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झांसी में 372 और ललितपुर में 245 को लगा मंगल टीका
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मेडिकल कॉलेज में कोरोना का सबसे पहला टीका लगवाते प्राचार्य नरेंद्र सिंह सेंगर। अमर उजाला
झांसी में 372 और ललितपुर में 245 को लगा मंगल टीका
- दोनों जिलों में नौ केंद्रों पर 900 लाभार्थी टीकाकरण के लिए थे पंजीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी और ललितपुर में कोरोना वैक्सीन का मंगल टीका लगवाने को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आया। झांसी में 372 और ललितपुर में 245 डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ समेत स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगवाया। दोनों जिलों में नौ केंद्रों पर 900 लाभार्थी टीकाकरण के लिए पंजीकृत थे। हल्के चक्कर आने पर एक लाभार्थी को एडवर्स इफेक्ट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) वार्ड में भर्ती करना पड़ा। कुछ देर बाद सामान्य होने पर उसे जाने दिया गया।
कोरोना के टीकाकरण का शनिवार को शुभारंभ हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन खत्म होने के तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज में सबसे पहले प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर को टीका लगाया गया। इसके साथ ही सभी चिकित्सालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण का शुभारंभ हो गया। मुख्य द्वार पर सूची में लाभार्थियों के नाम की जांच की गई। सूची में नाम होने के बाद ही उन्हें एंट्री दी गई। लाभार्थियों को पहले प्रतीक्षा कक्ष में बैठाया गया। फिर नंबर आने पर टीकाकरण कक्ष में भेजा गया। यहां पर लाभार्थी को कोरोना का टीका लगाया, इसके बाद 30 मिनट तक निगरानी कक्ष में रखा गया। यहां किसी तरह की कोई समस्या नहीं होने पर लाभार्थी को घर जाने दिया गया।
सीएचसी मोंठ अव्वल, मेडिकल कॉलेज में सबसे कम लगी वैक्सीन
झांसी। जिले में टीकाकरण के लिए निर्धारित केंद्रों में सबसे ज्यादा वैक्सीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ में लगी है। यहां 89 फीसदी लाभार्थियों ने टीका लगवाया। इसके अलावा सीएचसी बंगरा और जिला अस्पताल में भी टीकाकरण की स्थिति काफी बेहतर रही। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सबसे कम टीका लगना चर्चा का विषय बना रहा।
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टीकाकरण के लिए मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी मोंठ और सीएचसी बंगरा को केंद्र बनाया गया था। सभी केंद्रों पर 100-100 लाभार्थी कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए पंजीकृत थे। सुबह सवा 11 बजे के बाद टीकाकरण शुरू हुआ, जो कि शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान झांसी में 500 में 372 लाभार्थियों ने टीका लगवाया। सर्वाधिक 89 फीसदी टीकाकरण सीएचसी मोंठ में हुआ। दूसरे स्थान पर सीएचसी बंगरा और तीसरे पर जिला अस्पताल रहा। मेडिकल कॉलेज सबसे नीचे पायदान पर रहा। सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार रात को सूची मिली, इस कारण कुछ लोगों को टीकाकरण की जानकारी नहीं हो पाई। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि शुक्रवार रात को लाभार्थियों के नाम की सूची रात में मिलने पर सभी को फोन करके जानकारी दे दी गई थी। 50 लाभार्थियों को क्यों टीका नहीं लग सकता, इसकी समीक्षा होगी।
टीकाकरण केंद्र पंजीकृत टीका लगा
सीएचसी मोंठ 100 89
सीएचसी बंगरा 100 87
जिला अस्पताल 100 77
महिला अस्पताल 100 69
मेडिकल कॉलेज 100 50
स्वास्थ्य कर्मी को कुछ देर के लिए आए चक्कर
झांसी/मोंठ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ में स्वास्थ्य कर्मचारी कुसमा वर्मा को टीका लगने के बाद थोड़े देर के लिए चक्कर आ गया। सिर में दर्द और आंखों में जलन शुरू हो गई। स्टाफ ने उन्हें एडवर्स इफेक्ट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) वार्ड में पहुंचाया। कुछ कर्मचारियों ने भी सिर में भारीपन की शिकायत की पर बाद में सभी सामान्य हो गए। डॉक्टरों का कहना है कि यह सामान्य बात है। ऐसा होता रहता है। वैक्सीन का किसी भी तरह का साइड इफेक्ट नहीं है। कभी चुनिंदा लोगों को ऑपरेशन कराते समय, सुई लगवाते समय बेचैनी हो जाती है। इसी वजह से मामूली समस्याएं आ जाती हैं।
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- दोनों जिलों में नौ केंद्रों पर 900 लाभार्थी टीकाकरण के लिए थे पंजीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी और ललितपुर में कोरोना वैक्सीन का मंगल टीका लगवाने को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आया। झांसी में 372 और ललितपुर में 245 डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ समेत स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगवाया। दोनों जिलों में नौ केंद्रों पर 900 लाभार्थी टीकाकरण के लिए पंजीकृत थे। हल्के चक्कर आने पर एक लाभार्थी को एडवर्स इफेक्ट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) वार्ड में भर्ती करना पड़ा। कुछ देर बाद सामान्य होने पर उसे जाने दिया गया।
कोरोना के टीकाकरण का शनिवार को शुभारंभ हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन खत्म होने के तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज में सबसे पहले प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर को टीका लगाया गया। इसके साथ ही सभी चिकित्सालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण का शुभारंभ हो गया। मुख्य द्वार पर सूची में लाभार्थियों के नाम की जांच की गई। सूची में नाम होने के बाद ही उन्हें एंट्री दी गई। लाभार्थियों को पहले प्रतीक्षा कक्ष में बैठाया गया। फिर नंबर आने पर टीकाकरण कक्ष में भेजा गया। यहां पर लाभार्थी को कोरोना का टीका लगाया, इसके बाद 30 मिनट तक निगरानी कक्ष में रखा गया। यहां किसी तरह की कोई समस्या नहीं होने पर लाभार्थी को घर जाने दिया गया।
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सीएचसी मोंठ अव्वल, मेडिकल कॉलेज में सबसे कम लगी वैक्सीन
झांसी। जिले में टीकाकरण के लिए निर्धारित केंद्रों में सबसे ज्यादा वैक्सीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ में लगी है। यहां 89 फीसदी लाभार्थियों ने टीका लगवाया। इसके अलावा सीएचसी बंगरा और जिला अस्पताल में भी टीकाकरण की स्थिति काफी बेहतर रही। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सबसे कम टीका लगना चर्चा का विषय बना रहा।
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टीकाकरण के लिए मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी मोंठ और सीएचसी बंगरा को केंद्र बनाया गया था। सभी केंद्रों पर 100-100 लाभार्थी कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए पंजीकृत थे। सुबह सवा 11 बजे के बाद टीकाकरण शुरू हुआ, जो कि शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान झांसी में 500 में 372 लाभार्थियों ने टीका लगवाया। सर्वाधिक 89 फीसदी टीकाकरण सीएचसी मोंठ में हुआ। दूसरे स्थान पर सीएचसी बंगरा और तीसरे पर जिला अस्पताल रहा। मेडिकल कॉलेज सबसे नीचे पायदान पर रहा। सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार रात को सूची मिली, इस कारण कुछ लोगों को टीकाकरण की जानकारी नहीं हो पाई। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि शुक्रवार रात को लाभार्थियों के नाम की सूची रात में मिलने पर सभी को फोन करके जानकारी दे दी गई थी। 50 लाभार्थियों को क्यों टीका नहीं लग सकता, इसकी समीक्षा होगी।
टीकाकरण केंद्र पंजीकृत टीका लगा
सीएचसी मोंठ 100 89
सीएचसी बंगरा 100 87
जिला अस्पताल 100 77
महिला अस्पताल 100 69
मेडिकल कॉलेज 100 50
स्वास्थ्य कर्मी को कुछ देर के लिए आए चक्कर
झांसी/मोंठ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ में स्वास्थ्य कर्मचारी कुसमा वर्मा को टीका लगने के बाद थोड़े देर के लिए चक्कर आ गया। सिर में दर्द और आंखों में जलन शुरू हो गई। स्टाफ ने उन्हें एडवर्स इफेक्ट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) वार्ड में पहुंचाया। कुछ कर्मचारियों ने भी सिर में भारीपन की शिकायत की पर बाद में सभी सामान्य हो गए। डॉक्टरों का कहना है कि यह सामान्य बात है। ऐसा होता रहता है। वैक्सीन का किसी भी तरह का साइड इफेक्ट नहीं है। कभी चुनिंदा लोगों को ऑपरेशन कराते समय, सुई लगवाते समय बेचैनी हो जाती है। इसी वजह से मामूली समस्याएं आ जाती हैं।