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झांसी में पांच हजार लोगों की अटकी सांसें, पता नहीं रिपोर्ट निगेटिव है या पॉजिटिव

Wed, 21 Apr 2021 02:10 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 02:10 AM IST
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झांसी मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर की जांच देरी से आ रही है। - फोटो : ???? ????
झांसी में पांच हजार लोगों की अटकी सांसें, पता नहीं रिपोर्ट निगेटिव है या पॉजिटिव
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झांसी। झांसी में पांच हजार लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि उनकी रिपोर्ट निगेटिव है या पॉजिटिव, क्योंकि मेडिकल कॉलेज की लैब से आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में पांच से छह दिन लग रहे है। ऐसे में मरीज परिवार के दूसरे लोगों को संक्रमित कर देता है। जबकि, रोजाना 1200 के आसपास आरटीपीसीआर सैंपल लिए जा रहे हैं। झांसी में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने का यह भी एक कारण है।
झांसी में सिर्फ मेडिकल कॉलेज में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा हैं। हालांकि, यहां पर ललितपुर समेत कुछ और जनपदों के भी नमूने जांच के लिए आते हैं। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। ऐसे में सैंपलिंग भी बढ़ी है। मगर आरटीपीसीआर मशीन से होने वाली जांच की रिपोर्ट आने में पांच दिन का समय लग रहा है। इससे कोरोना सैंपल देने वाला व्यक्ति काफी परेशान रहता है। समझ ही नहीं आता कि उसे वायरल है या कोरोना। ऐसे में पांच दिनों में कभी न कभी उसके परिवार के अन्य सदस्य संपर्क में आकर संक्रमित हो जाते हैं। झांसी में कोरोना संक्रमण बढ़ने के पीछे जांच रिपोर्ट में देरी भी कारण माना जा रहा है।
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कइयों की हालत भी बिगड़ जाती
बुखार, खांसी या जुकाम होने के एक-दो दिन बाद ही कोई व्यक्ति कोरोना की जांच कराता है। इसके बाद रिपोर्ट आने में पांच दिन लग जाते हैं, तो कइयों की हालत बिगड़ भी जाती है। कइयों की ऑक्सीजन कम हो जाती है तो कइयों को निमोनिया। छह-सात दिन बाद जब वह भर्ती होता है तो स्थिति काफी गंभीर हो जाती है।
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मेडिकल कॉलेज दो नई मशीन मंगवाएगा
कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दो नई आरटीपीसीआर मशीन मंगवाने का फैसला लिया है। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग से मशीनों की संख्या, प्रतिदिन उनसे होने वाली जांच और रिपोर्ट आने में लगने वाले समय आदि की जानकारी मांगी है। एक-दो दिन में कॉलेज प्रशासन की तरफ से मशीन खरीद के संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।

वर्जन..
आरटीपीसीआर जांच में पूल सैंपलिंग (एक साथ कई नमूनों का मिश्रण) की जा रही है। जब कोरोना का प्रसार कम था तो इक्का-दुक्का पूल में ही पॉजिटिव मिलते थे मगर अब तो अधिकतर पूल की सकारात्मक रिपोर्ट आ रही है। फिर पूल से अलग-अलग सैंपल लगाए जाते हैं। इसी कारण जांच रिपोर्ट आने में कुछ देरी हो रही है। मगर दो नई आरटीपीसीआर मशीन खरीदने का ऑर्डर जारी किया जा रहा है। जल्द ही दो नई मशीन आने से जांच में रफ्तार बढ़ेगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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