झांसी: स्टेशन के साथ कंपनियों का ब्रांड नाम जोड़ेगा रेलवे, आय बढ़ाने के लिए तैयार की योजना
रेल प्रशासन आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी के तहत अब स्टेशनों के नाम के साथ प्राइवेट कंपनियों के उत्पादों का नाम जोड़कर रेलवे कमाई करेगा। इसके लिए कंपनियों से एक से तीन साल का अनुबंध किया जाएगा।
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आने वाले दिनों में झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के नाम के साथ किसी कंपनी के पिज्जा, बर्गर या किसी इलेक्ट्रानिक ब्रांड का नाम नजर आए तो कोई अचरज की बात नहीं होगी। आय बढ़ाने के लिए रेलवे अब निजी कंपनियों से अनुबंध करेगा, जिसके तहत कंपनियां स्टेशन के नाम के साथ अपने ब्रांड का नाम जोड़कर प्रचार-प्रसार कर सकेंगी।
रेल प्रशासन द्वारा महकमे की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत अब स्टेशनों के नाम के साथ प्राइवेट कंपनियों के उत्पादों का नाम जोड़कर रेलवे कमाई करेगा। इसके लिए कंपनियों से एक से तीन साल का अनुबंध किया जाएगा। स्टेशन के नाम के साथ केवल दो शब्दों के ब्रांड का नाम जोड़ा जाएगा। इससे बड़ा नाम होने पर कंपनी का केवल लोगो ही लगाया जाएगा। मंडल मुख्यालय व अन्य बड़े स्टेशनों के साथ अपना नाम जुड़वाने पर कंपनियों को ज्यादा रकम चुकानी होगी।
तंबाकू, शराब के विज्ञापन नहीं लगेंगे
हालांकि, तंबाकू उत्पाद, अल्कोहल या अन्य असामाजिक उत्पाद का रेलवे प्रचार नहीं करेगा। रेल प्रशासन के निर्देशों के बाद रेल मंडलों की व्यापार विकास इकाइयों द्वारा इस पर काम शुरू कर दिया गया है। विज्ञापन देने वालों की तलाश की जा रही है। वहीं, रेल प्रशासन की ओर से ये भी स्पष्ट कर दिया गया है कि टिकट, पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम, नेशनल इंक्वायरी सिस्टम और उद्घोषणा में कहीं भी स्टेशन के नाम के साथ ब्रांड का नाम नहीं जोड़ा जाएगा।
रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं में लगातार इजाफा किया जा रहा है। इसके अलावा आय के स्रोत भी बढ़ाए जा रहे हैं। इसी के तहत यह योजना शुरू की गई है। रेलवे की व्यापार विकास इकाइयों ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
- मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी