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राम जन्मभूमि आंदोलन में दूसरी अयोध्या बन गई थी झांसी
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अयोध्या में कारसेवा के दौरान आचार्य हरिओम पाठक और उनके साथी।
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झांसी। मर्यादा पुरु षोत्तम भगवान राम की जन्मभूमि को लेकर हुए आंदोलन से झांसी का भी नाता रहा है। आंदोलन के दौर में झांसी को दूसरी अयोध्या बना दिया गया था। हजारों की संख्या में कारसेवकों को शहर की प्रमुख धर्मशालाओं में ठहराया गया था। साथ ही, जन्मभूमि आंदोलन से जुडे़ प्रमुख नेता भी ललितपुर के माताटीला स्थित गेस्ट हाउस में नजरबंद किए गए। अयोध्या में रामजन्मभूमि के भूमि पूजन की तिथि तय होने के बाद उस दौर में आंदोलन में शामिल रहे कारसेवकों में खासा उत्साह है। उन्होंने अमर उजाला से आंदोलन के दौर की यादें साझा कीं।
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मंदिर निर्माण के लिए की थी कारसेवा
मंदिर आंदोलन से जुडे़ रहे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धन्नूलाल गौतम को मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने की काफी खुशी है। वे बताते हैं कि आंदोलन के दौरान उन्होंने अपने सात साथियों के साथ अयोध्या पहुंचकर मंदिर निर्माण में कारसेवा की थी। वे बताते हैं कि उस दौरान झांसी एक तरह से दूसरी अयोध्या बन गई थी। हजारों की संख्या में कारसेवक झांसी पहुंचे थे। प्रशासन ने सारे रास्ते बंद कर दिए थे, इसके चलते कारसेवकों को झांसी में रोका गया। उन्होंने कहा कि जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, हरिमोहन डालमिया, उमा भारती और विनय कटियार को माताटीला के गेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया था। उनसे मिलने के लिए पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, आरएसएस के तत्कालीन सरसंघ चालक रज्जू भैया पहुंचे थे। वे कहते हैं कि भगवान राम मंदिर की सालों पुरानी आस पूरी होने जा रही है।
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लाठीचार्ज में सिर पर खाई चोट
राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अयोध्या कारसेवा करने पहुंचे भानुप्रताप सिंह परिहार को पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान सिर पर चोट लगी थी। वे बताते हैं कि आंदोलन शुरू होने के बाद प्रशासन ने अयोध्या जाने के सारे रास्ते बंद कर दिए थे। इसके बाद वे अपने साथियों के साथ पटना होते हुए तीन दिन में अयोध्या पहुंचे। मंच पर साध्वी ऋतंभरा का भाषण चल रहा था। साथ ही जन्मभूमि आंदोलन के लिए बलिदान के गीत गूंज रहे थे। वे कहते हैं कि रामलला अपने मंदिर में विराजमान होेंगे। इसकी काफी खुशी है।
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लोगों में था गजब का जुनून
आचार्य हरिओम पाठक भी कारसेवा में शामिल हुए थे। वे कहते हैं कि कारसेवा के दौरान झांसी में हजारों राम भक्त आए थे। जिन्हें जीआईसी और लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में रुकवाया गया था। जिसका पूरा प्रबंध झांसी की जनता के सहयोग से कराया गया। वे बताते हैं कि अयोध्या में कारसेवा को लेकर गजब का जुनून था। राम मंदिर निर्माण को लेकर वे कहते हैं कि भगवान राम के प्रति आस्था और विश्वास का परिणाम है कि मंदिर का भूमि पूजन होने जा रहा है।
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बुंदेलखंड से भगवान राम का गहरा नाता
बुंदेलखंड से भगवान राम का गहरा नाता है। वनवास के दौरान भगवान राम ने 13 साल बुंदेलखंड के चित्रकूट में बिताए थे। इसके साथ ही ओरछा में आज भी भगवान राम विराजते हैं। अयोध्या के बाद ओरछा में भगवान राम राजा सरकार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। मान्यता है कि रामराजा सरकार दिन में ओरछा विराजते हैं और रात में अयोध्या में रहते हैं।
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झांसी में जलेंगे दीप
अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर संत समाज में उत्साह है। कोरोना को लेकर पांच अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में लोग पहुंच नहीं सकेंगे। ऐसे में झांसी के मंदिरों में दीप जलाए जाएंगे। साथ ही भूमि पूजन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। कोरोना वायरस के चलते संत और रामभक्त अयोध्या नहीं पहुंच पा रहे हैं। सिद्घेश्वर मंदिर के आचार्य हरिओम पाठक ने बताया कि पांच अगस्त को सभी मंदिरों, घरों में रामभक्त दीप जलाकर पूजन और राम नाम का जाप करेंगे। राष्ट्रीय संत सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय संयोजक रामेश्वर गिरि और विहिप के विभाग मंत्री पंकज गुप्ता ने बताया कि पांच अगस्त को मंदिरों में भूमिपूजन का टेलीविजन और एलईडी स्क्रीन पर लाइव प्रसारण किया जाएगा।
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मंदिर निर्माण के लिए की थी कारसेवा
मंदिर आंदोलन से जुडे़ रहे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धन्नूलाल गौतम को मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने की काफी खुशी है। वे बताते हैं कि आंदोलन के दौरान उन्होंने अपने सात साथियों के साथ अयोध्या पहुंचकर मंदिर निर्माण में कारसेवा की थी। वे बताते हैं कि उस दौरान झांसी एक तरह से दूसरी अयोध्या बन गई थी। हजारों की संख्या में कारसेवक झांसी पहुंचे थे। प्रशासन ने सारे रास्ते बंद कर दिए थे, इसके चलते कारसेवकों को झांसी में रोका गया। उन्होंने कहा कि जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, हरिमोहन डालमिया, उमा भारती और विनय कटियार को माताटीला के गेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया था। उनसे मिलने के लिए पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, आरएसएस के तत्कालीन सरसंघ चालक रज्जू भैया पहुंचे थे। वे कहते हैं कि भगवान राम मंदिर की सालों पुरानी आस पूरी होने जा रही है।
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लाठीचार्ज में सिर पर खाई चोट
राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अयोध्या कारसेवा करने पहुंचे भानुप्रताप सिंह परिहार को पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान सिर पर चोट लगी थी। वे बताते हैं कि आंदोलन शुरू होने के बाद प्रशासन ने अयोध्या जाने के सारे रास्ते बंद कर दिए थे। इसके बाद वे अपने साथियों के साथ पटना होते हुए तीन दिन में अयोध्या पहुंचे। मंच पर साध्वी ऋतंभरा का भाषण चल रहा था। साथ ही जन्मभूमि आंदोलन के लिए बलिदान के गीत गूंज रहे थे। वे कहते हैं कि रामलला अपने मंदिर में विराजमान होेंगे। इसकी काफी खुशी है।
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लोगों में था गजब का जुनून
आचार्य हरिओम पाठक भी कारसेवा में शामिल हुए थे। वे कहते हैं कि कारसेवा के दौरान झांसी में हजारों राम भक्त आए थे। जिन्हें जीआईसी और लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में रुकवाया गया था। जिसका पूरा प्रबंध झांसी की जनता के सहयोग से कराया गया। वे बताते हैं कि अयोध्या में कारसेवा को लेकर गजब का जुनून था। राम मंदिर निर्माण को लेकर वे कहते हैं कि भगवान राम के प्रति आस्था और विश्वास का परिणाम है कि मंदिर का भूमि पूजन होने जा रहा है।
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बुंदेलखंड से भगवान राम का गहरा नाता
बुंदेलखंड से भगवान राम का गहरा नाता है। वनवास के दौरान भगवान राम ने 13 साल बुंदेलखंड के चित्रकूट में बिताए थे। इसके साथ ही ओरछा में आज भी भगवान राम विराजते हैं। अयोध्या के बाद ओरछा में भगवान राम राजा सरकार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। मान्यता है कि रामराजा सरकार दिन में ओरछा विराजते हैं और रात में अयोध्या में रहते हैं।
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झांसी में जलेंगे दीप
अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर संत समाज में उत्साह है। कोरोना को लेकर पांच अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में लोग पहुंच नहीं सकेंगे। ऐसे में झांसी के मंदिरों में दीप जलाए जाएंगे। साथ ही भूमि पूजन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। कोरोना वायरस के चलते संत और रामभक्त अयोध्या नहीं पहुंच पा रहे हैं। सिद्घेश्वर मंदिर के आचार्य हरिओम पाठक ने बताया कि पांच अगस्त को सभी मंदिरों, घरों में रामभक्त दीप जलाकर पूजन और राम नाम का जाप करेंगे। राष्ट्रीय संत सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय संयोजक रामेश्वर गिरि और विहिप के विभाग मंत्री पंकज गुप्ता ने बताया कि पांच अगस्त को मंदिरों में भूमिपूजन का टेलीविजन और एलईडी स्क्रीन पर लाइव प्रसारण किया जाएगा।