साहित्यकारों की स्मृतियों को संजोकर चिरगांव को एक साहित्यिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने नगर में स्थापित राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा की साफ-सफाई और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
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साहित्यिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना
मुख्य अतिथि एमएलसी सलिल विश्नोई ने कहा कि चिरगांव साहित्य की त्रिवेणी के समान है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीनों साहित्यकारों की स्मृतियों को संजोकर चिरगांव को एक साहित्यिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने नगर में स्थापित राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा की साफ-सफाई और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम में सांसद अनुराग शर्मा।
- फोटो : संवाद
चिरगांव को 'लेखक गांव' बनाने का प्रस्ताव
सांसद अनुराग शर्मा ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि चिरगांव को 'लेखक गांव' के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने 'भारत-भारती' और 'नर हो न निराश करो मन को' जैसी रचनाओं का उल्लेख किया। सांसद ने यह भी बताया कि चिरगांव में एक संग्रहालय के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विधायक द्वारा रखी गई रेलवे फ्लाईओवर की मांग को पूरा कराने का प्रयास करने की भी बात कही।
सांसद अनुराग शर्मा ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि चिरगांव को 'लेखक गांव' के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने 'भारत-भारती' और 'नर हो न निराश करो मन को' जैसी रचनाओं का उल्लेख किया। सांसद ने यह भी बताया कि चिरगांव में एक संग्रहालय के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विधायक द्वारा रखी गई रेलवे फ्लाईओवर की मांग को पूरा कराने का प्रयास करने की भी बात कही।
कार्यक्रम में विधायक राजीव सिंह।
- फोटो : संवाद
विकास कार्यों की घोषणा और सम्मान समारोह
विधायक राजीव सिंह ने बताया कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के नाम पर नगर की सड़क का दोहरीकरण प्रस्तावित है, जिस पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। उन्होंने क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर आयोजित समारोह में साहित्यकारों, शिक्षकों और पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के आयोजक प्रमोद गुप्त ने मुंशी अजमेरी, राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त और सियाराम शरण गुप्त के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला।
विधायक राजीव सिंह ने बताया कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के नाम पर नगर की सड़क का दोहरीकरण प्रस्तावित है, जिस पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। उन्होंने क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर आयोजित समारोह में साहित्यकारों, शिक्षकों और पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के आयोजक प्रमोद गुप्त ने मुंशी अजमेरी, राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त और सियाराम शरण गुप्त के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला।