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झांसी: मेहंदी बाग में पुरुषोत्तम मास पर रासलीला शुरू, आकाशवाणी से कांपा कंस, 7 संतानों को कारागार में ही मारा

Sat, 13 Jun 2026 07:21 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sat, 13 Jun 2026 07:21 AM IST
सार

रासलीला महोत्सव का प्रथम दिवस भव्य रूप से संपन्न हुआ। वृंदावन से पधारे कलाकारों ने श्रीकृष्ण जन्म लीला का ऐसा सजीव मंचन किया कि पूरा मंदिर परिसर भाव-विभोर हो उठा।
 

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Jhansi: Raslila begins at Mehndi Bagh during Purushottam Maas
मेहंदी बाग मंदिर में होती रासलीला का मंचन करते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेहंदी बाग स्थित राम-जानकी मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर 12 जून से 18 जून तक चलने वाले सात दिवसीय वृंदावन की सबसे मशहूर रासलीला महोत्सव का प्रथम दिवस भव्य रूप से संपन्न हुआ। वृंदावन से पधारे देवेंद्र वशिष्ठ के नेतृत्व में श्री हित आदर्श कृष्ण कला भक्तमाल चरित्र लीला संस्थान के कलाकारों ने श्रीकृष्ण जन्म लीला का ऐसा सजीव मंचन किया कि पूरा मंदिर परिसर भाव-विभोर हो उठा।
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पहले दिन का मुख्य प्रसंग: कंस का अत्याचार
मंचन की शुरुआत मथुरा से हुई। मथुरा नरेश कंस ने अपनी चचेरी बहन देवकी का विवाह वसुदेव जी से बड़े धूमधाम और प्रेम से कराया। विवाह के बाद जब कंस स्वयं रथ हांककर देवकी-वासुदेव को विदा करने चला, तभी अचानक आकाश गूंज उठा।
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आकाशवाणी सुन कांप गया कंस
आकाश से गंभीर वाणी गूंजी - "हे कंस! तू जिसे बड़े लाड़-प्यार से विदा कर रहा है, उसी देवकी का आठवां पुत्र तेरा काल बनेगा। वही तेरा वध करेगा।" आकाशवाणी सुनते ही कंस का चेहरा क्रोध से तमतमा गया। उसने तत्काल तलवार निकालकर देवकी को मारना चाहा, पर वासुदेव जी के समझाने पर उसने दोनों को कारागार में डाल दिया और कड़ा पहरा बैठा दिया। कंस के डर से वासुदेव-देवकी कारागार में ही रहने लगे। वहां देवकी ने एक-एक कर 7 संतानों को जन्म दिया। लेकिन कंस ने अपनी मृत्यु के भय से उन सातों नवजात शिशुओं को जन्म लेते ही पत्थर पर पटककर मार डाला। कारागार का यह दृश्य देखकर पंडाल में बैठे भक्तों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद आठवीं संतान के रूप में भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की आधी रात को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।
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आगे यह होंगे मंचन
महंत रामप्रियदास ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में प्रतिदिन शाम 7 से रात 10 बजे तक पूतना वध, माखन चोरी, गोवर्धन लीला जैसे प्रसंगों का मंचन होगा। कार्यक्रम में भानु प्रकाश, कपूरी देवी, अशोक खरे,  सुमन, रजनी, सीमा, अमित नामदेव, गोविंददास, आनंद राय, चतुर सिंह राजपूत मौजूद रहे।
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