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Jhansi: सिर्फ सात के पास एनओसी बाकी होटलाें में जिंदगी दाव पर, महानगर में हैं एक सैकड़ा से अधिक
Sat, 06 Jun 2026 03:04 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 06 Jun 2026 03:04 PM IST
सार
महानगर में आग लगने की कुछ चर्चित घटनाएं ऐसी है, जिनका आज भी जिक्र होते ही महानगरवासी सहम उठते हैं। इसके बाद भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा।
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पुलिस फायर स्टेशन, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महानगर में महज सात होटल ऐसे है, जिन्हें अग्निशमन विभाग की एनओसी प्राप्त है। वहीं, बिना एनओसी के बाजारों एवं संकरी सड़कों पर संचालित आधा सैकड़ा से अधिक होटल, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस में ठहरने वाले लोगों की जिंदगी दांव पर है।
देशी व विदेशी पर्यटकों को ठहरने के लिए महानगर में करीब एक सैकड़ा बड़े व छोटे होटल, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस संचालित है। कुछ भीड़-भीड़ बाजारों में खुले है तो कुछ चार फीट चौड़ी संकरी सड़कों पर बने हुए है। हालत यह है कि आपातकालीन स्थिति में दमकल विभाग की गाड़ियों का समय पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
अग्निशमन विभाग के मानकों के अनुसार, होटल संचालन के लिए फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, स्मोक डिटेक्टर और पर्याप्त वेंटिलेशन जैसी व्यवस्थाएं आवश्यक होती हैं। जिन प्रतिष्ठानों में ये मानक पूरे नहीं होते, वहां आग लगने की स्थिति में जान-माल का भारी नुकसान होने संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके महानगर में बड़ी संख्या में छोटे व बड़े होटल, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे है। अभी तक जिम्मेदार विभाग जांच कर ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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पूर्व की घटनाओं से भी नहीं लिया सबक...
महानगर में आग लगने की कुछ चर्चित घटनाएं ऐसी है, जिनका आज भी जिक्र होते हीं महा नगरवासी सहम उठते है। इसमें सीपरी बाजार के बीआर ट्रेडर्स में भीषण आग में आस-पास की दुकानों को भी चपेट में ले लिया था। आग की चपेट में चार से पांच लोगों की जान व माल दोनों का बड़ा नुकसान हुआ था। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज मं नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में आग से 10 मासूम की मौत हुई थी। बड़ा बाजार में गोदाम में रात के समय आग लगने अफरा-तफरी मची थी। यही आग दिन के समय लगती तो दमकल विभाग का पहुंचना आसान न था। राई का ताजिया क्षेत्र में पूनम साड़ी की दुकान में आग लगने की घटना में बा-मुश्किल दमकल विभाग की गाड़ियां स्थल पर पहुंच सकी थी। इसी प्रकार अन्य घटनाएं सामने आने के बाद भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा।
इनका यह है कहना
महानगर के सात होटलों को अग्निशमन विभाग की एनओसी दी गई है। अग्निशमन विभाग लगातार शहर के नर्सिंग होम, होटलों, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस की जांच करता है। अग्निशमन मानकों पर खरा साबित न होने पर नोटिस दिया जाता है। राज किशोर राय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी झांसी
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देशी व विदेशी पर्यटकों को ठहरने के लिए महानगर में करीब एक सैकड़ा बड़े व छोटे होटल, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस संचालित है। कुछ भीड़-भीड़ बाजारों में खुले है तो कुछ चार फीट चौड़ी संकरी सड़कों पर बने हुए है। हालत यह है कि आपातकालीन स्थिति में दमकल विभाग की गाड़ियों का समय पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
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अग्निशमन विभाग के मानकों के अनुसार, होटल संचालन के लिए फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, स्मोक डिटेक्टर और पर्याप्त वेंटिलेशन जैसी व्यवस्थाएं आवश्यक होती हैं। जिन प्रतिष्ठानों में ये मानक पूरे नहीं होते, वहां आग लगने की स्थिति में जान-माल का भारी नुकसान होने संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके महानगर में बड़ी संख्या में छोटे व बड़े होटल, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे है। अभी तक जिम्मेदार विभाग जांच कर ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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पूर्व की घटनाओं से भी नहीं लिया सबक...
महानगर में आग लगने की कुछ चर्चित घटनाएं ऐसी है, जिनका आज भी जिक्र होते हीं महा नगरवासी सहम उठते है। इसमें सीपरी बाजार के बीआर ट्रेडर्स में भीषण आग में आस-पास की दुकानों को भी चपेट में ले लिया था। आग की चपेट में चार से पांच लोगों की जान व माल दोनों का बड़ा नुकसान हुआ था। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज मं नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में आग से 10 मासूम की मौत हुई थी। बड़ा बाजार में गोदाम में रात के समय आग लगने अफरा-तफरी मची थी। यही आग दिन के समय लगती तो दमकल विभाग का पहुंचना आसान न था। राई का ताजिया क्षेत्र में पूनम साड़ी की दुकान में आग लगने की घटना में बा-मुश्किल दमकल विभाग की गाड़ियां स्थल पर पहुंच सकी थी। इसी प्रकार अन्य घटनाएं सामने आने के बाद भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा।
इनका यह है कहना
महानगर के सात होटलों को अग्निशमन विभाग की एनओसी दी गई है। अग्निशमन विभाग लगातार शहर के नर्सिंग होम, होटलों, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस की जांच करता है। अग्निशमन मानकों पर खरा साबित न होने पर नोटिस दिया जाता है। राज किशोर राय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी झांसी