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Jhansi: मां-बेटी की हत्या में भतीजे समेत दो को आजीवन कारावास, संपत्ति विवाद पर उतारा था मौत के घाट

Fri, 20 Jan 2023 10:43 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 20 Jan 2023 10:43 PM IST
सार

न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद आरोपी रघुवीर सिंह और मनोज कुशवाहा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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Jhansi Life imprisonment to two including nephew for murder mother-daughter
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

झांसी में न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फरीदा बेगम की अदालत ने मां-बेटी की हत्या में भतीजे समेत दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। संपत्ति न मिलने पर भतीजे ने दोस्त के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। न्यायालय ने शुक्रवार को पंद्रह साल पुराने मामले में सजा का ऐलान किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय पांडेय ने बताया कि ग्वालटोली निवासी प्रदीप यादव ने 24 अक्तूबर 2007 को सीपरी बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि बीती रात उनकी सास रानी यादव अपनी मां चिरोंजी बाई के साथ टंडन रोड स्थित अपने मकान में थीं। 

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इसी दरम्यान रात में दोनों की किसी अज्ञात व्यक्ति ने हत्या कर दी गई। पड़ोसी की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे। घर में दोनों के शव रक्त रंजित अवस्था में पड़े हुए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी, जिसमें मृतका रानी यादव के भतीजे तालपुरा निवासी रघुवीर सिंह व उसके दोस्त तालपुरा निवासी मनोज कुशवाहा का नाम सामने आया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मृतका रानी यादव की एक पुत्री थी, जिसकी उन्होंने शादी कर दी थी। आरोपी भतीजा रघुवीर सिंह मृतका रानी यादव पर लगातार मकान उसके नाम करने का दबाव बना रहा था। लेकिन, वह इसके के लिए राजी नहीं थी। मृतका अपना मकान अपनी बेटी को देना चाहती थी। घटना से तीन-चार दिन पहले उसने मकान बेटी के नाम कर दिया था। 
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इसी से गुस्साकर रघुवीर ने पहले अपनी चाची रानी यादव की हत्या की और इसके बाद साक्ष्य मिटाने की गरज से रानी की मां चिरोंजी बाई को भी मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद आरोपी रघुवीर सिंह और मनोज कुशवाहा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा दोनों को अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई।

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