फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi records NPAs worth 7.80 billion; agricultural loans account for the highest share of bad debt.

Jhansi News: झांसी में 7.80 अरब का एनपीए, सबसे ज्यादा डूबा कृषि ऋण

Mon, 06 Jul 2026 01:56 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
Jhansi records NPAs worth 7.80 billion; agricultural loans account for the highest share of bad debt.
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन


झांसी। बैंकों में सबसे ज्यादा फंसा हुआ कर्ज नान परफार्मिंग एसेट्स (एनपीए) कृषि ऋण के तौर पर सामने आया है। झांसी में सरकारी एवं प्राइवेट बैंकों ने 39,306 खातों से बांटा गया 5.01 अरब रुपये का कृषि ऋण अब तक एनपीए हो चुका। दूसरे स्थान पर एनएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) सेक्टर है। इस सेक्टर को दिए 1.58 अरब एनपीए हो गए। अन्य सेक्टरों में भी एनपीए वाले खातों में इजाफा हुआ है।
खेतीबाड़ी से लेकर सरकारी योजनाओं के पात्रों को बैंक मामूली ब्याज दरों में ऋण देते हैं। सरकारी एवं प्राइवेट बैंक 90.21 अरब रुपये बतौर ऋण के तौर पर दे चुके लेकिन, इसमें से बैंकों के 7.80 अरब रुपये वापस नहीं आए। खेती किसानी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से रियायती ब्याज पर ऋण दिया गया। कृषि उपकरण समेत अन्य कृषि कार्य के लिए भी कर्ज दिया गया, लेकिन पैसा समय पर बैंकों तक वापस नहीं आता। कृषि कार्य में दिया 501 करोड़ रुपये एनपीए हो गया। यह पूरे एनपीए रकम का 64 फीसदी है। वहीं, एमएसएमई सेक्टर ने 158 करोड़, सरकारी योजनाओं के खाता धारकों ने 12 करोड़, एनआरएलएम के 223 खाताधारकों ने 8 करोड़ नहीं लौटाए। हालांकि, बैंक अफसरों का कहना है कि अनुपातिक तौर पर कृषि ऋण का एनपीए अधिक नहीं बढ़ा है।
विज्ञापन

एलडीएम योगेश ठाकुर का कहना है कि समय से ऋण न लौटाने की वजह से बैंकों को मजबूरन यह बैंक खाते एनपीए में डालना पड़ा। हालांकि, इनसे रिकवरी के प्रयास भी बैंक लगातार करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

0000

40 करोड़ तक बढ़ चुका एनपीए
वित्तीय वर्ष 2022-23 की समाप्ति पर झांसी में बैंकों का एनपीए 6.50 अरब रुपये था। लेकिन, बाद में यह रकम बढ़ती गई। अब 7.80 अरब हो चुका है। पिछले वित्तीय साल में यह 7.40 अरब था। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष में करीब 40 करोड़ रुपये का एनपीए बढ़ गया।

000

कृषि ऋण के एनपीए होने के पीछे मौसम की भूमिका
बुंदेलखंड में खेती-किसानी के लिए सबसे बड़ी बाधा पिछले कई फसली सीजन के दौरान मौसम बनकर उभरा है। पिछले लगातार पांच फसली सीजन में रबी और खरीफ की फसल मौसम की बेरुखी की वजह से खराब हो गई। फसल खराब होने से किसानों को काफी नुकसान हुआ। इस वजह से वह बैंकों से लिया हुआ कर्ज वापस नहीं कर पा रहे हैं।
0000

प्रमुख बैंक का एनपीए (करोड़ रुपये में)
पंजाब नेशनल बैंक : 290
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) : 170
ग्रामीण बैंक : 110
एचडीएफसी बैंक : 21
इंडियन बैंक : 8
इंडसइंड बैंक : 6
आईसीआईसीआई बैंक 7
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed